2027मे बसपा की सरकार बनानी है तो उत्तर प्रदेश /आज़मगढ़ की सभी विधानसभा कमेटी /सेक्टर अध्यक्ष की बैठक कर जितने वाले प्रत्याशी को लड़ाए मण्डल के लोग अपनी मैरिड /जेब के चकर मे रहते है बसपा /बहन जी से निवेदन है
@AnandAkash_BSP@Bsp4u@Mayawati @
बसपा जिंदाबाद बहन जी जिंदाबाद
बहन जी उत्तर प्रदेश /आज़मगढ़ की हर विधानसभा सीट पर जितने वाले प्रत्याशी चुनाव लड़ना होगा मण्डल प्रभारियों के कहने पर नहीं वे लोग दूसरे दलों से मिल कर अपनी(....)भरतें है
आप को और पार्टी /जनता के भरोसा को तोड़ने
सेवा मे
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय /संबंधित अधिकारी जनपद आजमगढ़
विषय शराब पीकर संजय पुत्र राजाराम गाली देने के सम्बन्ध मे
अत आप श्रीमान से प्रार्थना है की प्राथी की शिकायत को संज्ञान मे लेते हुए विधिक कार्यवाही करने की कृपा करे
बी.एस.पी. के विधायक श्री उमाशंकर सिंह जबसे बी.एस.पी. में आये हैं उन्होंने पूरी ईमानदारी व निष्ठा से अपनी ज़िम्मेवारी निभाई है और आजतक इनके क्षेत्र से इनके बारे में किसी भी प्रकार की अवैध तरीके़ से सम्पत्ति अर्जित करने या अन्य कोई भी ग़लत कार्य करने की शिकायत नहीं आई है।
हालाँकि पिछले लगभग दो वर्षों से वे काफी गंभीर बीमारी से जूझ रहें हैं, ऐसी स्थिति में आयकर विभाग को अगर इनके सम्बन्ध में कोई शिकायत मिली थी तो वे इनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर इनके ठीक हो जाने के उपरान्त इनसे पूछताछ कर सकते थे। हम कोई इस विभाग के कार्य में दख़ल नहीं दे रहें, लेकिन आज जिस तरह से इन पर अति-गंभीर बीमारी के दौरान कार्रवाई की गयी है वह अति-दुर्भाग्यपूर्ण है और मानवता के ख़िलाफ है।
आजमगढ़ मंडल में टिकट के नाम पर 3 लाख की मोबाइल 40000 की मोबाइल 10000 की मोबाइल लेने और देने का काम हुआ तो साथियों 2027 में ऐसे सरकार नहीं बनेगी बहन जी को धोखा दे रहे है आजमगढ़ मण्डल के मण्डल कोर्डिनेटर अपनी जेब भर रहे है
@AnandAkash_BSP@Bsp4u@Mayawati@satishmisrabsp
विनम्र श्रद्धांजलि 💐
अत्यंत दुखद समाचार।
जनपद बाराबंकी निवासी बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ मिशनरी साथी वन निगम के उपाध्यक्ष रहे,पूर्व लोकसभा प्रत्याशी आदरणीय श्री विजय कुमार गौतम एडवोकेट जो पिछले एक महीने से बीमार चल रहे थे आज उनके निधन की सूचना अत्यंत पीड़ा दायक।
कुदरत परिजनों एवं चाहने वालों को दुख सहने की शक्ति दे।
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी ने आज लखनऊ के प्रदेश कार्यालय पर प्रदेश के सभी जिला जिलाध्यक्षों, सभी विधानसभा अध्यक्षों, सभी विधानसभा प्रभारियों, भाईचारा संयोजक को, व सभी मुख्य कॉर्डिनेटर / प्रभारियों की अतिमहत्वपूर्ण मीटिंग ली,
मीटिंग में बहन जी ने पार्टी मूवमेंट के हित में जरूरी दिशा निर्देश दिए।
बहुजन समाज पार्टी के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी को, देश भर में उनके करोड़ों अनुयाइयों की चाहत के अनुसार अब बिना और देरी किये, भारतरत्न से सम्मानित किया जाए तो यह उचित होगा ।
~ आदरणीय बहन मायावती जी
देश में संसद व राज्य विधानमण्डलों के सत्र के घटते समय के साथ-साथ हर बार इनके भारी हंगामेदार एवं स्थगन आदि से इनकी जन उपयोगिता का घटता प्रभाव अक्सर गंभीर चिन्ता का विषय रहा है और इसीलिये उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इन दिनों चल रहे 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के तीन-दिवसीय सम्मेलन के दौरान विधानमण्डलों की कार्यवाही के लगातार घटते समय पर चिन्ता व्यक्त किया जाना उचित, सामयिक व सराहनीय, जिसपर सरकार और विपक्ष दोनों को अति-गंभीर होकर इस पर अमल भी ज़रूर करना चाहिये।
भारतीय संसद व राज्यों के विधानमण्डल यहाँ देश की संवैधानिक व लोकतांत्रिक व्यवस्था के अहम स्तंभ हैं तथा सरकार/कार्यपालिका को देश व जनहित के प्रति उत्तरदायित्व बनाये रखने का एक सशक्त माध्यम है। संसद व विधानमण्डलों की कार्यवाही साल में कम-से-कम 100 दिन के कैलेण्डर तथा सही नियमों के हिसाब से शान्ति-व्यवस्था के साथ चले, यह बहुत ज़रूरी है।
इसके अलावा, ’सरकारी मान्यता नहीं होना मदरसा को बंद करने का आधार नहीं’ सम्बंधी माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच द्वारा दिया गया फैसला अति-महत्वपूर्ण व सामयिक है तथा इस आधार पर श्रावस्ती में मदरसे पर लगी सील 24 घण्टे में हटाने के निर्देश का भी स्वागत।
वैसे भी संभवतः यहाँ कोई भी सरकार नीतिगत तौर पर प्राइवेट मदरसों के विरुद्ध नहीं, बल्कि ज़िला स्तर पर अधिकारियों की मनमानी का ही शायद यह परिणाम है कि इस प्रकार की अप्रिय घटनाओं की ख़बरें आती रहती हैं, जिसपर सरकार को उचित संज्ञान लेकर ऐसी प्रवृति को सख़्ती से ज़रूर रोकना चाहिये।
कल दिनांक 16/01/2026 को जिला अधिकारी महोदय के आदेश पर जिला परियोजना अधिकारी महोदय द्वारा समय 4:30 बजे शाम जांच के समय पूर्व प्रधान व वर्तमान प्रधान के सहयोगियों द्वारा मुझे /शिकायतकर्ता को धमकी देते रहे है साक्षय मे वीडियो है
1. बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार द्वारा, डाक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरण के सार्वजनिक कार्यक्रम में एक मुस्लिम महिला डाक्टर का हिजाब (चेहरे का नक़ाब) हटाने का मामला सुलझने की बजाय, ख़ासकर मंत्रियों आदि की बयानबाजी़ के कारण, विवाद का रूप लेकर यह लगातार तूल पकड़ता ही जा रहा है, जो दुखद व दुभाग्यपूर्ण। जबकि यह मामला पहली नज़र में ही महिला सुरक्षा व सम्मान से जुड़ा होने के कारण माननीय मुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप से अब तक सुलझ जाना चाहिये था ख़ासकर तब जब कई जगहों पर ऐसी अन्य वारदातें भी सुनने को मिल रही हैं। अच्छा होगा कि मा. मुख्यमंत्री इस घटना को सही परिप्रेक्ष्य में देखते हुये इसके लिये पश्चाताप कर लें और कड़वा होते जा रहे इस विवाद को यहीं पर ख़त्म करने का प्रयास करें।
2. इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के बहराइच ज़िला पुलिस द्वारा पुलिस परेड में, स्थापित परम्परा/नियमों से हटकर, एक कथावाचक को सलामी देने का मामला भी काफी बड़े विवाद में है और इसको लेकर सरकार कठघरे में है। पुलिस परेड व सलामी की अपनी परम्परा/नियम, मर्यादा, अनुशासन व पवित्रता है, जिसको लेकर खिलवाड़ कतई नहीं किया जाना चाहिये। यह अच्छी बात है कि यूपी के पुलिस प्रमुख ने इस घटना का संज्ञान लेकर ज़िला पुलिस कप्तान से जवाब तलब किया है। कार्रवाई का लोगों को इंतज़ार है। वैसे राज्य सरकार भी इसको गंभीरता से लेकर ऐसी घटनाओं की पुनरावृति पर रोक लगाये तो यह पुलिस प्रशासन/अनुशासन एवं कानून का राज के हक़ में उचित होगा।
3. जहाँ तक कल दिनांक 19 दिसम्बर से शुरू हुये उत्तर प्रदेश विधान सभा के संक्षिप्त शीतकालीन सत्र का सवाल है, तो यह सत्र भी पिछले सत्रों की तरह ही, जनहित व जनकल्याण के मुद्दों से दूर रहने के कारण सत्ता व विपक्ष के बीच वाद-विवाद में घिर गया है। बेहतर होता कि सरकार किसानों के खाद की समस्या के साथ-साथ जनहित की अन्य समस्याओं तथा जनकल्याण के प्रति गंभीर होकर संदन में इन पर जवाबदेह होती।
4. इसके साथ ही, संसद का शीतकालीन सत्र भी, राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की भीषण समस्या सहित देश व जनहित की विकराल रूप धारण कर रही समस्याओं पर विचार किये बिना ही, कल समाप्त हो गया। जबकि पूरे देश की निगाहें लगी थीं कि सरकार व विपक्ष दोनों देश के ज्वलन्त समस्याओं पर विचार करेंगे और इससे कुछ उम्मीद की नई किरण पैदा होगी, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं होना दुभाग्यपूर्ण। देश की चिन्तायें लगातार बरकरार।
5. इसके साथ-साथ, पड़ोसी देश बांग्लादेश में जो हालात तेज़ी से बिगड़ रहे हैं तथा वहाँ भी नेपाल की तरह भारत विरोधी गतिविधियाँ बढ़ रही हैं, वे भी चिन्तनीय स्थिति है, जिसपर भी केन्द्र सरकार समुचित संज्ञान लेकर दीर्घकालीन नीति के तहत कार्य करे तो यह उचित होगा। धन्यवाद।