किसी दर्शक ने कैमरे में कैद किया यह दृश्य। 97 रन पर आउट होने के बाद क्रिज से पैवेलियन तक के कुछ कदम वैभव सूर्यवंशी के लिए कई किलोमीटर के सफर जैसे थे। वेल डन बॉय।
#vaibhavsuryavanshi#SRHvsRR
कल से सोशल मीडिया पर जैसलमेर के एक डंपिंग यार्ड में गायों के खुले शव की तस्वीरें देखकर मन बेहद विचलित और व्यथित है।
जिस गाय को हम “गौ माता” कहकर सम्मान देने की बातें करते हैं, उसी के शव खुले में पड़े रहें और पूरा सिस्टम मौन है। सरकार नोटिस जारी कर अपना बचाव कर सकती है, जिम्मेदार विभाग औपचारिकताएं पूरी कर सकते हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर हम एक समाज के रूप में कहाँ खड़े हैं?
क्या हमारी संवेदनाएं केवल सोशल मीडिया पोस्ट और भाषणों तक सीमित रह गई हैं? क्या गौ सेवा केवल राजनीति और दिखावे का विषय बनकर रह गई है? यदि समय रहते उचित व्यवस्था, गौशालाओं की निगरानी, चिकित्सा सुविधा और जिम्मेदार प्रबंधन होता, तो शायद ऐसी भयावह तस्वीरें देखने को नहीं मिलतीं।
यह विषय राजनीति से ऊपर उठकर मानवता और संवेदनशीलता का है। प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और हम सभी नागरिकों की समान जिम्मेदारी बनती है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
जैसलमेर की पहचान हमारी संस्कृति, परंपरा और संवेदनशील समाज से है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि यह पहचान ऐसी शर्मनाक घटनाओं से धूमिल न हो। अब ऐसे विषय पर केवल नोटिस नहीं, बल्कि जवाबदेही, ठोस कार्रवाई और स्थायी समाधान की आवश्यकता है। #Jaisalmer
पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर गृह मंत्री अमितशाह ने कहा कि "23 जिलों में से 9 जिले तो ऐसे हैं, जहां दीदी का खाता तक नहीं खुला...मैने ऐसा प्रचंड बहुमत कभी नहीं देखा।" यह जनता और सिवार की कृपा है।
ओरण हमारे पूर्वजों की वैज्ञानिक सोच, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने पश्चिमी राजस्थान जैसे मरुस्थलीय क्षेत्र में भी पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए पेड़-पौधों, खेजड़ी तथा स्थानीय घासों सेवण और धामण का संरक्षण किया।
विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने सतत विकास (Sustainable Development) का मार्ग अपनाया, जो आज के दौर में और भी अधिक प्रासंगिक हो गया है।
यही मॉडल केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आजीविका का भी आधार बना। सदियों से जल संरक्षण, जैव विविधता और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से उन्होंने एक मजबूत और आत्मनिर्भर व्यवस्था विकसित की।
किन्तु दुर्भाग्यवश, आज विकास की अंधाधुंध दौड़ में हम अपने पुरखों की इस अमूल्य विरासत को खोते जा रहे हैं।
ऐसे में “टीम ओरण” द्वारा जनचेतना लाने और ओरण भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करवाने का प्रयास अत्यंत सराहनीय है। यह केवल एक सामाजिक अभियान नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, पर्यावरण और भविष्य को बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सरकार और जनप्रतिनिधियों से आग्रह है कि ओरण को आने वाली पीढ़ियों की धरोहर मानते हुए इनके संरक्षण, संवर्धन और विधिक मान्यता (राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज) के लिए ठोस कदम उठाएं।
प्रत्येक नागरिक का छोटा-सा प्रयास ही हमारे भविष्य को सुरक्षित और समृद्ध बना सकता है।
#ओरण_बचाओ_गाय_बचाओ
#टीम_ओरण_जैसलमेर
#Jaisalmer: हाल ही UPSC में 499 रैंक प्राप्त करने वाले प्रवीण रतनू का का आज होगा सम्मान
UPSC मे चयन होने के बाद जैसलमेर आने पर होगा स्वागत समारोह,
जैसलमेर के श्री करणी चारण छात्रावास में चारण समाज की ओर से आयोजित किया जा रहा है सामान समारोह
@shankardetha#LatestNews #RajasthanNews #RajasthanWithZee
आज बीकानेर के देशनोक स्थित करणी माता मंदिर में दर्शन-पूजन कर देशवासियों के शुभत्व की कामना की।
देवी माँ की कृपा हर घर-आँगन में सुख, समृद्धि, खुशहाली के रूप में बरसती रहे, सबका मंगल व कल्याण हो, सबकी मनोकामनाएं पूर्ण हों; मैया के श्रीचरणों में यही प्रार्थना करता हूँ।
जय माँ करणी!
सुशासन की जीत हुई है।
विकास की जीत हुई है।
जन-कल्याण की भावना की जीत हुई है।
सामाजिक न्याय की जीत हुई है।
बिहार के मेरे परिवारजनों का बहुत-बहुत आभार, जिन्होंने 2025 के विधानसभा चुनावों में एनडीए को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व जीत का आशीर्वाद दिया है। यह प्रचंड जनादेश हमें जनता-जनार्दन की सेवा करने और बिहार के लिए नए संकल्प के साथ काम करने की शक्ति प्रदान करेगा।
रीट मुख्य भर्ती परीक्षा 2025 मे 7500 पदो पर आयोजित होगी...यह सुनकर सब कुछ अजीब सा फिल हो रहा है 🙄🙄
आपके अनुसार 3rd Grade मे पद बढ़ाकर कितने पदे पर भर्ती को आयोजित करवाना चाहिए...सभी स्टूडेंट अपनी राय जरुर व्यक्त करे..🙏🏻🙏🏻
थर्ड ग्रेड की भर्ती काफी समयांतराल से करवाई जाती है जिसमें राजस्थान के अधिकतर बेरोजगार युवा तैयारी कर रहे हैं,
नाम मात्र के पद आना उनके द्वारा दिए गए समय के साथ न्याय नहीं है
आज शाम 7 बजे से
#थर्ड_ग्रेड_में_पद_बढ़ाओ
'आर्थिक सहयोग से उनकी गरीबी पर जरूर मरहम लगाया जा सकता है, पर प्रियजनों के बिछुड़ने के दुख पर नहीं। आदमी का दुख जिस दिन पैसे से दूर होने लगेंगा-इंसानियत उठ जाएगी दुनिया से।'
#दुखांतिका_बस_दुर्घंटना_जैसलमेर
अर्थबल से स्वास्थ्य सुविधाओं में वृद्धि करें ताकि मर्म पर मरहम लग सकें।
कल भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की पत्नी की तबीयत बिगड़ी —
5 मिनट में हेलीकॉप्टर तैयार,
15 मिनट में पाली पहुँचा,
आधे घंटे में जयपुर इलाज शुरू।
और आज जैसलमेर में 30 से ज़्यादा लोग आग से झुलस गए —
50% से ज़्यादा जले हुए शरीर के साथ पाँच घंटे की सड़क यात्रा करके जोधपुर पहुँच रहे हैं।
आख़िर जनता के लिए वही तत्परता क्यों नहीं दिखी?
क्या सरकार की संवेदनशीलता अब चेहरे देखकर तय होती है?
@BhajanlalBjp@GajendraKhimsar
Distressed by the loss of lives due to a mishap in Jaisalmer, Rajasthan. My thoughts are with the affected people and their families during this difficult time. Praying for the speedy recovery of the injured.
An ex-gratia of Rs. 2 lakh from PMNRF would be given to the next of kin of each deceased. The injured would be given Rs. 50,000: PM @narendramodi
#अत्यावश्यक_सूचना
जैसलमेर बस आग हादसे में घायल यात्रियों को एम्बुलेंस के माध्यम से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जोधपुर रेफर किया जा रहा है।
क्षेत्रवासियों से विशेष आग्रह है कि एम्बुलेंस के आवागमन में पूर्ण सहयोग करें।
कृपया अपने वाहन मुख्य सड़कों से दूर खड़े करें ताकि एम्बुलेंस निर्बाध रूप से गुजर सके और घायलों को समय पर उपचार मिल सके।
आपका छोटा सा सहयोग कई जिंदगियों को बचा सकता है।