Salary : ₹14.65 lakh
Tax Paid : ₹98,600
Heart Surgery Expense: ₹4.5 lakh
❌ No deduction under the New Tax Regime.
❌ No Ayushman Bharat benefit due to income criteria.
Then what's the reward for being an honest middle class taxpayer?
On the ground at Jantar Mantar I ask @SauravDassss of @Cockroachisback when there might be another round of talks with government , his response to PM Modi tweet on NEET Exam, the violence last night at Tolstoy Marg and what the path ahead is as protests take place in multiple other cities. More ground reports here https://t.co/y349lZ2fTT
Remember this @narendramodi ji…
The day you decided to stop giving interviews… lol
Now ANSWER the QUESTIONS as it should be in a DEMOCRACY
PS : see back side. someone is watching 🤧
"BRITISHERS NEVER LEFT BHARAT…
POLITICIANS TOOK THEIR ROLE" 😢
"GOD IS OMNIPOTENT, OMNISCIENT, AND OMNIPRESENT"
#exploitation #justice
#ImportantAnnouncement🚨
The Delhi Police has detained hundreds of peaceful protesters after using brute, borderline-lethal force.
Now they are NOT allowing lawyers to meet them and are also not giving us a full list of detainees.
So @AshutoshRanka@deepakbaliyan90, and I will be giving a peaceful dharna at 8 PM today outside Delhi Police HQ if this constitutional right of detainees is not adhered to before that! @CPDelhi@DCPNewDelhi
#CJPProtest
"The police have behaved like gundas."
Newslaundry speaks to @SauravDassss, who says the protest continues as they await the government's response.
He says Wangchuk's health is now their main concern and adds that legal and medical aid is available for all protesters.
आज जंतर-मंतर से सैकड़ों छात्रों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से लगभग 80 छात्रों को दिल्ली पुलिस छत्रसाल स्टेडियम लेकर गई। उन्हें वहाँ रात लगभग 9 से 9:30 बजे तक रखा गया और उसके बाद अलग-अलग पुलिस वाहनों में बैठाकर विभिन्न पुलिस स्टेशनों में ले जाया गया।
रात लगभग 12:30 बजे से 1 बजे के बीच हमें कुछ छात्रों के परिवारजनों का फोन आया। उन्होंने बताया कि लगभग 6–7 छात्रों को मुखर्जी नगर थाने लाया गया है। परिवार वालों का आरोप था कि उन्हें अपने बच्चों से मिलने नहीं दिया जा रहा, कई छात्रों के फोन तोड़ दिए गए हैं और पुलिस अधिकारी यह तक बताने को तैयार नहीं हैं कि उन्हें केवल हिरासत में लिया गया है या गिरफ्तार किया गया है, अथवा उनके विरुद्ध कोई FIR दर्ज की गई है। यहाँ तक कि वकीलों को भी उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही थी।
रात लगभग 2 बजे हम मुखर्जी नगर थाने पहुँचे। वहाँ जो हुआ, उसे देखकर यकीन करना मुश्किल था कि जिस पुलिस को हम कानून का रक्षक मानते हैं, वह कभी-कभी नागरिकों के अधिकारों के प्रति इतना असंवेदनशील व्यवहार भी कर सकती है।
हमने पहले बिना कैमरा चालू किए लगभग 15 मिनट तक अधिकारियों से बातचीत करने और जानकारी लेने की कोशिश की। लेकिन किसी भी अधिकारी ने कोई उत्तर देने से इनकार कर दिया। मजबूर होकर हमें कैमरा चालू करना पड़ा।
हमने देखा कि छात्रों को अलग-अलग पुलिस वाहनों में बैठाया जा रहा था और उन्हें किसी अन्य स्थान पर ले जाने की तैयारी हो रही थी। जब पूछा गया कि उन्हें कहाँ और क्यों ले जाया जा रहा है, तो कोई स्पष्ट उत्तर नहीं मिला। कई पुलिस अधिकारी कैमरे से अपना चेहरा छिपाते दिखाई दिए। हमने थाना प्रभारी से मिलने की भी कोशिश की, लेकिन उन्होंने भी मिलने से मना कर दिया।
इसी पुलिस स्टेशन में महात्मा गांधी की तस्वीर लगी हुई है और डी.के. बसु (D.K. Basu) दिशानिर्देशों का उल्लेख भी किया गया है। कानून स्पष्ट है—किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने पर उसके परिवार को सूचित किया जाना चाहिए और उसे अपनी पसंद के वकील से मिलने तथा कानूनी सलाह लेने का अवसर दिया जाना चाहिए।
पुलिस का कहना था कि छात्रों को मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाया जा रहा है। लेकिन यदि उन्हें कई घंटे पहले ही हिरासत में लिया गया था, तो रात 2 बजे अचानक मेडिकल कराने की आवश्यकता क्यों पड़ी? इस प्रश्न का भी किसी के पास कोई उत्तर नहीं था।
यह वीडियो लगभग 17 मिनट का है, लेकिन यदि आप इसे पूरा देखेंगे तो समझ पाएँगे कि किस प्रकार जवाबदेही की जगह केवल “ऊपर से आदेश है” कहकर संवैधानिक और कानूनी दायित्वों से बचने की कोशिश की जाती है।
कई छात्रों ने आशंका व्यक्त की है कि जंतर-मंतर से हिरासत में लिए गए छात्रों के विरुद्ध झूठे या अनुचित FIR दर्ज किए जा रहे हैं। परिवारजनों ने हमें यह भी बताया कि जब उन्होंने पुलिस अधिकारियों से जानकारी माँगी तो उन्हें कहा गया कि “घर चले जाइए, नहीं तो आपके ऊपर भी FIR दर्ज कर दी जाएगी।”
यदि कोई सामान्य नागरिक अपने हिरासत में लिए गए बेटे, बेटी, भाई या बहन से मिलने की भी कोशिश न कर सके और पुलिस का रवैया ऐसा हो, तो सोचिए उन परिवारों पर क्या बीतती होगी।
यदि इस देश के युवा शांतिपूर्ण ढंग से अपने अधिकारों की माँग कर रहे हैं, तो क्या उनके साथ लाठीचार्ज करना और आधी रात को इस प्रकार का व्यवहार करना उचित है? क्या पुलिस की भी कोई जवाबदेही नहीं है?
हर अधिकारी का केवल एक ही उत्तर था - “ऊपर से आदेश है।” लेकिन यह “ऊपर” कौन है? आदेश किसने दिए? और क्या कोई भी आदेश संविधान और कानून से ऊपर हो सकता है?
यह वीडियो लंबा है, लेकिन यदि संभव हो तो इसे पूरा अवश्य देखिए। विशेष रूप से मेरे सभी अधिवक्ता साथियों और कानूनी समुदाय से मेरा आग्रह है कि इस पर अपनी आवाज़ उठाएँ। कानून-व्यवस्था की पहली सीढ़ी एक पुलिस थाना होता है। यदि राजधानी दिल्ली में, हर विरोध प्रदर्शन के दौरान, पुलिस मानवाधिकारों और कानूनी दिशानिर्देशों की अनदेखी करती रहे, तो यह केवल प्रदर्शनकारियों का नहीं बल्कि पूरे विधि-तंत्र का प्रश्न बन जाता है।
यदि देश की राजधानी में यह स्थिति है, तो देश के दूर-दराज़ इलाकों में नागरिकों के साथ क्या हो रहा होगा, इसकी कल्पना की जा सकती है।
सवाल बड़े हैं। लड़ाई लंबी है। लेकिन जहाँ भी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की आवश्यकता होगी, हम अपने साथियों के साथ खड़े रहेंगे।
#JantarMantar
#StudentVoices
#Delhi
#NEET
@PTI_News@ANI@ians_india@thewire_in@IndianExpress@ravish_journo@prakashraaj@CJP_for_India@INCIndia@BJP4India@INCDelhi@DelhiPolice@_YogendraYadav@abhijeet_dipke@SauravDassss@srinivasiyc@UdayBhanuIYC
@aajtak@anjanaomkashyap Jhutha propaganda failane wali or god mai baithi hui media se yahi sab umid rakh sakte hai.
Agar Sansad tak nahi pahuche the to tmhare papa kyu bhag agaye? Sansad ka gate band kyu kiya tha? Gun ke sath force kyu ready the, aiming on Protesters like terrorist?
जंतर मंतर पर पुलिस किसी को भी अंदर नहीं जाने दे रही है? क्यों- इस समय क्या हो जाएगा?
Unlawful Assembly 5 लोगों की होती है- हम पाँच लोग नहीं है? फिर पुलिस क्यों नहीं जाने दे रही?
ऊपर वे ऑर्डर है!
और अधिकतर पुलिस ऑफिसर ने नाम के बिल्ले भी नहीं लगाए है ! पुलिस अपनी ड्यूटी कर रही है पर करवाने वालों को शर्म नहीं आ रही है?
गजब है इस देश में कानून का हवाला देकर कैसे कानून की धज्जियाँ उड़ाई जाती है!
#NEET #JantarMantar #Delhi #StudentsVoice
IMPORTANT STATEMENT FROM JANTAR MANTAR
TIME: 2:30 AM
The Cockroach Janta Party’s demands from the government have not changed. We want accountability from Dharmendra Pradhan for the death of 20+ students by suicide and relief of Rs 1 crore each for their families. Our movement will not stop until we get justice!
The peaceful march to the Parliament as planned stands. Sonam Wangchuk has also appealed to the people of India to make this a huge and resounding success.
We also demand that Wangchuk sir be released from the hospital where he’s being forcefully held against his will by the government, so he can also join the historic #ChaloSansad march at 9 am. As previously announced, Gitanjali J. Angmo will be joining the peaceful march if Wangchuk sir is not permitted to come out.