कोर्ट से परमिशन लेकर नौजवानों को प्रदर्शन करना पड़ रहा.
क्योंकि मोहन यादव सरकार वादा करके पूरा नहीं कर पाई...
#MPPSC_PROTEST कर रहे अभ्यर्थियों की कब सुनेगी सरकार?
@DrMohanYadav51
मध्यप्रदेश में खुली तानाशाही चल रही है—
छात्रों की जायज़ मांगें पूरी नहीं की जा रहीं,
आंदोलन की अनुमति नहीं दी जाती,
और जब Highcourt से अनुमति लेकर छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने आते हैं,
तो प्रशासन तरह-तरह की बाधाएँ खड़ी कर देता है।
@CP_INDORE यह रहा Highcourt का आदेश है, फिर भी छात्रों को जबरन क्यों परेशान किया जा रहा है❓️
नेताओं की रैलियों में खुलेआम कानून की धज्जियाँ उड़ती हैं,
तब किसी को कोई समस्या नहीं होती।
लेकिन जब छात्र अनुशासित और शांतिपूर्ण ढंग से अपने हक़ की बात कर रहे हैं तो बड़ी दिक्कतें हो रही हैं।
#MPPSC_भर्ती_सत्याग्रह_2 #MPPSC_PROTEST #AllEyesOnMppsc
@DrMohanYadav51
@TheNewspinch@Abhinav_Pan@Saurabh_Pinch न्यूज पिंच की टीम से निवेदन है कि एक अपनी टीम भेजे इंदौर यहां आज से MPPSC का महा आंदोलन हो रहा है जिसको कवर करने आए ।
वाह इंदौर पुलिस। पीएससी महा आंदोलन में भीड़ जुटी तो हटवाने के लिए गए और कहां ऑर्डर देखो ट्रैफिक बाधित हो रहा है। अब पता नहीं मंत्रियों की कितनी रैली में जाकर उन्होंने यह कहा होगा। वैसे ही हाई कोर्ट की मंजूरी से हो रहा है पुलिस ने तो मंजूरी दी ही नहीं थी।
यह मध्यप्रदेश इंदौर पुलिस है । इनका एक ही काम है सरकार के खिलाफ कोई कुछ न बोले #MPPSC आंदोलन में भीड़ जुटी तो हटवाने के लिए सारे प्रयत्न किए जाएंगे! अगर इन युवाओं हाईकोर्ट की मंजूरी नहीं होती तो अब तक केस लगाकर अंदर कर दिए जाते!
@DrMohanYadav51 जी बिल्कुल कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी प्रदेश के युवा को तबाह करने में उसको बेरोजगारी का दंश देने में और परिवार रिश्तेदारों के तानों से मारने में
@NEYU4INDIA@CMMadhyaPradesh@DrMohanYadav51
प्रदेश का युवा आज मध्यप्रदेश राज्य लोकसेवा आयोग के सामने सड़क पर बैठा है कड़कती ठंड में
मध्यप्रदेश सरकार का असली युवा-विरोधी चेहरा देखिए—
13 महीने पहले छात्रों से उनकी जायज़ मांगें पूरी करने का वादा करके धोखा दिया
आंदोलन की अनुमति नहीं दी गई तो छात्रों को हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
अब जब कानून के दायरे में, अदालत की अनुमति से शांतिपूर्ण सत्याग्रह हो रहा है,
तो पुलिस के माध्यम से छात्रों को बैठने तक की जगह नहीं दी जा रही।
सवाल यह है—क्या सरकार को पढ़े-लिखे, जागरूक युवाओं की आवाज़ से डर लगने लगा है?
#MPPSC_भर्ती_सत्याग्रह_2
#MPPSC_PROTEST
जय हिंद साथियों ✊🇮🇳
आप सभी को सूचित किया जाता है कि
High Court Indore द्वारा WP-3025-2026 में Article 19 के अंतर्गत हमारी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर
24 से 27 जनवरी 2026 तक #MPPSC के सामने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन की विधिवत अनुमति प्राप्त हो चुकी है।
📍 आज दोपहर 1 बजे
सभी छात्र-छात्राएं पहले DD गार्डन पर एकत्रित होंगे,
वहीं से संगठित होकर आयोग की ओर प्रस्थान करेंगे।
साथियों,
मैं, आदित्य सर और हमारे सभी साथी सकुशल रिहा हो चुके हैं।
मैं यह बात बार-बार स्पष्ट करना चाहता हूँ कि पुलिस-प्रशासन का काम केवल डराने का प्रयास करना होता है, इसके अलावा उनके पास कुछ भी नहीं है। आप सभी भली-भांति जानते हैं कि हम कानून और संविधान को पढ़ते-समझते हुए आगे बढ़े हैं। हमारे अधिकार हमें उँगलियों पर याद हैं और हमें अपने संवैधानिक अधिकारों का पूरा ज्ञान है।
आपका एक एक प्रयास अंततः सफलता की ओर ही जाता है।
आज हम बैठक कर आगे की रणनीति और रूपरेखा साझा करेंगे। साथ ही माननीय उच्च न्यायालय में शांतिपूर्ण आंदोलन की अनुमति को लेकर आज सुनवाई है, जिससे स्थिति और भी स्पष्ट हो जाएगी।
हम कमजोर नहीं हैं। युवा शक्ति से भरा समाज कभी कमजोर नहीं होता। आप सभी पूरी ऊर्जा, धैर्य और आत्मविश्वास के साथ जुड़े रहें। हम लड़ेंगे—और निश्चित रूप से जीतेंगे।
कल आप सभी ने जिस एकजुटता और शक्ति का प्रदर्शन किया, वह पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसके लिए मैं आप सभी साथियों का हृदय से धन्यवाद करता हूँ। इसी तरह आगे भी पूरी तैयारी और एकजुटता बनाए रखें।
संघर्ष जारी है—न्याय तक। ✊🔥
जय हिंद
@NEYU4INDIA@MPYuvaShakti
#MPPSC को छात्रों की सुविधा के अनुसार सुधार करने चाहिए, न कि अपनी सहूलियत के लिए।
▶ देश की हर बड़ी परीक्षा में Exam Centre चुनने का विकल्प होता है, लेकिन गाँव से आकर इंदौर–भोपाल में पढ़ रहे छात्रों पर जबरन गृह जिले का विकल्प थोपना गलत है।
▶ उनके गाँव जिले से 100+ किमी दूर होते हैं, परीक्षा के समय अपने गृह जिले जाने के कारण छात्रों की prepration पर बुरा असर पड़ेगा
▶ बदलते समय के साथ पात्रता नियमों में भी सुधार जरूरी है।
▶ जब सभी परीक्षाओं में इंटरव्यू होता है, तो अंतिम वर्ष के छात्रों को परीक्षा में बैठने और इंटरव्यू तक डिग्री पूरी करने का अवसर मिलना चाहिए – जैसा कि देश की बड़ी परीक्षाओं में होता है।
@DrMohanYadav51@CMMadhyaPradesh@JansamparkMP
#MPPSC का एक और बड़ा झूठ उजागर! 🚨
Supreme Court का फैसला (Ashok Kumar Yadav vs State of Haryana, 1985) बिल्कुल स्पष्ट है—
Interview के marks, Written/Mains के relative weightage में 12.2% से अधिक नहीं हो सकते।
यह एक maximum limit है, ताकि लिखित परीक्षा की मेहनत इंटरव्यू के ज़रिये पूरी तरह पलटी न जा सके।
Minimum पर कोई restriction नहीं है।
लेकिन #MPPSC आज भी Interview में 175 अंक (Maximum Limit) रखे हुए है, जो पूरी selection प्रक्रिया का संतुलन ही बिगाड़ देता है।
क्यों कम करना ज़रूरी है❓️
देश में interview में होने वाले “सेटिंग/खेल” से कोई अनजान नहीं है।
पारदर्शिता और merit की रक्षा के लिए interview को खत्म करना या इसके marks Minimum रखना ही ठीक है।
अन्य राज्यों की तरह व्यवस्था हो—
State Service में 100 marks तक
और Assistant Professor जैसी परीक्षाओं में negative marking के बाद 50 marks तक सीमित किया जाए।
@DrMohanYadav51
आज MPPSC की विभिन्न मांगों को लेकर
अभ्यर्थियों द्वारा शांतिपूर्वक ज्ञापन का कार्यक्रम रखा गया था।
लेकिन उससे पहले ही छात्र नेता राधे जाट जी व 4 5 अन्य साथियों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया।
यह दमनकारी पुलिसिया कार्रवाई
लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है।
@NEYU4INDIA
मध्य प्रदेश के विद्यार्थियों के द्वारा अपने मांगों को लेकर आज MPPSC न्याय यात्रा 2.0 की जाने वाली जिसमें सभी विद्यार्थियों की मांगों को शामिल किया गया था लेकिन मध्य प्रदेश की तानाशाह सरकार द्वारा @Radhejat1983 सर पर किस प्रकार दुर्भावपूर्ण कार्रवाई की जा रही है।
@sanjaygupta1304 Sir in logo me bilkul bhi intellectual capacity nhi hai.. UPSC jaisa pattern follow kr skte jisme ek certain amount ke bad vo centre book ho jata fir hme dusra choose krna rhta hai to ham nearby district me ja skte..lekin sbko home dist bhejna bht glt hai..aap aage bat rkhe plz🙏