अयोध्या के राम मंदिर में दक्षिणा चोरी के समाचार से ध्यान हटाने के लिए समाजवादी पार्टी में टूट का फ़र्ज़ी न्यूज़ प्लांट करने वाले बकबक मौसमी मंत्री और स्टूल मंत्री जी की भी जॉच होनी चाहिए ।
इनका ये फ़र्ज़ी दावा साज़िश का हिस्सा था चोरों को बचाने के लिए । #Rammandir@myogiadityanath@PMOIndia@yadavakhilesh
दैनिक भास्कर ने आज बसपा के UP अध्यक्ष विश्वनाथ पाल का स्टिंग किया है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मायावती से मिलने का टोकन मनी 5 लाख रुपए है, जबकि विधानसभा टिकट पाने के लिए 3.35 करोड़ रुपए देने होंगे।
UP- गोंडा में अर्पित (7 साल) अपनी मां के साथ लुधियाना से आया था. बस अड्डे पर मां की तबियत बिगड़ी. अस्पताल में भर्ती कराया. 4 दिन इलाज के बाद मां की मौत हो गयी. रिश्तेदारों को फोन लगाया, कोई भी आने को तैयार नही. आंसुओं से डबडबाई आंखों से अर्पित अपनों का इंतजार करता रहा लेकिन कोई नही आया.
मेडीकल कालेज के अनुरोध पर एक संगठन ने अर्पित की मां का अंतिम संस्कार कराया.
अर्पित के पिता से मां का अलगाव 2 साल पहले हो गया था. दूसरी शादी की लेकिन आखिर वक्त वह भी धोखा दे गया. यह दुनियां फरेबों से भरी पड़ी है.
ये लड़का जिसका नाम विनोद है, विनोद जाखड़। ये जेन ज़ी है।
ये भला आदमी रात होने तक तो सीकर में नीट के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहा था और सुबह चार बजे तक झुंझुनूं के गांवों में था। नीट मामले में पीड़ित परिवार के सदस्यों की बात नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से करवा रहा था।
पीड़ित परिवार को शुक्रवार की रात को पचास हजार रुपए भेंट करके आया।
शनिवार को इसने एलान किया कि उनका संगठन 11 लाख रुपए का पूरा करजा उस पीड़ित परिवार का उतारेगा। शनिवार शाम को वह हैदराबाद में प्रदर्शन कर रहा था। इस ट्वीट के साथ प्रदर्शन के वीडियो हैं।
विनोद अनुसूचित जाति के एक मजदूर का बेटा है, छात्र संघ के चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जीतकर राजस्थान विश्वविद्यालय का अध्यक्ष बना था। किसी तरह वह एनएसयूआई का अध्यक्ष बना और मौक़ा मिला ने उसने एनएसयूआई के ही कुछ दिल्ली वाले नेताओं की भारी परेशानी झेली और उसे अपमानित किया गया; जो कि पदों पर बनावटी तौर बैठ जाने वाले लोग करते हैं। लेकिन उसने पूरे हौसले से काम किया।
मुझे याद है, मैं तो उसे जानता ही नहीं था। मेरा परिचय विनोद से तब हुआ जब वह राजस्थान की ख़तरनाक़ लू में राजस्थान के जिलों का दौरा करने निकल रहा था। वह अवाक् कर देने वाला हौसला था। उसने वह सब किया। मुझे नहीं याद पड़ता कि किसी काँग्रेसी युवा या बुज़ुर्ग ने कभी कोई इस तरह का काम किया हो। तथ्यों के अनुसार दुरुस्त करने का अधिकार तो आपका है ही।
अब NSUI का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना तो इस किरदार में इस तरह उतर गया कि उसकी सक्रियता काँग्रेस में विभिन्न पदों पर वर्षों से बैठे लोगों को नींद में भी शर्मसार तो ज़रूर करती होगी कि काम कैसे किया जाता है। बहुत से पदाधिकारी जातियों और क्षेत्रीयता के दायरे से ही बाहर नहीं आ पाते और जाने क्या बनने के ख़्वाब देखने लगते हैं। कुछ पूरा समय गाय वाले भैंस के नीचे और भैंस वालों को गाय के नीचे करने से ही फुरसत नहीं।
मुझे लगता है, सही राजनीति इसी तरह की जाती है, जो रास्ता विनोद ने अपनाया है। राजनीति का एक ही माध्यम है और वह है आंदोलन।
आंदोलन वह तेज वेग जलधारा होती है, उसमें कचरा बह जाता है और सिर्फ़ टिकी रहने वाली चीज़ें ही टिकती हैं। आंदोलन नहीं होते तो असली चीज़ें ढक जाती हैं और कचरा उसके ऊपर तैरने लगता है। यह कोई कांग्रेस की कहानी नहीं है। यह जनता के मूल दु:ख-दर्द से विमुख आंदोलनविहीन और यथास्थतिवादी हर संगठन के साथ है।
आप सोचिए, अगर किसानों, युवाओं, संस्कृति कर्मियों, बुजुर्गों, प्यास से तड़पते इलाकों, सुदूर यात्री सुविधाओं से वंचित लोगों,एमएसपी की झूठी कहानियों, जल और उर्वरकों के संकट में सूखती फसलों, बदहाल मंडियों, बढ़ते अपराधों, बहुत ख़तरनाक़ तरीके से सुदृढ़ होती घूसखोरी, आए दिन सड़कों पर मारे जाते लोगों, साइबर ठगियों के बेइंतहा अपराधों, लुटते बुजुर्गों, बैंकिंग सिस्टम की बेलगाम लूट आदि मामलों में कितना कुछ किया जा सकता है।
छात्रों और नीट के मोर्चे पर अपने किरदार को जीकर विनोद ने यही दिखाया है। यह एक छोटी घटना है, लेकिन इसके भीतर का विस्तार बहुत है। विनोद एक उम्मीद का नाम है; जो काँग्रेस जैसी आंदोलनविमुख ज़मीन पर पैदा हुई है।
मैं जानता हूँ, मेरा यह ट्वीट इस तरह लिखे जाने से इसे कोई भी कॉंग्रेसी रिपोस्ट तो क्या; लाइक भी नहीं कर सकता। हाँ; बच्चे गाली वाले प्रियजन तो वे आमंत्रित हैं!
@VinodJakharIN@RahulGandhi@Pawankhera@Sukhjinder_INC@JitendraSAlwar@SachinPilot@nsui
@sanjayjourno@BrijLal_IPS इसको दोबारा राज्यसभा में नहीं भेजा जा रहा है क्या इसलिए अब ये इतना चाटेगा की की चाट चाट के गुलाबी हो जायेगा की दोबारा राज्य सभा नहीं जायेगा 🤣🤪🤣
यह कॉकरोच नहीं देश की सबसे पुरानी पार्टी के बहादुर कार्यकर्ता हैं जो जयपुर में NEET घोटाले में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। पानी की तेज मार झेल रहे हैं, भीषण गर्मी झेल रहे हैं। लड़ाइयाँ ऐसे लड़ी जाती हैं। राजस्थान से भाजपा गई, लिख लो।