@abhibusIN Our family is sitting on a random bus, with no idea whether it will leave or not. The conductor has come four times and asked if we have an online ticket, but it's not showing.
And you are calling your family members and telling them to tell you, what should they tell you?
@abhibusIN Neither the bus address nor the bus number nor the driver's number is displayed. Your application doesn't reveal anything else. Which bus is it and when will it leave? Why are you making such bookings? Are you fooling us?
This question is absolutely legitimate because it must be answered because due to the leaders of our country, the policies abroad are getting spoiled and if the country has said this then it is necessary to answer it.
@MEAIndia@rashtrapatibhvn@ravish_journo@khanumarfa
"सऊदी अरब में रहते हुए अगर यहां कोई हमारी नागरिकता पूछता है, तो हम क्या दिखाएं? क्या हमारा भारतीय पासपोर्ट ही नागरिकता का प्रमाण है या हमें कुछ और दिखाने की आवश्यकता है? कृपया इस पर मार्गदर्शन करें, @MEAIndia@IndianEmbRiyadh।"
#Passport_India@ravish_journo@khanumarfa
"सऊदी अरब में रहते हुए अगर यहां कोई हमारी नागरिकता पूछता है, तो हम क्या दिखाएं? क्या हमारा भारतीय पासपोर्ट ही नागरिकता का प्रमाण है या हमें कुछ और दिखाने की आवश्यकता है? कृपया इस पर मार्गदर्शन करें, @MEAIndia@IndianEmbRiyadh।"
#Passport_India@ravish_journo@khanumarfa
This is the situation in all the states of the country. #Police have the most expensive mobile phones in their hands and their action is in this manner. Should no action be taken against them too??
बल्कि न्यायपालिका और कानून के राज को खुली चुनौती है।
क्या ऐसा किसी और लोकतंत्र में संभव है, या सिर्फ भारत में ही न्याय देने वाले जजों को इस तरह निशाना बनाया जा सकता है?
भीड़ द्वारा नाज़िर अहमद की पीट-पीटकर हत्या के मामले में उम्रकैद की सज़ा पाए 14 दोषियों की रिहाई की मांग को लेकर गौ रक्षा परिषद ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान फैसला सुनाने वाली जज तबस्सुम खान का पुतला जलाया गया, "तबस्सुम बेगम मुर्दाबाद"
के नारे लगाए गए और 14 दोषियों की रिहाई की मांग की गई।
जब हत्यारों के समर्थन में भीड़ सड़कों पर उतरे, न्याय देने वाले जज का पुतला जलाया जाए, उन्हें उनकी धार्मिक पहचान से निशाना बनाकर "मुल्ली" कहा जाए और खुलेआम डराने-धमकाने की कोशिश की जाए, तो यह सिर्फ एक विरोध नहीं,
सोचिये हम उस उस दौर मे जी रहे जहां हमारी आस्था को इंच टेप लेकर नापा जा रहा, और दवा होता है सबका साथ सबका विकास का?
यूपी के फिरोजाबाद में मुहर्रम के मौके मे रक्खी जाने वाली ताज़िया को वहाँ के एएसपी अनुज चौधरी इंची टेप लेकर नापने पहुंच गये।
खैर ज़ुल्म का एक दिन अंत ज़रूर होता है
30 हजार नहीं दोगे तो PM आवास की किस्त खाते में नहीं आएगी..!
यूपी के सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार किस कदर फैला हुआ है..इसकी बानगी देखिए...👇👇
PM आवास की किस्त डलवाने के लिए 14 बार कार्यालय के चक्कर लगा चुके रोते हुए इस पीड़ित को सुनिए...आरोप है कि -
पीएम आवास स्वीकृत हो चुका है..पहली किस्त का मैसेज भी फोन पर आ चुका है..लेकिन पैसा अकाउंट में नहीं आया...!
पीड़ित डूडा कार्यालय गया तो बाबू ने बताया कि तुम्हारा अकाउंट गड़बड़ है..जब तक 30 हजार रुपए नहीं दोगे किस्त खाते में नहीं आएगी..!
पीड़ित चक्कर लगाकर तक चुका है..कोई सुनने वाला नहीं है...!
ये वीडियो मैनपुरी जनपद से वायरल है..!