आज ही राहुल गांधी ने कहा था कि केंद्र सरकार समय से पहले गिरने वाली है।
और पहला नतीजा सामने आ गया। 🔥
वाईएसआरसीपी के मुखिया जगन मोहन रेड्डी ने जनता से माफी माँग ली।
सीईसी एक्ट के समर्थन में वोट देने के लिए माफी माँगी।
वोट चोर भाजपा का साथ देने के लिए माफी माँगी।
जगन ने साफ कहा – पहले हमने सत्ताधारी पार्टी को चुनाव आयुक्त नामित करने की प्रक्रिया का समर्थन किया था। आज पछतावा हो रहा है।
गलती हो गई।
क्योंकि परीक्षक को छात्र नहीं नियुक्त कर सकता।
निष्पक्ष निकाय होना चाहिए।
सीजेआई, प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता – तीनों का वोट।
अभी सिस्टम में खामी है। दो वोट सत्ता पक्ष के, एक विपक्ष का।
देर आए दुरुस्त आए।
यह शुरुआत है।
अब और नाम आएंगे। नीतीश कुमार भी आ सकते हैं।
एक के बाद एक।
एक ऐसा दौर आएगा जहाँ हर किसी को सम्मान मिलेगा।
जहाँ नफरत की आग बुझेगी और मोहब्बत की लौ जलेगी।
देश को एक नई दिशा मिलेगी।
#JaganReddy #CECAct #VoteChori
#RahulGandhi
गुजरात की छह पार्टियों के पास हजारों करोड़ रुपिया आया, लेकिन वो पार्टीयां क़रीब गयब है! और तक़रीबन कोई चुनाव नहीं लड़ती है! इनमें से ६०० करोड़ से ज़्यादा पाने वाली पार्टी के भाजपा से संबंध है! लगता है काले धन को सफेद करने की योजना चल रही थी।
इतिहास बनाने वाले बन गये ये तीन CJP के नेता,आजादी के बाद पहले भारतीय बने जो तिरंगा फहराने के जुर्म मे जेल गये ,वह भी Rss के मोदी
राज में,वाह जी वाह। गजब का राज.!
“Lawrence Bishnoi Sahab”
The respect Delhi Police has for gangsters…
Wish they showed even 10% of this courtesy to students and activists who are doing nothing but protest.
CJP का पहला आंदोलन सफल हुआ क्योंकि नगीना सांसद @BhimArmyChief चन्द्रशेखर आजाद द्वारा उसे खुला समर्थन किया गया। उन्होंने उस आंदोलन को राजनीतिक होने से बचाया था
परंतु CJP के दूसरे आंदोलन में इनके नेता व लेफ्ट के अन्य छात्र संगठन राहुल गांधी व आम आदमी पार्टी के पक्ष में जाकर खड़े हो गये, जिन्होंने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन को राजनीतिक रंग देकर उसे कमजोर कर दिया
आपने देखा होगा पहले हुए आंदोलन में चन्द्रशेखर आजाद के कार्यकर्ता बहुत बड़ी संख्या में आए लेकिन किसी के हाथ में पार्टी का झंडा नहीं था। परंतु अबकी बार राहुल गांधी, अखिलेश यादव व अरविंद केजरीवाल ने पूरा खेल बिगाड़ दिया। सब अपने-अपने झंडे लेकर आंदोलन कर रहे हैं
चन्द्रशेखर आजाद एक समझदार नेता हैं, वो जानते हैं कि आंदोलन कैसे सफल होते हैं। उनके अंदर राजनीतिक स्वार्थ नहीं है, वो सही मायने में आंदोलन को ताकत देते हैं
चन्द्रशेखर आजाद व नीले झंडे के बिना कोई लड़ाई नहीं जीती जा सकती, यही सच्चाई है...!!
@BhimArmyChief जनसंख्या के आधार पर उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है, पिछले 4 वर्षों से राज्य सरकार ने नाममात्र ही सरकारी नौकरियां दी हैं, हर साल लगभग 2.5 से 3 लाख सरकारी रोजगार का सृजन होना चाहिए।
लंदन के भारतीय दूतावास में भारतीय भारत में आज़ादी की मांग करते हुए नारे लगा रहे हैं।
वोट चोरों से देश को आज़ाद करवाने की मुहिम अब अंतरराष्ट्रीय शक्ल लेती जा रही है।