*इलाहाबाद हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
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मातांबर मिश्रा बनाम यूपी में सुनवाई करते* हुए माननीय न्यायालय ने धारा 151 के तहत शांति भंग का केस लगाकर अवैध रूप से हिरासत में रखने को गंभीर बताते हुए पीड़ित को प्रतिदिन के हिसाब से 25000 रुपए क्षतिपूर्ति पुलिस अधिकारी की सैलरी से देने का आदेश दिया। अब 24 घंटे से अधिक तक मनमाने तरीके से हिरासत में रखने पर प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगेगा और वह भरा जाएगा गिरफ्तार करने वाले अधिकारी की सैलरी से। माननीय हाईकोर्ट का निर्णय पूरे उत्तर प्रदेश में लागू होगा।
मामला क्या था?
प्रयागराज के रहने वाले मातांबर मिश्रा किसी काम से घर के पास ही जा रहे थे,तभी दरोगा जी उनको उठा ले गए और 151 अशांति भंग में 8 दिन तक *हिरासत में रखा। अब 2 लाख चुकाने होंगे फिलहाल दरोगा जी को सैलरी से।*
अब कुमार विश्वास को भी ट्रीटमेंट मिल गया 🔥
शिक्षकों या छात्रों को जो उंगली करेगा उसका इसी प्रकार इलाज किया जाएगा सबके सामने।
RT करो रे इसे तो ताकि विश्वास तक पहुँचे।
लेखपाल सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर इलाहाबाद में बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं।
बार-बार सामने आने वाले पेपर लीक, सॉल्वर गैंग और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विवाद उनकी मेहनत और भविष्य पर गंभीर प्रभाव डालते हैं।
हाल के दिनों में भी कुछ वीडियो और रिपोर्ट्स ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
सरकार और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे अभ्यर्थियों का विश्वास बहाल हो सके।
देश के युवाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद भर्ती प्रक्रिया का अधिकार है। अब समय है कि जवाबदेही तय हो और परीक्षा प्रणाली को अधिक मजबूत बनाया जाए।
प्रयागराज की सड़कों पर उमड़ा प्रतियोगी छात्रों का ग़ुस्सा सिर्फ़ एक परीक्षा का विरोध नहीं, बल्कि उस व्यवस्था के खिलाफ़ आवाज़ है जिस पर युवाओं का भरोसा लगातार टूटता जा रहा है। लेखपाल भर्ती परीक्षा को निरस्त कर निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया की मांग कर रहे छात्रों का कहना है कि भाजपा सरकार में भर्ती परीक्षाएं अब मेहनत नहीं, बल्कि अव्यवस्था और संदेह का प्रतीक बन चुकी हैं।
पेपर लीक, धांधली और लगातार उठते सवालों ने प्रतियोगी युवाओं के भविष्य को असुरक्षा के अंधेरे में धकेल दिया है। मेहनत करने वाला छात्र आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
ये युवा किसी राजनीतिक मंच पर नहीं, अपने हक़ और भविष्य के लिए सड़क पर हैं। भर्ती परीक्षाओं में धांधली, बार-बार होने वाले पेपर लीक और बढ़ती बेरोज़गारी ने इनके सब्र का बांध तोड़ दिया है।
📍प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
लेखपाल जैसी अनेक प्रतियोगी परीक्षा के पेपर लीक का आरोप लगाकर इलाहाबाद में प्रतियोगी छात्रों का हुजूम सड़कों पर है।
भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार में हर परीक्षाओं के पेपर लीक हो जाते हैं। दूसरों सरकारों पर सीटें बेचने का आरोप लगाने वाले पीएम मोदी के शासन में, जीरो टॉलरेंस वाले मुख्यमंत्री के राज में पेपर ही बिक जाते हैं।
परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा के समय के बाद भी पेपर लीक और सॉल्वर गैंग, पेपर लीक स्ट्रीट के दलाल एक्टिव रहते हैं। हाल में ऐसे वीडियो भी वायरल हुए हैं। अपनी करतूतों पर पर्दा डालने के लिए सब कुछ करती है यह निकम्मी सरकार लेकिन जवाबदेही तय नहीं करती।
युवाओं ! इन निकम्मों और तानाशाहों के रहते यह हालात नहीं बदलने वाले।
लेखपाल भर्ती परीक्षा धांधली 🚨
मोदी-योगी सरकार में लगता है युवाओं को नौकरी से ज़्यादा आंदोलन का रास्ता दिखाया जा रहा है।
जब भर्ती ही सवालों के घेरे में हो, तो युवाओं का गुस्सा सड़कों पर दिखना तय है। 🔥
📍प्रयागराज, यूपी
BJP सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को धन उगाही का जरिया बना दिया है. एक भी परीक्षा बिना धांधली के नहीं हो रही है.
आज यूपी के प्रयागराज में लेखपाल भर्ती में हुई धांधली के विरोध में युवा सड़कों पर उतरे हैं.
इन युवाओं का साफ संदेश है- BJP सरकार की धांधली को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.