कुछ की मोहब्बत मुकम्मल हुई कुछ की अधूरी रही
कुछ के मां बाप ने देखी उनकी सफलता कुछ बिन देखे चले गए
कुछ ने जीती समाज दी हुई प्रतियोगिता कुछ को हार मिली
आखिर में सबके पास एक जैसा दर्द था
सब एक जैसा सुकून ढूंढ रहे थे
बिलकुल आखिर में सब धीमे से सांसों का रुख जाना मांग रहे थे
लोग भटकते है रिश्तों में
जैसे भटकते है दुनिया में
जैसे एक सुकून बस घर आकर मिलता है
वैसे ही कुछ रिश्ते घर होते है
भटक भटक कर उन्ही कुछ चुनिंदा रिश्तों के पास पहुचो तो लगता है घर आ गया।
Wo Hindu jo samaaj me cool banne ke peer pressure me liberal ban gaye hai.
Man to unka bhi hai #kashmirifiles dekhne ka, taarif karne ka.
Lekin unka nakli liberism unke hi gale me fas gaya hai, na ab wo nigal sakte hai or na wo ugal sakte hai.
आज़ादी महान देशों को अनगिनत शहादतों से मिलती है।हमें-आपको मिली है तो इसका आदर करिए और इसे अक्षुण्ण रखने की सोचिए।जिनकी स्वयं की प्रासंगिकता, तात्कालिक-सत्ताओं की ग़ुलामी के कारण बरकरार है उनकी टीका-टिप्पणियों से हमारे महान और गौरवशाली शहीदों के सम्मान पर कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता🇮🇳🙏
@locaterobinplus ये सब आदमी कि छोटी और सस्ती बुद्धि का कमाल है
और समाज जो ना उत्सुक है और ना समय लेता सही सोचने में
देखा जाए यह दोनों ही बातें जुड़ी हुई है
मैं इतना बेहतर हो कर दिखाऊंगा के नफरत के भी परे निकल जाऊंगा
फिर भी अगर उनको मुझे चोट पाहुचानी होगी तो मेरे पीछे पीछे आना होगा
जहां से वो भी बेहतर होकर लौटेंगे