इस आदमी की बात और सवाल दोनों जायज हैं 👇🏻
मेरा घर 25 बारिश के बाद भी टिका हुआ है, क्योंकि मैं खड़े होकर देखता हूं कि क्या मटेरियल use हो रहा है.
मेरा घर क्यों नहीं टूटता.
सामान्य आदमी घर बनवाता है, वो 50 साल तक टिका रहता है, लेकिन 16 करोड़ का ब्रिज 16 दिन में टूट गया.
भारी टैक्स दो, और बदले में मिले E20 फ्यूल जो गाड़ी का माइलेज घटाए और इंजन को कबाड़ बना दे?
अब चुप रहने का वक्त नहीं है! आइए, Arvind Kejriwal के साथ National Townhall Against E20 में अपनी आवाज़ बुलंद कीजिए।
🗓️ कल, 1 अगस्त | ⏰ 11:30 AM
📍 Constitution Club, New Delhi
🔗 ऑनलाइन जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाएँ: https://t.co/E24Eyvtl3C
#E20TownhallWithKejriwal
बिहार पुलिस का बड़ा फैसला-अब जमादार (ASI) और सिपाही सड़क पर वाहन जांच नहीं करेंगे। गाड़ियों की चेकिंग का अधिकार केवल दारोगा (SI) या उससे ऊपर के अधिकारियों को होगा। आदेश का उल्लंघन करते हुए कोई एएसआई या सिपाही वाहन जांच करता मिला, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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Na khaunga na Khane dunga turned out to be a jumla again.
₹16 crores bridge lasted 16 days, i.e. ₹1cr per day.
What level of corruption is going on in BJP’s double engine Uttarakhand govt??
मानसून सत्र को शुरू हुए 10 दिन हो गए हैं, लेकिन काम की चर्चा नहीं हो रही है,
सिर्फ ये ससुरे एक दूसरे को गरिया रहे हैं, और बाहर आकर मीडिया में रो रहे हैं,
सदन के खर्च का इनसे हिसाब मांगा जाना चाहिए।
दोस्तों, बात सिर्फ एथनॉल की नहीं है,
बात हमारे अधिकार की है। जब सरकार कोई नई नीति लागू करती है, तो उसका असर करोड़ों लोगों पर पड़ता है। ऐसे में क्या जनता को यह जानने का अधिकार नहीं कि उस नीति के नुकसान क्या हो सकते हैं, और उसका हमारी जेब, हमारी गाड़ी और हमारे भविष्य पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं, बल्कि हर नागरिक का अधिकार है।
जागरूक बनिए, जानकारी लीजिए और अपनी राय तथ्यों के आधार पर बनाइए। देश तभी मजबूत होगा जब नीतियों पर खुली चर्चा होगी और जनता की आवाज़ सुनी जाएगी।
चुप मत रहिए। सवाल पूछिए। जवाब माँगिए। यही एक जागरूक नागरिक की सबसे बड़ी ताकत है। 🇮🇳✊
4200 करोड़ से बने कानपुर लखनऊ एक्स्प्रेस को चालू हुए दो हफ्ते हुए और दूसरी बार मरमत्त का काम चालू है,
आप नजदीक जाकर देखेंगे तो आपको मंत्रियों की कोठी, अधिकारियों का कैश और ठेकेदारों की पत्नियों के हीरे के हार नजर आयेंगे
काफी किरकिरी होने के बाद गडकरी जी ने संसद में मान लिया कि E 20 पेट्रोल से कुछ गाड़ियों के पार्ट्स खराब हो सकते हैं,
राज्यसभा में सवाल के जवाब में गडकरी जी ने बताया कि BS 3 गाड़ियों के रबर पार्ट्स को बदलना पड़ सकता हैं,
अब इन साहब को कौन बताए कि BS 3 मॉडल के उपर की गाड़ियों में भी रबर वाले पार्ट्स है और वो भी खराब हो रहे हैं ,
देर सबेर सरकार ये बात भी मान लेगी , क्योंकि इस सरकार को रायता फैला के बटोरने में मजा आता हैं,
जब तक गालियां न खा ले ये लोग सुनते ही नहीं हैं , अभी BS 3 मॉडल के लिए माना है एक दो साल बाद हर गाड़ियों के लिए भी मानेंगे !
एक सरकार , एक सवाल और दो जवाब
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार E 20 पेट्रोल माइलेज पर सरकार ने संसद में दो तरह के जवाब दिए हैं. पेट्रोलियम मंत्रालय ने 20 जुलाई को राज्यसभा में कहा था कि 3-5% तक माइलेज कम हो सकता है. सड़क परिवहन मंत्रालय ने कहा कि 2-6% घटता है. सही कौनसा जवाब माना जाए?
Being middle class in India feels like a trap.
Salary gets credited to your bank account.
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TDS has already been deducted, so you receive your salary after income tax.
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You decide to save and invest your hard-earned money in stocks, mutual funds or FDs.
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Your investment grows and you earn a profit.
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You pay tax on those gains as well (depending on the type of investment).
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Now you decide to buy a TV, phone, laptop or any other product.
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You pay GST on that purchase.
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You go out for lunch or dinner with your family.
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The restaurant bill includes GST too.
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From earning, to investing, to spending...
at almost every stage, there's some form of tax involved.
I'm not saying taxes shouldn't exist , they're essential for running a country. But as a salaried middle class person, it can sometimes feel like you're paying taxes at almost every step of your financial journey.