संकटा योगिनी
कई बार जीवन में दिक्कतें बहुत बढ़ जाती है, चौतरफा परेशानी आती, आर्थिक, शारीरिक और मानसिक कष्ट होता,
तब भगवान की ओर भागते फिर ज्योतिष की ओर
पर कोई ग्रह साथ नही देता
तब कुंडली में योगिनी दशा जरूर देखें, क्या आपकी संकटा योगिनी तो नही चल रही
योगिनी के बारे में शास्त्र कहते है कि बिना संकटा और भ्रामरी योगिनी का संबंध बने मृत्यु नही होती
तो एक बार चेक जरूर करें।
और इस स्त्रोत को बुकमार्क या रीट्वीट करके रख लीजिए काम आएगा, हर जगह नही मिलता।
~संकटा-स्तोत्रम्~
मार्कण्डेयोवाच-
आनन्दकानने देवी संकटानाम विश्रुता।
वीरेश्वरोत्तरे भागे पूर्वे चन्द्रेश्वरस्य च ॥
श्रृणु नामाष्टकं तस्याः सर्वसिद्धिकरं नृणाम्।
स्तोत्र पाठ-
संकटा प्रथमं नाम द्वितीयां विजया तथा ॥
तृतीया कामना प्रोक्तं चतुर्थं दुःखहारिणी।
शर्वाणी पंचमं नाम षष्ठं कात्यायनी तथा ॥
सप्तमं भीमनयना सर्वरोगहराष्टमम् ।
नामाष्टकमिदं पुण्यं सिसंध्यं श्रद्धयान्वितः ॥
यः पठेत् पाठयेद् वाऽपिनरो मुच्येत् संकटात् ।
इत्युक्त्वा तु नरश्रेष्ठ मृषिर्वाराणसी ययौ ॥
इतितस्य वचः श्रुत्वा नारदो हर्षनिर्भरः ।
ततः संपूज्य तां देवी वीरेश्वरवरसमन्विताम् ॥
भुजैस्तु दशादिभर्युक्तां लोचनत्रयभूषिताम् ।
मालाकमण्डलुयुतां पद्म-शंख-गदायुताम् ॥
त्रिशूलडमरूधरां खड्गचर्मविभूषिताम् ।
वरदाभयहस्तां तां प्रणम्य विधिनन्दन ॥
फलश्रुति-
वास्त्रयं गृहीत्वा तुततो विष्णुपुरं ययौ ।
एतत्स्तोत्रस्य पठनं पुत्र पौत्र विवर्धनम् ॥
संकष्टनाशनं चैवत्रिषु लोकेषु विश्रुतम् ।
गोपनीयं प्रयत्नेन महावन्ध्या प्रसूतिकृत ॥
मेने फेसबुक पर हजारों कुंडली स्टडी करके ये लोगो को दिया था, पर ट्विटर पर इस योगिनी की चर्चा नही होती।
तो पोस्ट कर दिया, किसी को जरूरत हो तो जरूर पढ़ना , बुकमार्क या रीट्वीट करके रख लो।