शक्ति-साधना के महापर्व नवरात्रि की सभी देशवासियों को कोटि-कोटि शुभकामनाएं।
मां जगदंबा की कृपा से सबके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य का वास हो, जो राष्ट्र की एकता एवं प्रगति के संकल्प को और सशक्त करे।
आजकल जो कई जगह वोट डालते डलवाते थे ऐसे वोट पोल ठीकेदार और बैलेट पेपर चुरा कर जनप्रतिनिधि बनने वाले सभी प्रकार के वोट चोर चुनाव आयोग से बहुत नाराज चल रहे है…!!!
धंधा मंदा नहीं पूरा बंद हो गया है , तो नाराजगी तो बनती है ना भाई
@ECISVEEP#ElectionCommision
ગાંધીનગરના કુડાસણમાં કન્સ્ટ્રક્શન સાઇટ પર સ્લેબ ધરાશાયી થવાની ઘટનાના સંદર્ભમાં મુખ્યમંત્રીશ્રી તથા નાયબ મુખ્યમંત્રીશ્રી સાથે વાત થઈ. સ્થાનિક વહીવટી તંત્ર દ્વારા તાત્કાલિક ધોરણે રાહત અને બચાવ કામગીરી હાથ ધરવામાં આવી. તમામ ઈજાગ્રસ્ત શ્રમિકો સુરક્ષિત છે અને તેમને શક્ય તમામ તબીબી સારવાર ઉપલબ્ધ કરાવવામાં આવી રહી છે. તમામ ઈજાગ્રસ્તો વહેલી તકે સ્વસ્થ થાય તેવી પ્રાર્થના કરું છું.
आप सभी को जन्माष्टमी की अनेकानेक शुभकामनाएं। भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य संदेशों में नि:स्वार्थ कर्म की अद्भुत प्रेरणा निहित है, जिसने मानवता का निरंतर मार्गदर्शन किया है। उनकी भक्ति और उपासना को समर्पित यह पावन अवसर हर किसी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति का संचार करे, यही कामना है। जय श्रीकृष्ण!
बड़े मन और बड़े होने की वास्तविक जिम्मेदारी का प्रतीक ,
तुलसीदास जी ने लिखा है -
“क्षमा बड़न को चाहिए, छोटन को उत्पात।
कहा विष्णु को घटि गयो, जो भृगु मारी लात॥”
अर्थात्-
बड़े और महान व्यक्तियों को क्षमा का गुण धारण करना चाहिए। छोटे लोगों से यदि कोई भूल, उद्दंडता या उत्पात हो जाए तो बड़े लोगों को उसे सहन कर लेना चाहिए।
भगवान विष्णु के वक्षस्थल पर महर्षि भृगु ने लात मारी थी,
फिर भी विष्णु ने क्रोध नहीं किया। इससे उनकी महत्ता कम नहीं हुई।
लोकतान्त्रिक देश में राष्ट्रहित में सोचने वाला शासक जब किसी व्यवस्था के गड़बड़ियों के प्रति देश के नागरिकों द्वारा शिकायत की जाती है या प्रश्न उठाया जाता है तो वह उसके प्रति गंभीर होते हुए उठाए गए प्रश्नों को ध्यान में लेकर गंभीर समाधान का रास्ता ढूंढता है और आज भारत 🇮🇳 के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने अपनी उसी जिम्मेदारी का निर्वहन किया है ।
पिछले दिनों देश के विद्वत सुधीजन और नौजवानो ने देश के मौजूदा परीक्षा प्रणाली के जिस विषय पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रश्न खड़ा किया था, उसका रास्ता उन्होंने भले ही आंदोलन का चुना हो, जो की लोकतांत्रिक व्यवस्था में जायज़ है, भले ही उनको लगता था कि शासन के जिस प्रतिनिधि को इसपर ध्यान देना चाहिए था उसने नहीं दिया और उसे मंत्रीपद से हट जाना चाहिए तो उनके सामने खड़े प्रश्न का उनके अनुसार समाधान है लेकिन यह स्थायी नहीं है और उसका तात्कालिक समाधान हो भी गया लेकिन इससे ना मूलभूत समस्या ख़त्म हुई ना यह उस प्रश्न का उत्तर है और ना ही शासन का जिम्मेदार निर्णय समझ सकते है।
किसी मंत्री का पद त्यागना स्थायी समाधान नहीं, क्यों की परीक्षा आयोजित करने वाला भारत में एक बना हुआ सिस्टम है। जिसे अपनी उसी बने बनाये परंपरागत तरीके से काम करना आता है। जब वह तरीका अपनाया गया होगा तब ईमानदारी और विश्वसनीयता प्रमुख थी और इस मर्यादा का शिक्षण व्यवस्था , शिक्षक और शिक्षार्थी सब निर्वहन करते थे । लेकिन आज जिस गति से स्वार्थ और जल्दी सब पाने की भौतिक होड़ लगी है उसमे यह मर्यादाएँ समाप्त होने लगी है जिसका दुष्परिणाम ऐसे पेपर लीक की घटना, अब यह सिस्टम ऐसा ही रहा तो यह पेपर लीक फिर नहीं होगा यह कह पाना बहुत मुश्किल है, क्योंकि जैसा की अभी NEET की परीक्षा में हुआ, पेपर बनाने वाले ने ही लीक किया तो यह पैसे और संबंधों की मानवीय कमजोरी की भेंट फिर चढ़ सकता है। यह भय हमेशा बने रहना स्वाभाविक है ।
आज एक हाई-लेवल (हाई-पावर्ड) टास्क फोर्स बनाने का फ़ैसला मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार ने किया है।
यह हाई-पावर्ड टास्क फ़ोर्स देश के पूरे एग्जामिनेशन सिस्टम का रिव्यू करेगी और ज़रूरी सुधारों के लिए पूरी सिफारिशें देगी। टेक्नोलॉजी के आधार पर यह कमेटी परीक्षा की प्लानिंग से लेकर रिज़ल्ट तक के प्रोसेस को फ़ुलप्रूफ़ बनाने की दिशा में काम करेगी ।
यह कमेटी मुख्य रूप से इस बात पर फ़ोकस करेगी कि एग्जामिनेशन प्रोसेस में मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कैसे बढ़ाया जाए, डेटा सिक्योरिटी को कैसे मज़बूत किया जाए और इंसानी दखल को कम करके गड़बड़ियों को कैसे खत्म किया जाए।
यह टास्क फ़ोर्स नेशनल लेवल की एजेंसियों द्वारा आयोजित एग्जाम की क्रेडिबिलिटी को फिर से बनाने और करोड़ों स्टूडेंट्स के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक मज़बूत मॉडल तैयार करेगी, जिससे आने वाले समय में देश में एजुकेशनल और कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तस्वीर बदल जाएगी।
इस काम के लिए जिस हाई-पावर्ड टास्क फ़ोर्स के निर्माण की घोषणा आज मोदी जी ने की है उसमें देश के अलग-अलग बड़े इंस्टीट्यूशन के साथ टेक्नोलॉजी और सिक्योरिटी सेक्टर के 6 एक्सपर्ट शामिल किए गए हैं -
नंदन नीलेकणि (इंफ़ोसिस के को-फ़ाउंडर):
इंफ़ोसिस के को-फ़ाउंडर और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणि इस कमेटी को हेड करेंगे। आधार प्रोजेक्ट को सफल बनाने में उनका अहम रोल था। IIT बॉम्बे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग करने वाले नीलेकणी ने 1981 में एन.आर. नारायण मूर्ति के साथ मिलकर इंफोसिस की शुरुआत की थी।
एस. सोमनाथ (ISRO के पूर्व चेयरमैन):
भारत के स्पेस प्रोग्राम से लंबे समय से जुड़े और ISRO के पूर्व चेयरमैन एस. सोमनाथ को शामिल किया गया है। उन्होंने 1985 में विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर से अपना करियर शुरू किया और जनवरी 2022 में ISRO के चेयरमैन बने।
तपन डेका (IB के पूर्व डायरेक्टर):
इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के पूर्व हेड और 1988 बैच के हिमाचल प्रदेश कैडर के IPS ऑफिसर तपन डेका को सिक्योरिटी और इंटेलिजेंस मामलों में उनके बहुत ज़्यादा अनुभव को देखते हुए इस टीम में शामिल किया गया है।
वी. कामकोटि (IIT मद्रास डायरेक्टर):
IIT मद्रास के डायरेक्टर और कंप्यूटर साइंस, इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी और VLSI डिज़ाइन के एक्सपर्ट वी. कामकोटि इस कमिटी के मेंबर हैं। वे जनवरी 2022 से IIT मद्रास के डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे हैं।
श्रीमती अनीता करवाल (पूर्व शिक्षा सचिव):
1988 बैच की IAS अधिकारी और पूर्व शिक्षा सचिव, जिन्होंने शिक्षा मंत्रालय में काम किया है, श्रीमती अनीता करवाल को शामिल किया गया है।
अमृत लाल मीणा (लॉजिस्टिक्स एक्सपर्ट):
लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में जाने-माने एक्सपर्ट अमृत लाल मीणा को भी इस टास्क फोर्स में जगह दी गई है।
The unfortunate death of Tapi district RFO Vikas Desai while chasing a suspected khair wood smuggle is heartbreaking. Salute to our brave officers who risk their lives to fulfil their duties. My deepest condolences to his family and friends. I pledge to support his family financially or any way they need for their livelihood. Requesting the Gujarat government also for a compensation to his family comprising of his wife, five year old son and parents.
@CMOGuj@Bhupendrapbjp@GujForestDept@arjunmodhwadia
Some relationships are inherited by birth, while others are shaped by trust, guidance, and encouragement. My father gave me the values that have guided my life, and Shri Dhirubhai Ambani, a father figure, inspired me to dream bigger and lead with conviction. Their influence continues to shape my journey in countless ways. On this Father’s Day, extending deepest respect and heartfelt gratitude to both for their enduring wisdom and invaluable guidance.
#HappyFathersDay #FathersDay