स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस से पूछा कि क्या आरोपी ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था झड़प के दौरान..
पुलिस का जवाब था- पहले जब कंप्लेंट की गई थी तब शिकायतकर्ता ने जातिसूचक शब्द इस्तेमाल करने का आरोप नहीं लगाया था। बाद में दूसरी बार जब बयान हुआ तो जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल का आरोप लगाया इसलिए स्वतंत्र पर SC/ST एक्ट लगा दिया गया।
क्या ये संभव है कि शिकायतकर्ता को पूरी घटना याद रही लेकिन जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल भी हुआ था ये याद आने में 70 दिन लग गए?
अभी तक जितने वीडियो आए हैं उनमें से किसी में जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का ऑडियो सुनाई दिया है क्या?
लेकिन कोई कुछ नहीं कहेगा.. SC/ST एक्ट के गलत इस्तेमाल पर कोई चर्चा नहीं होगी इस देश में। और SC/ST एक्ट लगवाने वाला भले खुद वीडियो में पीटता दिख रहा हो लेकिन उसपर कोई कार्रवाई नहीं होगी। भले वो वीडियो में खुद मान रहा हो कि उसने हालत बुरी कर दी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होगी।
गजबे है। और ये गजबे है चलता रहेगा, खत्म ना होनेवाला।
विपक्षी पार्टी हमसे पहले ही दल-बल के साथ कोर्ट में आकर कह रही है की स्वतंत्र भारद्वाज को बेल मत दो।
इससे बड़ा संविधान का मज़ाक नहीं हो सकता।
~ स्वतंत्र के वकील, एडवोकेट उमेश शर्मा
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कौन-सा संघर्ष रहा रामविलास पासवान जी का? यही न कि कैसे UPA में भी मंत्री बनें और कैसे NDA का भी हिस्सा बन जाएँ?
पासवान और चमार, बिहार का सबसे अधिक SC आरक्षण पाते रहे हैं। आप स्वयं अपना विकास आरक्षित सीट से कर रहे हैं। आपने मुसहर, डोम, चंडाल, भुइयाँ के कितने नेताओं को आगे बढ़ाया है?
मैं भी बिहार से हूँ। हाँफ-हाँफ कर मोदी जी का नाम लेने से कुछ नहीं होता।
बकवास बंद कीजिए और महादलितों का हक दीजिए। अब बहुत हो गया। पर आपका सही है, सत्ता बदलेगी फिर भी आप मंत्री बन ही जाओगे! आपको कुछ भी कहना बेकार ही है।
Hello @DelhiPolice एक दिन में आपने ग़लत बोलने वाले @ajeetbharti पर FIR रजिस्टर कर ली !!
लेकिन पिछले एक साल से हज़ारो प्रयास के बाद भी मेरे साथ शोषण करने वाले सांसद पर FIR क्यों नहीं की ?
आप किसके इशारों पर काम करते हो ?
11 सितंबर को दिल्ली पुलिस थाने में आ कर ही धरना दूँगी क्या मैं महिला नहीं हूँ मेरे सम्मान का क्या ?
#Law #Delhi
महिलाओं के प्रति @BhimArmyChief और @AzadSamajParty के प्रमुख की क्या सोच है वो इनके पुराने ट्वीट से स्पष्ट हो जाता है,
क्युकी में ब्राह्मण समाज की बेटी हूँ और क्षत्रिय समाज की बहू हूँ इसलिए चंद्रशेखर रावण जैसे नेताओ को GC की बहन बेटियों को अपमानित करने का लाइसेंस मिल जाता है।
CC @narendramodi@AmitShah@myogiadityanath
अजीत भारती पर केस करना वाले कंप्लेनेंट का नाम है “बालकराम बौद्ध”
अगर कंप्लेनेंट बौद्ध धर्म से आता है तो SC/ST एक्ट कैसे लागू होता है ?
और अगर चंद्रशेखर रावण के लिए बोला गया है तो कोई third party वो भी Non SC कैसे फ़रियादी बन सकता है ? @ajeetbharti@DelhiPolice क़ानून का दुरुपयोग करना इसे कहते है। @gupta_rekha
Cc @narendramodi@AmitShah
श्री चंद्रशेखर जी चेक कर रहे हैं कि फोटोकॉपी ठीक से निकला कि नहीं। कभी किसी ने कहा कि ये सिटी स्कैन है। तब उलट-पलट कर देखते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया इतनी आगे बढ़ गई और हम सिटी पर ही अटके हैं, इसको हम लोग ‘बाजा स्कैन’ कहेंगे।
फिर किसी ने उन्हें कहा कि ये सिटी स्कैनर मशीन से निकलता है। मशीन देख कर उन्होंने कहा कि फोन में तो ‘कैम स्कैनर’ एप्प है, उससे करने पर पैसा बचता। ये संसाधनों का दुरुपयोग है और इसमें केवल फोटो दिख रहा है, अक्षर कहाँ है? ए फॉर एप्पल में गोल-गोल एप्पल या उसका बीज टाइप तो है, लेकिन अक्षर का साइज भी बड़ा रहता तो बच्चों को सीखने में सहूलियत होती।
बेशर्मी की हदें पार की जा रही हैं। कितना बड़ा कायर और नपुंसक होगा ये पुलिस वाला जो एक बेटी के सर में लाठी मार रहा है।
आंदोलन खून से ही सींचे जाते हैं।
हम रुकेंगे नहीं, अन्याय और अत्याचार के खिलाफ मजबूती से लड़ते रहेंगे।
#ReservationReformआंदोलन#UGC_RollBack
अजीत भारती की भाषा से आप असहमत हो सकते हैं:-
लेकिन इसमें ऐसी कौन सी शब्दावली है जिसके आधार पर SC/ST एक्ट लगाया जाए?चंद्रशेखर के लिए कोई जातिसूचक टिप्पणी तक नहीं
अब ये वीडियो पूरा देश देखेगा। SC/ST के दुरुपयोग की चर्चा पूरे देश में
कल तक जो लोग प्रधानमंत्री की स्वर्गीय मां को अपशब्द और गलियां देने पर तालियां बजा रहे थे, इसे जस्टिफाई कर रहे थे, जब उनको कुछ कह दिया तो तुरंत अजीत भारती पर SC/ST एक्ट लगा कर केस कर दिया। इतनी दोगलाई कहां से लाते हो भाई ?
मेरे ऊपर SC/ST एक्ट में FIR पर कुछ बातें सवर्ण समाज से
कोई मेरी माँ या बहन पर सीधे बलात्कारी मानसिकता के साथ यह कहे कि उसका विवाह मैं चंद्रशेखर के साथ करा दूँ, और मैं चुप रह जाऊँ तो आप बताइए कि मैं कैसा पुत्र या भाई हूँ?
इतने पर भी चंद्रशेखर को ले कर मैंने कोई जातिसूचक शब्द नहीं बोला, जो उक्त वीडियो में है। जब स्टेज से ब्राह्मणों की बेटियों को खींचने की बातें होती हैं और किसी SC नेता का चेला सोच-समझ कर उकसाने के लिए ऐसी बात करेगा, तो मैं चुप कैसे रहूँगा?
आज व्यक्ति अपने मौलिक अधिकारों को समझे या न समझे, वह यह अवश्य जानता है कि SC/ST एक्ट क्या है। तो मैं जब बोलता हूँ तो मुझे अपनी सीमाएँ (चाहे वह कितनी ही अनुचित क्यों न हों) पता हैं कि क्या बोलना है, क्या नहीं।
मैं जानता हूँ कि दिल्ली पुलिस के नॉर्थ अवेन्यू स्टेशन में आजाद समाज पार्टी वालों ने कितना दवाब दे कर रात के बारह बजे यह FIR लिखवाया है जो कोर्ट में दो मिनट नहीं टिकेगा। एक भी धारा ऐसी नहीं है जो होल्ड करेगी।
मैं सैनिक स्कूल का छात्र हूँ और इतनी रैगिंग झेल चुका हूँ कि मेरा मनोबल तोड़ने के लिए दिल्ली पुलिस को कस्टडी में मेरी हत्या करनी पड़ेगी, दो-चार डंडों से मेरा मनोबल नहीं टूटने वाला। और यदि मैं जीवित बच गया तो इसी स्थिति में जंतर मंतर जाऊँगा और अपने समाज से कहूँगा कि बताओ, तुम्हारी बहन और माँ को ले कर कोई ऐसी टिप्पणी करे तो क्या करोगे?
यदि ऐसा कमेंट फिर मेरे वीडियो पर आया तो मैं पुनः उसी तरीके से उत्तर दूँगा जो मैंने दिया। कानून जब तक है, संशोधन नहीं होता, मैं उसका सम्मान करूँगा और दिल्ली पुलिस के साथ पूर्ण सहयोग करूँगा। 92% ऐसे केस केवल प्रताड़ित करने के लिए होते हैं।
अंत में, सवर्ण समाज से यह पूछना चाहता हूँ कि क्या इस तरह की टिप्पणी पर मुझे सह लेनी चाहिए थी क्योंकि किसी पार्टी के लोग नाराज हो जाएँगे? क्या ब्राह्मणों की माँ और बहनें इन रेप मैंटिलिटी से संचालित गुंडों के शाब्दिक बलात्कार के लिए जन्म लेती हैं?