आजकल सोशल मीडिया पर ब्राह्मणों को गाली देने का ट्रेंड बहुत जोरों पर है। कोई कहता है “ब्राह्मणों ने सारी दुनियाँ खराब कर दी”, कोई लिखता है “आरक्षण खत्म करो, ब्राह्मणों को पहले हटाओ”, कोई तो इतना आगे निकल जाता है कि ब्राह्मणों को “परजीवी” और “शोषक” तक कह देता है। स्क्रॉल करते-करते लगता है जैसे ब्राह्मण ही सारे देश के दुश्मन नंबर वन हैं। फिर वही लोग, जब असल ज़िंदगी में ब्राह्मण पंडित जी के घर शादी का मुहूर्त निकलवाने जाते हैं, तो क्या करते हैं?“पंडित जी, प्रणाम! बैठिए ना… चाय लाइए… अरे अरे, पैर छू कर… देवता हैं आप!” हाथ जोड़कर, सिर झुकाकर, “स्वामी जी, कृपा कीजिए… लग्न बताइए… ग्रह दोष शांत कीजिए…” वो ही पंडित जी, जिसे कल शाम को फेसबुक पर “ब्राह्मणवाद” का सबसे बड़ा दुश्मन बताकर ट्रोल किया था, आज सुबह उनके पैरों में गिर रहा है। व्यंग्य तो देखो – सोशल मीडिया पर:
“ब्राह्मण भाई, तुम्हारी वजह से ही हम पिछड़े हैं! तुमने ही तो हजारों साल से शोषण किया!” असल ज़िंदगी में:
“पंडित जी, बच्चे का नामकरण कर दीजिए… और हाँ, दान-दक्षिणा जो भी कहें, दे देंगे। आप तो भगवान के अंश हैं।"
सोशल मीडिया पर:
“ब्राह्मण आरक्षण के खिलाफ हैं क्योंकि वे खुद मेरिट पर नहीं टिकते!”
असल ज़िंदगी में (जब बेटे की जॉब लगने में दिक्कत हो):
“पंडित जी, कोई पूजा-पाठ बताइए… सरकारी नौकरी लग जाए… आपकी कृपा से सब हो जाता है।”
सोशल मीडिया पर तो ब्राह्मण “जातिवादी”, “रूढ़िवादी” और “अंधविश्वासी” हैं।
लेकिन जब अपनी बेटी की कुंडली में मंगल दोष निकल आए, तब वही ब्राह्मण “ज्ञानी”, “वेदों के ज्ञाता” और “देवतुल्य” बन जाते हैं।एक दिलचस्प बात और है।
जो लोग दिन में तीन बार “ब्राह्मणों को सड़क पर लाकर पीटना चाहिए” लिखते हैं, वे शाम को जब अपनी माँ-बाप की श्राद्ध की तिथि पूछने जाते हैं, तो पंडित जी के सामने घुटनों के बल बैठकर कहते हैं –
“महाराज, पितरों की आत्मा को शांति मिले… आप जैसा कोई नहीं।”व्यंग्य की पराकाष्ठा तो तब होती है जब ये लोग खुद को “प्रगतिशील”, “सेकुलर” और “जातिवाद विरोधी” बताते हैं।
फिर भी, जन्म, मरण, विवाह, गृहप्रवेश, नामकरण – हर मौके पर ब्राह्मण के पैर छूने से बाज नहीं आते।सच तो यह है कि सोशल मीडिया पर ब्राह्मण-विरोधी बनना बहुत आसान और मॉडर्न लगता है।
“ट्रोल करो, वायरल हो जाओ, लाइक्स बटोर लो।”
लेकिन असल ज़िंदगी में जब मुसीबत आती है, जब भविष्य अंधकारमय लगता है, जब कोई रीति-रिवाज निभाना पड़ता है – तब वही “शोषक ब्राह्मण” अचानक “देव प्रणाम” बन जाता है।तो भाई, अगली बार जब तुम ट्विटर/इंस्टाग्राम पर ब्राह्मणों को कोस रहे हो, तो एक बार सोच लेना –
कल सुबह अगर तुम्हें पंडित जी के पास जाना पड़ा, तो हाथ जोड़कर “प्रणाम” बोलते वक्त शर्म तो नहीं आएगी ना?क्योंकि सोशल मीडिया पर तो तुम “क्रांतिकारी” हो,
लेकिन असल ज़िंदगी में… जिसे दिन में गाली देते हो और रात को पूजते हो। ब्राह्मण देव प्रणाम! (ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों जगह) बस फर्क इतना है – एक जगह से गाली, दूसरी जगह से चरण स्पर्श।
ये है आज का सबसे बड़ा “सेकुलर” ड्रामा
एक नेता जी की
बीवी के साथ कोई जबरदस्ती
कर रहा था तो वो नेता जी भागकर अंदर गए और चरखा
उठा लाये और चलाने लगे।
बीवी को गुस्सा आया और वो चिल्लाई : तुम
पागल हो क्या ये गुंडा मेरे साथ गलत कर रहा है और तुम चरखा
चला रहे हो ??
तो पति बोला चरखे से तो अंग्रेज भाग गए फिर ये किस खेत
की मूली है ये भी भाग जाएगा!
ये कहकर नेता जी चरखा और जोर से चलाने लगे जब
तक वो गुंडा उस नारी के साथ और ज्यादा
बदतमीजी करता रहा!
बीवी रोती हुई गुस्से में पति
से बोली छोडो ये चरखा और pls मुझे बचाओ!
ये सुनकर पति ने चरखा पटका और उठकर
बलात्कारी के निकट गया और पूरी विनम्रता
से बोला मेरी पत्नी को छोड़ दीजिये...
इतना सुनते ही उस गुंडे ने पति के एक खेंचके झाँपट
मार दिया... तो पति ने दूसरा गाल आगे कर दिया और फिर बोला
मेरी बीवी को छोड़ दीजिये ....उस गुंडे ने दूसरे गाल पे भी एक
कसके झाँपट मार दिया पति बेहोश हो गया....
इतने में एक भगत सिंह नाम का वीर वहाँ से गुजरा,
उसने जब चीख पुकार सुनी तो वो अंदर गया
और उस महिला को बचाने के लिए गुंडे से भिड़ गया और आखिर में
उस गुंडे को मार के भगा दिया..... औरत ने भगत सिंह को धन्यवाद किया ...पर अचानक लोगों की भीड़ वहाँ पहुंच गयी..तो पति ने चतुराई दिखाते हुए, सारा क्रेडिट खुद ले लिया ...और अपने दोनों लाल गाल सबूत के आधार पे दिखा दिए....कहा मैंने अहिंसा का पालन करते हुए इसकी रक्षा की....पत्नी तो शर्म के मारे कुछ न बोल पाई, भीड़ ने भी उसके पति को महान इंसान मान लिया....और भगत सिंह को पकड़ के गुंडा गर्दी करने के आरोप पुलिस को सौंप दिया...पति तो जनता में मसीहा बन गया जिसने बिना खून खराबे के समस्या सुलझा दी ... और भगत सिंह सच्चा होते हुए भी बदनाम हो गया !
कहानी हमारी आज़ादी की भी कुछ ऐसी ही है.....देश के लिए जान देने वाला आतंकी कहलाया, और चरखा चलाने वाला देश में महात्मा बन बैठा ...
ये पोस्ट सरदार शहीद भगत सिंह को समर्पित है, मार्च के इसी महीने में उनको फांसी हुई थी ..देश हमेशा उनके बलिदान का ऋणी रहेगा ।।
चार साल का बच्चा बता रहा है कि उसके पड़ोसी उसकी माँ को कैसी कैसी गालियां देते हैं ताकि वो इस्लाम क़बूल कर ले या मोहल्ला छोड़ दे
दिल्ली पुलिस का नाकारापन चरम पे हैं
@PIBHomeAffairs@AmitShahOffice
रुझान आने लगे हैं। सवर्णों के प्रति दीवारों पर लिखे भाषणों से उनके सार्वजनिक रेप और हत्या की धमकी से आगे बेटियाँ माँगने और न मिलने पर हत्या होने लगी है। 15 साल की लड़की पर जबरन विवाह का दवाब, छेड़ना और SC/ST एक्ट की धमकी। मोदी की लगाई विषबेल है ये।
Why legacy media is hiding attack on Hindu festival Ramanavami ?
Major incident in Jharkhand's Hajaribah.
Multiple attacks allegedly on Ram Navami
Over 450, including children, injured
Prince Kumar and Abhishek Sharma brutally hacked to death
When India needed a missile testing range, Biju Patnaik fought with opposition and quickly allotted Wheeler island for free to the DRDO clearing all bureaucratic hurdles. He specifically asked Dr. Kalam to build long range missiles so that India never has to face another 1962 like humiliation. Today, after his death, worshipers of Viceroy's loyal servant and Simon Commission's receptionist are abusing him and questioning his patriotism. What a country!
मांड्या कर्नाटक
390 सिलेंडर एक कांग्रेसी नेता ने जमाखोरी करके रखे थे जब एक महिला अधिकारी ने छापा मारकर वह सिलेंडर बरामद किया तब तुरंत कर्नाटक के एक मिनिस्टर का फोन आ गया कि आप कोई कार्रवाई मत करिए आप सारे सिलेंडर छोड़ दीजिए आप सिलेंडर जमाखोरों के यहां कोई छापेमारी मत करिए
तो मित्रों इस तरह से कांग्रेस अपने-अपने राज्यों में गैस और पेट्रोल डीजल की तंगी करवरकर एक माहौल बनाना चाहती है
ONE DRUNK MAN IS MORE INTELLIGENT THAN 3 H0ndu Women With PHDs
>Yasmeen Khan used to run a beauty parlour.
>She invited H!ndu girls to her parlour by offering free courses.
>Many poor H!ndu girls joined it because it was free.
>Yasmeen started mixing some intoxicating substance into their drinks.
>Her husband Mohammad Shareef would then grape these girls while they were unconscious and record the acts.
>The wife would stand guard outside the parlour to make sure no one else entered.
>They used the recorded videos to blackmail the girls into having relations with other Mslm men.
>During the police investigation, Yasmeen said that “kafiirr girls deserve to be graped by Mslm men” and that they would go to Jannat.
Despite knowing what’s going on, these H girls continue forming friendships with M girls.....their greed is their greatest vulnerability
आइटी सेलिया टट्टे मेरे ट्वीट निकालते हैं, इसको डिफेंड कैसे करोगे? ‘मोदी जी ने टोपी नहीं पहनी’ कह कर? आइटीसेलिए खतना कराए बैठे हैं, डिफेंड घंटा करना है।
We will not accept this video—no, no, no, absolutely not.
The BJP is a party of pure Hindutva; what can I say? We must have lost our minds back in 2014—as if we had consumed some hallucinogenic poison—when we mobilized our entire extended family to cast their votes just to bring the BJP to power in the name of Hindutva.
The IT Cell will likely be arriving soon to defend this video.
@aamliNSS@ajeetbharti@belikevinayak@BJP4India
अब कुछ दिनों में यह बुर्के के फायदे बताएगी कि बुरका पहनने से प्रदूषण से बचाव होता है, धूप में संसक्रीम लगाने का खर्चा बचता है, गर्मी में धूप और सर्दी में सर्द हवाओं से बचाता है... बुर्के के नीचे कपड़े मैले कुचले हों तो भी किसी को पता नहीं चलता...
अब कुछ दिनों में यह बुर्के के फायदे बताएगी कि बुरका पहनने से प्रदूषण से बचाव होता है, धूप में संसक्रीम लगाने का खर्चा बचता है, गर्मी में धूप और सर्दी में सर्द हवाओं से बचाता है... बुर्के के नीचे कपड़े मैले कुचले हों तो भी किसी को पता नहीं चलता...
On July 6, 2011, a Muslim mob spread the fake narrative of disrespect towards a religious book in Mainather, Moradabad, UP.
They ransacked a police outpost, set vehicles on fire, thrashed police men and Hindus.
The fanatic mob of 500 jihadis surrounded Ashok Kumar Singh, who was serving as the Deputy Inspector General (DIG) in Moradabad at the time, and attacked him with rods, swords and sticks.
They looted his pistol. They thought that he was dead and left him. He sustained multiple injuries including eight fractures to his hands, shoulder, and ribs. He remained in hospital for 10 days and underwent medical treatment for nearly six months thereafter.
Mayawati was the Chief Minister.
For 10 hours, that day, police personnel fought pitched battles with hundreds of Muslim villagers who poured in from other parts of Moradabad district and also from neighbouring Rampur, Sambhal and Amroha.
The accused set fire to a police jeep right inside the Mainather police station. With the specific intent of escalating the unrest, the Muslim rioters first assaulted people passing through the area.
Hindus, in particular, were being singled out and targeted. Witnessing this, passing Hindus began abandoning their vehicles and fleeing. The travelers were left utterly helpless.
on 28 Mar 2026(after 15 years) a local court in Moradabad sentenced 16 rioters to life imprisonment in connection with the preplanned violence.
The names of the antinationals are Manzoor Ahmed, Mohammad Ali, Hashim, Mohammad Kamrul, Mohammad Mujif, Mohammad Yunus, Rizwan, Anwar, Firoz, Kamrul, Mobin, Parvez, Mujib, Tahzeeb, and Jane Alam.
हिंदुओं को खत्म कैसे करना है 🤔
इस पे online मीटिंग हो रही है हमारे प्यारे मुस्लिम भाइयों की,
कह रहे है हमें हिन्दुओं को जातियों मे डिवाइड करना है फिर एक दूसरे से लड़वाना है और सबसे ज्यादा ब्राह्मणो को टारगेट करना है
😶😶😶
क्या रसूल सेवा संघ के काम करने का तरीका भी ऐसा ही है ?