केंद्रीय मंत्रियों के बंगलों के मरम्मत और रखरखाव पर खर्च किए गए
•2004 से 2009 = 93.50 करोड़
•2014-15 से 2025-26 = 547.68 करोड़
2025 से 2026 में 92 करोड़ अकेले खर्च हुए
आप लोग लगातार मेहनत करके टैक्स देते रहिए ताकि हमारे मंत्रियों के बंगले चमकते रहें।
गाजियाबाद के लोनी में ऑटो चलते चलते गिर गया,
सरकार को तत्काल नशे वाली चीज़ें प्रतिबंधित कर देनी चाहिए।
विधायक : नंदकिशोर गुर्जर @nkgurjar4bjp
सांसद : अतुल गर्ग @AtulGargBJP#yethikkarkedikhao
समाज के लडक पंच जोश जोश में अपनी शेखी बघारने के लिए घोषणा तो कर आते हैं और फिर पीछे मुड़कर देखते ही नहीं है , जिस रास्ते पर स्कूल है उस रास्ते को ही छोड़ देते हैं...!!
मैडम ने जो पोल खोल किया है वो वाक्य में ही काबिल ए तारीफ है🔥🔥
#goodmorning
@educationnagari शानदार पहल! 💯 लाइब्रेरियन भर्ती के इन 101 होल्ड रिजल्ट वाले अभ्यर्थियों का क्या कसूर है? सब कुछ क्लियर होने के बाद भी मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है। Education Nagri ने जो मशाल जलाई है, हम सब उनके साथ हैं। जब तक परिणाम नहीं, तब तक शांत नहीं बैठेंगे! 🚫
इस सवाल का जवाब उस कुंठित व्यक्ति/अधिकारी के पास है जिस ने इन अभ्यर्थियों को बे बुनियाद बाहर करने के लिय अपना ईमान कुछ सिक्कों में बेच दिया,
ईश्वर उसकी परिवेदना का निस्तारण जल्द करेगा..
शुभ समाचार आने वाले है..
@RajeshJakh23637@JBhawria@saten_08
Librarian GR-III भर्ती में बड़ा सवाल?
यदि निजी विश्वविद्यालयों की डिग्री का सत्यापन अंतिम परिणाम के बाद हो रहा है, तो 105 का परिणाम किस आधार पर होल्ड किया गया है ?
क्या वे भी इसी सत्यापन रिपोर्ट पर आधारित थे,या कोई अन्य कारण था?
स्थिति स्पष्ट करें?
@kamal_kanawaria@saten_08
“इंसाफ दो… वरना मौत ही दे दो!”
मध्य प्रदेश के छतरपुर और पन्ना में आदिवासी समाज अपनी ज़मीन, घर, जंगल, संस्कृति और अस्तित्व को बचाने के लिए ‘चिता आंदोलन’ करने को मजबूर है।
जब इंसाफ के सारे दरवाज़े बंद हो जाते हैं, तब लोग अपनी जान दांव पर लगाकर सड़क पर लेटते हैं। उनके लिए अपनी पुश्तैनी पहचान को डूबते देखना, मौत से भी बड़ा दर्द है।
केन–बेतवा लिंक परियोजना के तहत बनने वाले दौधन बांध से लगभग 22 गाँव और 7,000 से अधिक परिवार प्रभावित होंगे।
विकास तभी सार्थक है, जब वह लोगों के अधिकारों और सम्मान को साथ लेकर चले। अगर विकास की कीमत किसी का पूरा जीवन और पहचान है, तो सवाल उठना स्वाभाविक है।
#KenBetwa #Chhatarpur #Panna #Adivasi #Justice #MadhyaPradesh
मीडिया की सुर्खियों से दूर और जंतर-मंतर से अलग, मध्य प्रदेश के छतरपुर में एक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी है।
केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना उनकी भूमि, जंगल, घर, आजीविका और पीढ़ियों से बसे आदिवासी समुदायों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। परियोजना को आगे बढ़ाने से पहले विस्थापन, पुनर्वास और पर्यावरणीय प्रभावों से जुड़ी चिंताओं का समुचित समाधान नहीं किया गया है।
दूसरी ओर परियोजना के समर्थकों का मानना है कि इससे सूखा प्रभावित क्षेत्रों को सिंचाई और पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे कई लोगों को लाभ मिलेगा।
मेरा सोचना है कि वर्षों से बसे आदिवासियों के जीवन को बर्बाद करके कुछ लोगों को लाभ पहुँचाने को विकास का नाम देना कहां तक उचित है ?
मेरा प्रधानमंत्री @narendramodi व मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 से अनुरो��� है कि इन आदिवासी परिवारों की माँगों को तत्काल माना जाये और इस तरह प्रताड़ित करना बंद करें।
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