जिस्म तेरा संगेमरमर
सांस तेरी तहज़ीब
छू लूं जो तुझको कभी
हो जाऊं मैं तहदीब
जिस्म तेरा संगेमरमर
नक़्श नक़्क़ाशी है
तेरे हुस्न की दीवारों पर
मेरी वफ़ा लिखी है
जिस्म तेरा संगेमरमर
ख���्वाब मेरा संगतराश
घिस-घिस के खुद को तराशूं, पाऊं तेरा ही एहसास
जिस्म तेरा संगेमरमर
लम्स तेरा ठंडा सुकून
छू लूं तो तराश जाऊं
टूट जाऊं फिर भी जुनून
जिस्म तेरा संगेमरमर
आंखें जैसे झरने दो
पत्थर भी पिघल जाएं
देख ले जो तेरे हुस्न को
संगमरमर का पुतला है
या ताज की परछाई है
तेरे जिस्म की सफेदी में
मेरी मोहब्बत समाई है
जिस्म तेरा संगेमरमर