मध्यप्रदेश के महू के आदिवासी क्षेत्र आडापाड़ा तहसील में आज भी मासूम बच्चे कीचड़ और बदहाल रास्तों से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। बारिश में हर दिन उनकी जान जोखिम में पड़ती है। सत्ता आती है, जाती है… लेकिन आदिवासी बच्चों के हालात नहीं बदलते। किस स्तर के विश्वगुरु हैं हम, जहाँ बच्चों के लिए सुरक्षित सड़क तक नहीं है? भारत में सत्ता मिलना मानो जनता की सेवा नहीं, सात पुश्तों का बंदोबस्त करने का लाइसेंस बन गया है।
मध्य प्रदेश के सागर जिले की बेटियों की यह तस्वीर भाजपा के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार के विकास मॉडल की सच्चाई उजागर करती है।
रहली विकासखंड के बेरखेड़ी कल्ला और चेनपुरा गांव की छात्राओं को हर दिन स्कूल पहुंचने के लिए उफनती कोपरा नदी पार कर अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। जिस पुलिया के सहारे वे स्कूल जाती थीं, वह चार वर्ष पहले टूट गई थी, लेकिन आज तक उसका न तो पुनर्निर्माण कराया गया और न ही मरम्मत की गई। ग्रामीणों के अनुसार, इस गंभीर समस्या से अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
यह बेहद शर्मनाक है। सोचने को मजबूर हूं कि आखिर सत्ताधारियों को चैन की नींद कैसे आती है?
Despite numerous ongoing development projects within #SER, trains on the KGP-TATA-CKP-ROU-JSG, TATA-CBSA-BBN, CNI-TATA route are still not running on time. Why is that, @serailwaykol? When can we expect the issue of delayed passenger trains to be resolved? Any ETA?
Regular delays of HWH-BBN Exp. (12021/22) causing severe difficulties for people of the region, who depend on Kolkata for essential needs. If this issue isn't resolved, public demonstrations may follow. Act urgently! @DRMCKP@serailwaykol@RailMinIndia#TrainDelay#IndianRailways
Banspani ( Joda ) Barbil rail line should be taken up alongwith Barbil Kiriburu new rail line seriously. This will establish a shorter link between both Rourkela Kendujhargarh and Joda Barbil.
@AshwiniVaishnaw@RailMinIndia