Anticipatory bail has just been denied to @ajeetbharti in the case where the FIR against him invoked draconian SC/ST act provisions. Ajeet's remarks were a reaction to provocation involving his sister. He could be jailed for up to 7 years.
I stand with Ajeet. And so should you.
Santosh Pandit - A man with a camera asking where our tax money goes gets picked up by police at 1 AM.
Santosh Pandit is being treated like a terrorist for doing what 150 crore Indians are too scared to do. Silence him today, and nobody asks tomorrow.
#SantoshPandit #Maharashtra #CryptoWala
मऊनाथ भंजन, UP में तमसा नदी को साफ करने का प्रण लिया इस भाई ने। नाम है कार्तिक साहनी।
पहले देखिए, नदी में सिर्फ घास-फूस और गंदगी नजर आती थी… और अब देखिए तस्��ीर बदल गई है।
सच्ची लगन और मेहनत हो तो बदलाव जरूर आता है। ❤️
देखिए पहले और अब का फर्क—यही है कमाल! 🔥
एका संतोष पंडितला अटक झाली म्हणून काय झालं महाराष्ट्रात शहरो शहरी पंडित तयार होत आहेत आणि फडणवीस सरकारला जाब विचारत आहे....पंडितांनी पेरलेले बरोबर उगवतय... या काकांचे मुद्दे कोणीच इग्नोर नाही करू शकत.
सोशल मीडिया वरदान है कुछ मामलों में, हमारा आपका एक सही मैसेज का शेयर किसी की जिंदगी बदल सकता ह��� l🙏🙏🙏
शिखर tv और सभी का धन्यवाद जिन्होंने भी इनकी समस्या को बड़ी भावुकता से जनता के सामने रखा और जिनके हाथ मदद के लिए ��ठे उनको परमात्मा खूब तरक्की दे l
बहुत बहुत धन्यवाद प्रभु 🙏🙏🙏
नाम के आगे पांडेय लिखा है, अभी कोई दलित होता तो राहुल गांधी, प्रियंका गांधी से अखिलेश यादव सब एक साथ टूट पड़ते हो हल्ला हो गया होता 😡😡
मकान बनना भी शुरू हो गया होता।
ब्राम्हण परिवार से मिलने और उनकी मदद करने केवल योगी सरकार ही आगे आयी । ❤️
��ही कड़वा सच है 💔
यूपी के अयोध्या में एक परिवार चावल और नमक खाकर जिंदा रहने को मजबूर है.
ये है छठवें नंबर की अर्थव्यवस्था का हाल. 7.8% की फर्जी GDP ग्रोथ का सच.
देखिए शिखर न्यूज की रिपोर्ट ⬇️
My heart broke after watching the soft hands of kids.
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Why Indian constitution is so cruel for GC. Why can't they have PM Awaas Yojna?
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Doesn't these questions screams in ur mind?💔
#Pune
Santosh Pandit, an influencer who spoke against broken infrastructure, traffic issues, garbage dumps all over the city was arrested by Pune police at 1 am. He was arrested for speaking against Chandrakant Patil.
We need people like Santosh Pandit in Pune. Sad.
आखिरकार टूट ही गई 6 साल की मासूम की सांसें,खैर में चरमराई ट्रैफिक व्यवस्था ने छीन ली उर्मिला की जिंदगी,बिलखता रह गया परिवार, @aligarhtraffic
तिरंगा तिराहा से लेकर मिनी बाईपास तक फैले विनाशकारी जाम में फंसकर 6 साल की मासूम बच्ची उर्मिला की तड़प-तड़पकर मौत हो गई, @uptrafficpolice
जाम के कारण कार से बाइक ��र आए,लेकिन नहीं खुला बेदर्द जाम,बुखार से तप रही मासूम को लेकर उसके चाचा जब घर से फोर व्हीलर में निकले तो कस्बे की सड़कों पर गाड़ियों का सैलाब खड़ा था। @aligarhpolice
अस्पताल का रास्ता नहीं मिला....गोद में शव लेकर फूट-फूटकर रोया चाचा, @dgpup
घंटों तक मासूम ट्रैफिक के इस चक्रव्यूह में जिंदगी और मौत की जंग लड़ती रही,जब तक परिवार उसे अस्पताल पहुंचा पाता, मासूम ने दम तोड़ दिया, @Uppolice
जाम में ऐसे फंसे कि अस्पताल ले जाने का रास्ता ही नहीं मिला, हमारी बच्ची को रास्ते ने ही मार डाला,
@adgzoneagra
आखिर कब तक ढीली यातायात व्यवस्था मासूमों की जान लेती रहेगी,
Regardless of who the VIP is, pushing a working cyclist & his bicycle is unacceptable. Every citizen deserves dignity.
@MumbaiPolice & @MTPHereToHelp, please take strict action & make sure this doesn’t happen again.
बिटिया रागिनी के पास @AAPUttarPradesh के साथी पहुँच गये हैं।
AAP प्रवक्ता @SarveshMishra_ और बलिया जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव जी के प्रयास से परिवार से संपर्क हुआ बिटिया को व्हील चेयर और 25 हज़ार का आर्थिक सहयोग दे दिया गया है।
जल्द ही कृत्रिम पाँव भी बनावाया जाएगा।
🥺 “DM अंकल @dmballia एक साइकिल दिलवा दीजिए ना… एक पैर से स्कूल जाते-जाते बहुत दर्द होता है। मैं पढ़ना चाहती हूं… स्कूल छोड़ना नहीं चाहती।” 💔
नन्ही रागिनी की इतनी-सी पुकार है… पैर ने साथ छोड़ा है, सपनों ने नहीं। 🙏
💔 जिस उम्र में बच्चों के पैरों में दौड़ने की ताकत होती है, उस उम्र में रागिनी एक पैर से स्कूल तक पहुंचने के लिए कूदती है…
बलिया की कक्षा-1 की नन्ही छात्रा रागिनी की कहानी पढ़कर शायद आपकी आंखें भी नम हो जाएं। 😢
हादसे में उसका एक पैर क्षतिग्रस्त हो गया… लेकिन उसका हौसला नहीं टूटा है, दिव्यांग होने के बावजूद पढ़ने की ऐसी ललक कि वह एक पैर से कूद-कूदकर रोज स्कूल जाती है।
मनियर के प्राथमिक विद्यालय दिघेड़ा में पढ़ने वाली रागिनी ने DM अंकल से बेहद मासूमियत से गुहार लगाई है।
सोचिए… एक छोटी बच्ची की मांग कितनी छोटी है,
लेकिन उसके सपने कितने बड़े हैं।
उसे न खिलौना चाहिए, न कोई महंगी चीज…
उसे सिर्फ स्कूल पहुंचने के लिए एक सहारा चाहि���।
रागिनी के पैरों में भले ही मजबूरी है, लेकिन आंखों में सपने हैं और दिल में पढ़-लिखकर आगे बढ़ने का जुनून। ❤️
अब सवाल सिर्फ इतना है - क्या रागिनी की यह मासूम पुकार DM अंकल तक पहुंचेगी?
अगर इस पोस्ट को शेयर करने से रागिनी की आवाज़ सही जगह तक पहुंच सकती है, तो इसे जरूर शेयर कीजिए।
शायद आपकी एक शेयर उसकी पढ़ाई की राह आसान कर दे��� 🙏❤️
रागिनी को साइकिल मिलनी चाहिए… क्योंकि उसके सपनों को बैसाखी नहीं, बस एक मौका चाहिए। 🥺