@ravirajprayagi कुत्ता भी इतना वफ़ादार नहीं होता जितना दिल्ली पुलिस अपने आक़ा के लिए वफ़ादार है।
वफ़ादारी के चक्कर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धजिया उड़ाकर रख दी!!
दस साल की पत्रकारिता में कभी पुलिस ने छुआ नहीं आज गले में प्रेस कार्ड है तब पर भी पुलिस लाठी से मार रही :- पत्रकार विनीत
विवेकानंद मार्ग जो CP की ओर जाती है उसी रास्ते पर हम लोग कवर कर रहे थे तभी पुलिस प्रदर्शनकारियों के ऊपर लाठी बरसाने लगी और हम सभी लोग रिकॉर्ड कर रहे तभी पुलिसवाले ने साथी पत्रकार विनीत को भी लाठी से मार दिया सवाल पूछने पर उसके साथी सिपाहियों ने वहाँ से हटा दिया ।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की धज्जियां उड़ाकर दिल्ली पुलिस ने कई पत्रकारों को डिटेन किया .
नेहा बोरा के प्रोटेस्ट के दौरान @Saurabh_Unmute पत्रकारों के प्रति पुलिस के रवैए के चश्मदीद थे .
सौरभ से सुनिए पूरी बात
छात्रों, वकीलों और पत्रकारों के ID कार्ड देखे जा रहे हैं, उन्हें डिटेन किया जा रहा है
लेकिन ये डंडों से भरी कार खुलेआम जंतर-मंतर के आसपास घूम रही है
जब पत्रकारों ने सवाल पूछा तो दिल्ली पुलिस ने कार को सुरक्षित भगाने में मदद कर दी