जब मोदी जी इटली में टॉफी खिलाते हुए reels बना रहे थे - पेपर लीक से त्रस्त भारत के युवा सड़कों पर न्याय मांग रहे थे।
क्योंकि NEET Paper Leak ने लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद कर दिया। कई बच्चों ने तो अपनी जान तक गंवा दी।
और मोदी जी ने न ज़िम्मेदारी ली, न धर्मेंद्र प्रधान को हटाया, न एक शब्द कहा।
अब जब छात्र, NSUI और INC के कार्यकर्ता न्याय की आवाज़ उठा रहे हैं - BJP की प्रदेश सरकारें उन पर लाठियाँ बरसा रही हैं।
जो सरकार छात्रों के सवालों का जवाब लाठी से देती है, वो जवाबदेही से नहीं - डर से चलती है।
पर हम डरने वाले नहीं हैं।
हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा नहीं देते और देश में पेपर लीक रोकने के लिए एक मज़बूत और सुरक्षित सिस्टम नहीं बनता।
यह लड़ाई हर उस छात्र के लिए है जिसका भविष्य इस नाकाम सरकार ने चुराया।
"वो हमारे पुराने पेशेंट थे.. बहुत ही अच्छे पेशेंट थे.."
अब डॉक्टर भी कैसे-कैसे बयान देने लगे हैं!! ऐसा लग रहा है ऐसी कोई परचून की दुकान हो.. हमारे पुराने कस्टमर थे.. बहुत ही अच्छे कस्टमर थे..
ये लखनऊ के मेदांता अस्पताल की डॉक्टर रुचिता शर्मा हैं जो प्रतीक यादव के स्वास्थ्य के बारे में बात कर रही हैं..
#PrateekYadav #SamajwadiParty #BJP #Death #Businessman #Sports #Fitness #Lucknow
संविधान को अगर सबसे ज्यादा किसी से खतरा है तो आप जैसे गोदी मीडिया से है।
मगर शर्म आपको आती नहीं,सत्ता के साईड बैठकर सत्ता की चापलूसी करना , लेकिन देश के असल मुद्दों पर मुंह नहीं खुलता है आपका।
और हां सुनिए, असल में आपको भगवा रंग से नहीं आपको सत्ता का रंग ज्यादा प्यारा है।
राइटर्स बिल्डिंग का #रंग बदल चुका है…
#भगवा_मय_बंगाल
1777-1780: निर्माण कार्य
सरकार का कामकाज लंबे समय तक यहीं से हुआ.
अब भगवा सरकार के रंग में भवन का रंग
अपने-अपने बच्चे को मंत्री बना लो, युवाओं पर लाठी चला दो!
बिहार में यही हो रहा है। NDA के नेताओं ने बिना चुनावी प्रक्रिया में भागीदार किये, अपने बच्चों को मंत्री बना दिया। लेकिन बिहार के लाखों युवा, जिन्होंने सालों मेहनत कर पढ़ाई की है, उनसे चुनाव से पूर्व NDA के नेताओं द्वारा वादा किया गया था कि TRE-4 की वैकेंसी जारी की जाएगी। लेकिन सरकार गठन के 6 महीने बाद भी TRE-4 का विज्ञापन नहीं निकला है। उल्टे वैकेंसी की मांग करने पर लाठियां बरसाई जा रही है।
बिहार के युवाओं से इतनी नफरत क्यों है NDA सरकार को? क्यों उन पर अत्याचार किया जा रहा है? वे तो बस वादा निभाने के लिए कह रहे हैं, जिस वादे के आधार पर उनसे वोट मांगा गया था? ये युवा बस अपना अधिकार मांग रहे हैं, वे केवल परीक्षा आयोजित करने के लिए कह रहे हैं। ताकि अपनी प्रतिभा दिखा सके। लेकिन रोजगार विरोधी ये सरकार कर रही है अत्याचार, NDA की युवाओं से वादाखिलाफी नहीं भूलेगा बिहार
#Bihar #RJD
कांग्रेस पर इस से ज़्यादा कठोर तंज किसी ने नहीं किया होगा जितना अखिलेश यादव ने किया ।
राहुल गांधी ने चुनाव मध्य ममता बनर्जी के लिए कहा था “ टीएमसी ने बंगाल में बीजेपी को आने का मौक़ा दिया ” ।
और तमिलनाड में गठबंधन की हार के बाद कांग्रेस ने डीएमके को छोड़ टीवीके को समर्थन दे दिया ।
सादर प्रणाम गगन जी।
क्या ऐसा चुनाव कभी आपने अपनी पूरी जिंदगी में देखा था जिस तरीके से चुनाव पश्चिम बंगाल में हुआ,नहीं न?
खैर छोड़िए मास्टर साहब आप! आपको कैसे दिखेगा आप बीजेपी सपोर्टर जो है ऊपर से अंधभक्त में से हैं।
ज्ञान का आ जाना ही सबकुछ नहीं होता।
अखिलेश यादव बोले - दीदी, AAP नहीं हारी!
ममता बनर्जी बोलीं - हम हारे नहीं!
ये लोग खुद को संविधान बचाने वाले बताते हैं, लेकिन जनता का फैसला मानने को तैयार नहीं।
कटू सत्य है।
मगर बिहार के लिए अफसोस जनक है, एक इलेक्टेड मुख्यमंत्री को हटा कर सिलेक्टेड मुख्यमंत्री बना दिया गया, जिसके लिए आज तक मीडिया वालों ने एक सवाल तक नहीं पूछा कि ऐसा क्यूँ? जबकि वोट तो आपने नीतीश कुमार जी के नाम पर लिया था।
खैर! ठीक है, जनमत की इज्ज़त अब कौन करता है।
बिहारियों का इलाज जब पड़ोसी राज्यों के अस्पतालों और दिल्ली के AIIMS में ही होना है तो क्या फ़र्क पड़ता है कि बिहार का स्वास्थ्य मंत्री कौन है!
गोरखपुर के किसी अस्पताल में जाकर पता कर लीजिए। सबसे अधिक मरीज गोपालगंज, सिवान के मिलेंगे! बनारस BHU में जाकर देख लीजिए, मरीज बिहार से मिलेंगे। दिल्ली के AIIMS के सामने सड़क पर पड़े तीमारदारों से पूछ लीजिए, कहां से आए हो ? बिहार ही बताएंगे!
बिहार अभिशप्त है।
ममता बनर्जी इस देश की बहुत बड़ी नेता हैं, लेकिन हार की हताशा में सीएम पद नहीं छोड़ना, सीधे सीधे संविधान का मखौल बनाना है.
दीदी को ग्रेसफुल तरीक से पद छोड़कर हार स्वीकार करनी चाहिये.
मौलाना तौसीफ़ रज़ा का परिवार सबूतों के आधार पर आरोप लगा रहा है। उनकी पत्नी के पास आखरी कॉल कि रिकॉर्डिंग मौजूद है। जिसमें मौलाना ने खतरे कि आशंका जताई थी, उन्होंने साफ कहा था कि कुछ लोग उनके साथ मारपीट करने कि कोशिश कर रहे हैं, वो लोगों से मदद मांग रहे थे।
एक के बाद एक घटनाएं... क्या देश में कानून का खौफ खत्म हो चुका है? एक और मौलाना को निशाना बनाने की कोशिश इस बात का सबूत है कि नफरत की राजनीति अब सड़कों पर तांडव कर रही है। सरकारें तमाशा देख रही हैं और आम इंसान असुरक्षित है। आखिर ये सिलसिला कब थमेगा? 😡👇
अच्छा तो मतलब आप जस्टिफाई कर रहे हैं कि सुवेन्दु अधिकारी दूध के धुले हैं, कार्यकताओं को बहकाने और भ्रमित करने का काम सिर्फ टीएमसी कर रही है।
अरे! सर जी पत्रकार हो आप क्या इन नेताओं की बातों से सहमत हो रहे हो आप।
यह मौलाना तौसीफ रज़ा की आखिरी कॉल है, रिकॉर्डिंग में वह अपनी पत्नी से कहते हैं कि ट्रेन में कुछ नशे में लोग उन्हें पकड़कर गाली दे रहे थे और मार रहे थे। वह बार-बार पुलिस को बुलाने के लिए कहते हैं। भारत में मुसलमानों की लिंचिंग कितनी आसान हो गई है।
@UN@hrw
सही कहा था @surya_samajwadi भाई आपने
ये व्यक्ति शुद्ध रूप से बीजेपी एजेंट और संघी मानसिकता पत्रकार है।
इसके चेहरे की खुशी बता रही है ,बंदा दिल से बीजेपी को चाहता है।
दावा तो पिछले चुनाव में भी किया गया था कि इस बार कमल रूपी पुष्प खिलेगा मगर खिलने नहीं दिया बंगाली भाइयों ने।
भारत की सबसे बड़ी न्यूज़ एंकर @chitraaum जी को डॉक्टरेट की मानद उपाधि मिली है,
अब वे डॉक्टर चित्रा त्रिपाठी कहलाएंगी,
चित्रा जी को दिल की गहराईयों से शुभकामनायें,