@ivivekbansal@gupta_rekha@bsesdelhi 45°C+ heat and 8 hours of power cuts during the daytime is honestly brutal. In these conditions, electricity is not a luxury it’s a basic necessity. People can’t sleep, work, study, or even stay safe from heat exhaustion.
Shame on @bsesdelhi !
Best coaches, world-class players… and still only losses 🤡
Hardik Pandya as head, while Rohit has way more experience… MI really chose Chapri over logic 💀
From champions to meme material real quick 📉
#CSKvsMI#MumbaiIndians#ipl
@ArunKoslii भारतीय सेना पर बांग्लादेश आर्मी की गाड़ी क्या कर रही है ?
कोई इनसे पूछने वाला हो कोई अपने अकाउंट की पब्लिसिटी के लिए, RT लेने के लिए दूसरे देशों की विडिओ उठाकर कैसे डाल रहे हैं ?
शिक्षा अब सेवा नहीं, सीधा बिज़नेस बन चुकी है।
हर साल “सिलेबस बदलने” के नाम पर बस दिखावा होता है, ताकि नई किताबें बेचकर जेब भरी जा सके। एक क्लास 5 की इंग्लिश किताब ₹1035 — ये पढ़ाई नहीं आम आदमी के जीवन की मजबूरी का सौदा है।
City Montessori school की
Class 5th की सिर्फ अंग्रेजी की एक किताब
1035 रूपये की है,
अब तक हिन्दू खतरे में था,
अब हिन्दू के बच्चों की शिक्षा भी खतरे में आ गई है,
ना पढ़ा हूं ना पढ़ने दूंगा
मैं उस समय वही मौजूद था। आप जिस एक वाक्य को आधार बना रहे है वो बिल्कुल ग़लत है। आपकी बाते सत्य से परे हैं।
आपने यह कहा था कि “एक अकेला व्यक्ति शासन-प्रशासन से नही लड़ सकता, इसलिए जब किसी भी हिंदू समाज के व्यक्ति को तकलीफ़ आती है तो संघ के लोगो का उसका समर्थन करना चाहिए, क्योंकि आप लोगो के पास संगठन है, और सिस्टम में पकड़ भी है, अकेला व्यक्ति सिस्टम से नही लड़ सकता।”
इसके उत्तर में सरसंघचालक जी ने कहा था कि “संघ ने ठेका ले रखा है क्या?” उन्होंने यह भी कहा था कि संघ के स्वयंसेवक अग्रेसर बन सकते है, लेकिन उनके पीछे हिंदू समाज को एक-जुट होकर खड़ा होना पड़ेगा।
इस वाक्य के मर्म को समझने की जरूरत है। संघ समाज का संगठन है, ना कि समाज के अंदर कोई संगठन। संघ से जुड़ने वाला व्यक्ति इसी समाज से आता है और समाज के लिए ही कार्य करता है। संघ का स्वयंसेवक घर-घर जाकर आह्वान करता है कि संघ से जुड़िए, शाखा में आइए, अपने आस-पास के लोगो को भी जोड़िये, संघ में आकर संघ के कार्य को समझिए, अगर अच्छा लगे तो ठीक, नहीं तो आप स्वतंत्र है, यहाँ कोई कांट्रैक्ट थोड़े है।
हिंदू समाज को संगठित करने के लिए ही संघ का कार्य है। ताकि विकट परिस्थितियों में समाज एक जुट होकर लड़ सके, ना कि शासन और प्रशासन से मदद की आस में बैठा रहे। आज समाज संगठित नही है, सशक्त नही है, जात-पात में विभक्त है, इसलिए समस्याएं है, जिसका फायदा राजनीतिक दल उठाते है। आज हिंदू के घर में लाठी भी नहीं मिलती, अपने बचाव के लिए हथियार रखना तो दूर। संघ में एक रहने की शिक्षा मिलती है, लाठी भी घर में है तो उसका इस्तेमाल कैसे करना है, उसकी ट्रेनिंग होती है। समाज के हर व्यक्ति से प्रेम भाव हो, दबे, कुचले या कमजोर की मदद हो, ऊंच-नीच का भेदभाव ख़त्म हो, ये सिखाया जाता है। आज लाखो सेवा कार्य संघ के स्वयंसेवक चला रहे हैं।
सरसंघचालक जी ने अनेकों बार सपष्ट किया है कि संघ का काम राजनीति से नहीं हो सकता, क्योंकि आज की राजनीति समाज को तोड़ती है। राजनीतिक दल वोट के लिए नीतियां बनाते है। जबकि संघ जैसा संगठन जात-पात और ऊंच-नीच के भाव से ग्रस्त समाज को एक करने के लिए कार्य कर रहा है।
दूसरा प्रश्न बंगाल को लेकर था, जिसपर उन्होंने कहा था कि “संघ के स्वयंसेवक अपने सामर्थ्य अनुसार जितना कर सकते हैं, उतना कर रहे हैं। फिर भी कोई अन्य विषय है तो बंगाल के स्थानीय कार्यकर्ताओं से आप बात कर सकते है, और मैं भी व्यक्तिगत रूप से बात करके वहाँ की जानकारी लूंगा।”
आपको जब संघ के कार्य की समझ नही है, तो आप जो चाहे आरोप लगायें, और जो चाहे बोले, क्योंकि आपकी पोस्ट को शेयर करने वाले भी अधिकतर लोग वही हैं जो संघ को जानते नही। गाली देना बहुत आसान है, देश में बहुत लोग कर रहे हैं। फ़र्क़ इतना ही है कि आपके जैसे लोगो कि गाली थोड़े ज़्यादा लोग सुनते हैं। यही आपके घमंड का कारण भी है। रावण भी कहता था कि “मैंने अपनी कठिन तपस्या से शक्तियाँ पायी, इसलिए उनपर घमंड का अधिकार भी है, और उसी घमंड के मद में चूर होकर ग़लत कार्य कर बैठा।”
इसलिए आपने जो फॉलोवर जोड़े है, उनके ऊपर घमंड का पूर्ण अधिकार है। लेकिन बेहतर यह है कि गाली-गलौच की बजाय समाज जागरण में उसका इस्तेमाल करें। आधी-अधूरी बात बोलकर अपने आप को सही साबित करने की कोशिश ना करें।
कल हरियाणा के सिरसा में शाम साढ़े 7 बजे शादी से लौट रहे एक परिवार कार समेत गहरे नहर में गिर गया..!
तभी एक बाइक वाला उधर से गुजर रहा था
उसने चिल्ला कर गाँव वाले को इकट्ठा कर लिया। कार में 6 लोग सवार थे
3 महिला, एक पुरुष, एक 4 साल और एक 2 साल का बच्चा
वहां के युवाओं ने कार का शीशा तोड़ कर सबको सुरक्षित बचा लिया.
कुल 3–4मिनट में धराधर पानी में कूद कर सबको बचा लिया.
यहां हाईटेक सिटी नोयडा में ढाई घंटे तक एक इंजीनियर चिल्लाते रहा, लेकिन 50 सरकारी लोग मिल कर भी नहीं बचा पाये
सब्जी वाले से रिश्...त लेना हो तो एक ही काफी हैं
किसी की जान बचाना हो तो 50भी नहीं बचा पाया
हरियाणा के बहादुरों दोस्तो को सेल्यूट रहेगा आप सब ही देश के असली हीरो हैं..!!
It’s a shame that Madhya Pradesh, often projected as a leader in tiger conservation, lost 55 tigers in a single year. This reflects serious failures in protection, habitat management, and accountability.
An immediate, independent investigation against the concerned officials is essential. Accountability cannot be optional when extinction is the cost.
@narendramodi@byadavbjp@moefcc@ntca_india@DrMohanYadav51
मोदी सरकार की गारंटी: हर श्रमिक का सम्मान!
आज से देश में नई श्रम संहिताएं लागू हो गई हैं, जिससे मिलेगी :
✅ सभी कामगारों को समय से न्यूनतम वेतन की गारंटी
✅ युवाओं को नियुक्ति पत्र की गारंटी
✅ महिलाओं को समान वेतन और सम्मान की गारंटी
✅ 40 करोड़ श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी
✅ फिक्स टर्म एम्प्लॉईस को एक साल बाद ग्रेच्युटी की गारंटी
✅ 40 साल से अधिक आयु वाले श्रमिकों को सालाना मुफ़्त हेल्थ चेक-अप की गारंटी
✅ ओवरटाइम करने पर दुगने वेतन की गारंटी
✅ जोखिम-भरे क्षेत्रों के कामगारों को 100% हेल्थ सिक्युरिटी की गारंटी
✅ इंटरनेशनल मानकों के मुताबिक श्रमिकों को सामाजिक न्याय की गारंटी
यह सुधार सिर्फ बदलाव भर नहीं बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा श्रमवीरों के कल्याण के लिए लिया गया एक ऐतिहासिक निर्णय है। ये नए श्रम सुधार आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को नई गति प्रदान करेंगे।
#श्रमेव_जयते
#ShramevJayate
If they become engineers, they will blow up buildings.
If they become scientists, they will create bombs.
If they become pilots, they will crash planes into buildings.
If they become doctors, they will make deadly poison.
Moral of the story:
No matter the profession — you can’t escape what someone already is.
#RedFort #DelhiBlast #IslamicTerror
Warm greetings to all ITBP Himveers and their families on their Raising Day. The Force embodies unmatched courage, discipline and devotion to duty. Serving amid the harshest climates and most difficult terrains, they safeguard the nation with unwavering resolve. Their compassion and readiness during disaster relief and rescue missions reflect the finest traditions of service and humanity.
@ITBP_official