अगर हर संडे 9 बजे से 4 आरक्षण विरोध में होने वाले ट्विटर के राष्ट्रीय ट्रेंड में भाग लेना चाहते है तो
@Rachna71900155
फॉलो करो ट्रेंड में भाग लेकर आरक्षण की वीमारी से लड़ने में अपना योगदान दे
retweet करके लोगो मे जानकारी फैलाये कमेंट retweet करने वालो को फॉलो बैक मिलेगा
माननीय
@AMITSHAH
जी
आपने @crpfindia का कैसा
DG
@GPSINGHIPS
चुन लिया है जो डॉक्टरों से ऑपरेशन करवाने ,रिसर्च करने की जगह उनसे परेड करवा रहा
@HMOIndia
आज तक CRP में ऐसा कभी नहीं हुआ ,अब ध्यान ऑपरेशन से ज्यादा परेड में लगाएंगे और मेडिकल ज्ञान जनरल ड्यूटी ऑफिसर जैसा हो जाएगा
तेलंगाना में 12 मंत्रियों में दो-दो OBC-SC समाज से, एक ST समाज से। मुख्यमंत्री सवर्ण कैसे हैं? 13% सवर्ण जनसंख्या वाले राज्य में 56% मंत्री सवर्ण क्यों? अब तो जातिगत जनगणना हो गई है तो क्या तेलंगाना अपने ही राज्य के बैंकों को ₹21,000 करोड़ कर्जा चुका देगा? क्या यह राज्य अब 12% की वृद्धि दर देगा?
@MukeshMohannn पहली बात 10000 सीट के लिए जब 8000 छात्र ही आये... तो कट ऑफ का क्या मतलब... सभी का एडमिशन हो गया... और 2000 सीट खाली रह गयीं....😎
दूसरी बात अगर इतनी ही मेरिट है... तो आरक्षण के लोए क्यों m@रे जा रहे... मेरिट से आके सब सीटे लेलो.... 😅😅😅
झूठ बोलते लिखते लज्जा नहीं आती... 🤨
@MukeshMohannn solitary पोस्ट पर अगर sc आरक्षण हो गया तो चमार जाति का ब्यक्ति तो फॉर्म भर सकता है पर अहिर नही इसलिए इस पोस्ट पर आरक्षण नही होता जिससे तेरा बहुजन अहिर भी उस पर अप्लाई कर सके समझा bhimte
@MukeshMohannn अरे भीमटे , जो शब्द तूने एक डाक्टर और पढ़ी लिखी स्त्री के लिए लिखे हैं, वह अगर तेरी जाति की किसी अनपढ़ महिला के लिए लिख दिए गए होते तो तू अब तक एससी एसटी एक्ट में केस करने लगता।
बुद्धि ना तुममें है और ना ही आरक्षण के कारण पनप पाएगी। परजीवियों के पास तर्क नहीं होते
@MukeshMohannn भीमte
जनरल पोस्ट सब की होती है लेकिन अगर तू अपने को जन्म से ही नीच जन्म से ही कम दिमाग का और जन्म से ही अपनी दादी अम्मी का शोषण करवाने वाला समझता है और जनरल सीट पर कम्पीट नहीं कर सकता है इसमें दूसरे की क्या गलती है इसलिए योग्य बन कब तक अपने को नीच बनकर गनडी रोना रोता रहेगा
इनसे तर्क करने का मतलब भैंस से आगे बीन बजाना😂😂😂
इस अनपढ़ को अबतक समझ नहीं आया कि
1. जनरल सीट सवर्ण सीट नहीं होती! इसमें SC/ST/OBC भी अप्लाई कर सकते हैं!
तो तुमको अप्लाई करने से किसने रोका है?
2. मैनेजमेंट पोस्ट कुछ नहीं होता, यूनिवर्सिटी में रजिस्ट्रार एक ही होगा, कोर्स डायरेक्टर भी एक ही होगा! ये सिंगल पोस्ट ही होती हैं!
3. ये किसी एक जज का फैसला नहीं, बहुत सारे जजमेंट में कहा गया है, सुप्रीम कोर्ट में भी कई फैसलों में कहा गया है!
4. भारत सरकार और राज्य सरकारों के नियम भी यही कहते हैं!
लेकिन मूर्खों से बहस करके क्या फ़ायदा??
जिनको पढ़ने लिखने की आदत नहीं, उसको ये सब क्या ख़ाक पता होगा??
वैसे इतनी दिक्कत है तो केस करो कोर्ट में, यहाँ ड्रामा करके क्या लोगों को मूर्ख बना रहे हो??
😂😂😂
ये लेवड़ी अब माफ़ी मांग रही....
Hello @MPPoliceDeptt
ये कोई अपनी अम्मी का दूध पीने वाली
बच्ची नहीं, जो माफ़ी वाफी की बात की जाए
जो अपराध किया है इस जिहादी औरत ने उसमें मुकदमा दर्ज करके इसके दण्डित करें..
हिन्दुओं..... आवाज़ रुकनी नहीं चाहिए✊
CM साहब @DrMohanYadav51 जी
सख्त कार्यवाही कराने का कष्ट करें ✍️
अगर आरक्षण अधिकार होता तो पिछड़ा अछूत कहकर न मिलता सीधे जिसकी जितनी आबादी होती दे दिया जाता
आधार तब सिर्फ जनसँख्या होती न कि पिछड़ा और अछूत
पिछड़ा अछूत कहकर देना ही ये सबूत है कि ये एक भीख है
प्रिय बंधुवर, पोस्टकर्ता महोदय ने स्वयं लिखा है कि "एक महिला के साथ बदतमीजी की थी" मैं उन से सहमत हूं कि मारने का अधिकार नहीं दिया जा सकता लेकिन इस मामले में on the spot इलाज जरूरी था वर्ना भाग जाता, एक अलग न्यूज आर्टिकल में भी इसकी पुष्टि की गई है, मैने स्वयं अन्य टूंडला रेलवे स्टाफ से बात की है, जो उन्होंने बताया कि अन्य यात्रियों ने ऐसा बताया हमने वहीं लिखा, क्या एंटी एस्टेब्लिशमेंट होना ही पत्रकारिता है? क्या नाम देख कर हम UK की तरह आँखें बंद कर लिया करें (pl refer UK Grooming Gangs) क्या कोई महिला के साथ गंदा काम करे तो इसे रोकना चाहिए या फिर वीडियो बनाएं USA और UK की तरह और जिंदा जल जाने दें? हमें ऐसा पढ़ाया लिखाया गया है कि हम सही को गलत बताने लगे हैं, जरा सोचिए हम समाज को किस ओर ले जाएंगे? Liberalism की कीमत अपनी बेटियों की आबरू से चुका रहा है UK Germany France, sochiyega, बाकी आपको भविष्य के लिए शुभकामनाएं 🙏
शराब के नशे धुत हो कर शेख मुजिबुल बिना टिकट AC कोच में चढ़ गया, फिर अपना अंग विशेष निकाल कर महिला के बलात्कार का प्रयास किया, बाकि यात्रियों के रोकने पर यात्रियों से गाली गलौंच और जान से मरने की धमकी दी और कोच में पेशाब कर दी, यात्रियों ने इसकी शिकायत की और जब ट्रैन स्टाफ ने पूछताछ की तो उन से भी गली गलौंच कर जान से मरने की धमकी दे कर उन पर जानलेवा हमला कर दिया, इस सब में मुजिबुल के साथी ने वीडियो बना कर X पर पोस्ट कर दी, और पत्रकारों ने मामला ही उल्टा बता दिया, अब सवाल ये है की यदि कोई किसी महिला का बलात्कार करने पर उतारू हो तो क्या करना चाहिए? पत्रकारों की माने तो RPF या GRP को फ़ोन करना चाहिए था चाहें इतनी देर में वो बलात्कार कर के भाग जाये, वैसे बाकी यात्रियों ने भी यही किया मूकदर्शक बन कर देखते रहे और ट्रैन स्टाफ को सूचित कर दिया, आप अटेंडेंट को कहते सुन सकते हैं "साले भाग रहा था, भागेगा तू" यानि एटेम्पट टू रेप के बाद शैख़ मुजिबुल भाग रहा था जिसे ट्रैन स्टाफ ने पकड़ा, तो क्या GRP / RPF को सुचना कर के बैठ जाना चाहिए था और उसे भाग जाने देना चाहिए था? फिर यही पत्रकार कहते की देखो ट्रैन कितनी असुरक्षित है एटेम्पट टू रेप कर के अपराधी भाग भी गया और रेल प्रशासन सोता रहा, उसे पकड़ा नहीं, जब पकड़ लिया तो नाम देख कर मर्दो के सीने में दूध उतर आया, कल को यही पत्रकार कहते की देखो समाज की क्या हालत है किसी ने बेचारी महिला को बचाया नहीं, आज जो बीज आप बो रहे हैं इसकी फसल कल आपकी बेटी को काटनी है, कल जब उसका ट्रैन और बस में बलात्कार होगा तब उसे कोई नहीं बचाएगा, सब बस देखते रहेंगे और वीडियो बनाते रहेंगे, जैसा UK, Germany, France, और पुरे Europe USA में हो रहा है, UK में दिन दहाड़े चलती बस में एक महिला का बलात्कार हुआ था सब वीडियो बना रहे थे किसी ने बलात्कारी को नहीं रोका सब ने वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पुलिस को टैग कर दिया था, ऐसा ही अभी USA के New York City में हुआ जहाँ दिन दहाड़े भरी हुई मेट्रो में एक व्यक्ति ने एक महिला को पेट्रोल डाल कर ज़िंदा जला दिया, लिबरल पत्रकारों की बात मान कर वहां के लोगो ने भी कुछ नहीं किया बस वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, पुलिस आयी और देखती रही, वो महिला चीख़ती चिल्लाती रही और मर गयी, ऐसी नपुंसकता और ऐसा समाज लिबरल्स को मुबारक हो, निहायत ही गलीच लोग ही ऐसे समाज को पसंद कर सकते हैं
नितिन मेश्राम: मेरे पास तो Apple MacBook Pro है, तुम्हारे पास कितना पुराना लैपटॉप है! छी-छी, गरीब कहीं की!
हम: तो तुम अपनी फीस पूरी भरो, सरकार से हर चीज़ में मदद क्यों माँगते हो, आरक्षण क्यों लेते हो?
नितिन मेश्राम: मनुवादी कहीं की!
दिखाई नहीं देता? हम शोषित हैं, हम सबसे ज़्यादा गरीब हैं! ये देखो गूगल से डाऊनलोड की हुई सीवर साफ़ करने वाले की फ़ोटो! ये कितना गरीब है! तुम ये काम क्यों नहीं करती?
इसलिए मुझे आरक्षण दो!
😂😂😂