उत्तर प्रदेश | बड़ी खबर
🔹 लखनऊ: CM योगी की अध्यक्षता में शाम 5 बजे कैबिनेट बैठक, 18 से अधिक प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर।
🔹 लखनऊ: चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के संशोधित प्रस्ताव और खिलौना विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2025 पर फैसला संभव।
🔹 लखनऊ: करीब 40 हजार PRD जवानों के मानदेय में बढ़ोतरी और कैशलेस इलाज की सुविधा पर विचार।
🔹 लखनऊ: शोहरतगढ़, बढ़नी और सवायजपुर में नए बस स्टेशन बनाने का प्रस्ताव।
🔹 लखनऊ: ATS से वाहनों की फिटनेस जांच के लिए राज्य नीति-2026 का प्रस्ताव कैबिनेट में रखा जाएगा।
🔹 लखनऊ: सरकारी प्राथमिक स्कूलों को ‘स्मार्ट स्कूल’ के रूप में विकसित करने की योजना पर चर्चा।
🔹 मथुरा: छाता शुगर मिल में एथेनॉल प्लांट लगाने के प्रस्ताव पर कैबिनेट में फैसला संभव।
🔹 लखनऊ: चीनी मिलों को पेराई सत्र 2026-27 के लिए सरकारी गारंटी देने का प्रस्ताव।
🔹 लखनऊ: लघु एवं सीमांत किसानों को 6 लाख रुपये तक 6% ब्याज पर कर्ज देने के प्रस्ताव पर विचार।
🔹 लखनऊ: उचित दर दुकानदारों को प्रति क्विंटल खाद्यान्न पर 25 रुपये अतिरिक्त मार्जिन देने का प्रस्ताव।
🔹 अयोध्या: NSG क्षेत्रीय केंद्र के लिए करीब 65 एकड़ जमीन मुफ्त देने के प्रस्ताव पर फैसला संभव।
🔹 लखनऊ: प्रदेश में पहले चरण में 900 नई अदालतें और संबंधित पद सृजित करने का प्रस्ताव।
🔹 लखनऊ: 10 साल तक की किरायेदारी-पट्टे पर स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट का प्रस्ताव।
🔹 लखनऊ: ECHS पॉलीक्लिनिक के लिए सेना को जमीन मुफ्त देने के प्रस्ताव पर कैबिनेट में विचार।
🔹 लखनऊ: 2-3 अक्टूबर को BJP प्रदेश कार्यसमिति की बैठक संभावित, 2027 चुनाव की रणनीति पर होगा मंथन।
🔹 राजस्थान: निकाय चुनाव में BSP ने 19 सीटों पर जीत दर्ज की, मायावती ने कार्यकर्ताओं को दी बधाई।
🔹 लखनऊ: इटौंजा क्षेत्र में गोमती की बाढ़ से 9 गांव प्रभावित, ग्रामीणों ने स्थायी समाधान और मजबूत तटबंध की मांग उठाई।
#पहचान
जड़ों से उखड़ गए परिवार भी टूट गये,
परिवार से समाज था अकेला वो आज था,
संकट पहचान का, मान और सम्मान का,
तुमको तुम ही जानते हो चाहे जो मानते हो,
लौट चलो मूल को, सुधार लो उस भूल को,
एकला चलो तुम लेकिन मूल से जुड़े रहो,
एकला चलो तुम लेकिन मूल से जुड़े रहो।
#मौनव्रतजनप्रतिनिधि
#
वो मौन था,
लेकिन कौन था?
लोगों ने बोलने के लिए चुना था,
पर उसने कहा बोलना मना है।
लोगों ने चुना फिर मौन हो गये,
उसके लिए तो ये लोग कौन हो गये।
"आनन्द पथिक"
सिरफिरा था कोई जो हुकूमत से टकरा गया,
शहीद होने की चाह में जवानी को ठुकरा गया,
हुकूमत को तो लोगों ने ख़ुद के लिए ही चुना था,
ऐसे लोगों के लिए उसने झूठा ख्वाब ही बुना था,
तरीका गलत था पर सवाल तो सही था
सलीके से पूछने पर भी, जबाब ही नहीं था,
उत्तर मिला नहीं लेकिन क्या अंजाम सही था?
सवाल उठा क्यों मन में, मात्र दुस्साहस यही था।
@AMushroof सिंकदर का मुकद्दर भी एक फलसफ़ा है,
क्या हुआ जो किसी की नजर से उतर गए,
मुहब्बत उनको हो गयी हम बावफ़ा न हुए,
नाशुक्री का आलम है हम भी मुकर गए।