#WATCH | लखनऊ, उत्तर प्रदेश | बसपा प्रमुख मायावती ने कहा, "उत्तर प्रदेश के लगभग 58 हजार पंचायत सहायक अपना मानदेय बढ़ाकर उसे सम्मानजनक करने तथा संविदा व्यवस्था के बजाय स्थायीकरण आदि अपनी मांगों के समर्थन में, वे पि���ले कुछ दिनों से राजधानी लखनऊ में इको गार्डन के पास आंदोलनरत हैं। सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार अवश्य करे तो ये बेहतर होगा।"
आज शाम लखनऊ के ईको गार्डन में पंचायत सहायकों के बीच बड़े भाई चंद्रशेखर आजाद जी के साथ संघर्ष जारी है और न्��ाय मिलने तक जारी रहेगा।
जय भीम! जय भारत! जय मंडल! जय संविधान!
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
7 सितंबर से अपनी जायज़ मांगों के लिए लखनऊ के ईको गार्डन में दिन-रात संघर्ष कर रहे पंचायत सहायकों के संघर्ष को मजबूती देने के लिए निम्न हैशटैग को सपोर्ट करें।
जय भीम! जय भारत! जय मंडल! जय संविधान!
#पंचायत_सहायक_संघर्ष#पंचायत_सहायक_संघर्ष
डिजिटल इंडिया ���ा ढिंढोरा पीटने वाली व्यवस्था में आज ग्रामीण स्तर का हर डिजिटल कार्य पंचायत सहायक संभाल रहा है, पर मेहनताना मांगने पर सिर्फ आश्वासन मिलता है। अब बयानों से नहीं, ठोस नीति और नियमित मानदेय से न्याय चाहिए!
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
अल्प मानदेय में घर चलाना मुश्किल हो गया है। सरकार से हमारी सीधी मांग है कि पंचायत सहायकों के लिए स्थाई नीति और सम्मानजनक वेतनमान तय किया जाए।
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
6 दिन से गूँज रही है इको गार्डन की ये पुकार
मानदेय और हक की खातिर अब तो जागो ऐ सरकार
गाँव-गाँव की नींव सँवारी..डिजिटल हर काम किया
��िर क्यों अपने ही अधिकारों का हमको ना पैगाम मिला
धूप-धूल में डटे हुए हैं टूटेगा न ये विश्वास
जब तक सम्मान नहीं मिलता जारी रहेगा
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
पंचायत सहायक सिर्फ एक पद नहीं,
गांव की व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
हमने जिम्मेद��रियां निभाईं,
अब अपने अधिकार और सम्मान की मांग कर रहे हैं।
संघर्ष जारी है, आवाज़ बुलंद है। ✊
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
काम जिम्मेदारी वाला,
लेकिन मानदेय सम्मानजनक नहीं।
हमारी मांग स्पष्ट है—
पंचायत सहायकों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्ध��� हो।
हम मेहनत का उचित सम्मान चाहते हैं, कोई एहसान नहीं।
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
आज पंचायत सहायक काम कर रहा है,
लेकिन कल का भविष्य क्या होगा?
सेवा सुरक्षा और स्पष्ट सेवा ��ियमावली
हमारी सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में से एक है।
अनिश्चितता नहीं, सम्मानजनक भविष्य चाहिए। ✊
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
गांव के नागरिकों की योजनाओं, प्रमाण-पत्रों और ऑनलाइन सेवाओं से लेकर पंचायत के कामों तक—
पंचायत सहायक जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
गांव की सेवा करने वालों की आवाज भी सुनी जानी चाहिए।
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
एक पंचायत सहायक की आवाज शायद छोटी लगे,
लेकिन हजारों पंचायत सहायकों की एकजुट आवाज़ को नजरअंदाज करना आसान नहीं।
हम अलग-अलग गांवों स��� हैं,
लेकिन हमारी समस्याएं एक हैं।
एकता ही हमारी ताकत है। ✊
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
हम थके नहीं हैं।
हम रुके नहीं हैं।
हम झुके नहीं हैं।
हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि
हमारे काम, हमारी जिम्मेदारियों और हमारे भविष्य का भी सम्मान हो।
पंचायत स��ायक की आवाज़—अब हर मंच तक पहुंचेगी। 🔥✊
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
माननीय उत्तर प्रदेश सरकार,
हम गांवों में आपकी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
हमारी मांगों पर गंभीरता से विचार कर
सम्मानजनक और स्थायी समाधान दिया जाए���
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
वर्षों से पंचायत स्तर पर काम कर रहे पंचायत सहायकों के अनुभव और सेवा को भी भविष्य के अवसरों में उचित महत्व मिलना चाहिए।
आगामी ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारी भर्ती में 50% क्षैतिज आरक्षण हमारी प्रमुख मांग है।
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
पंचायत व्यवस्था में बड़ी संख्या में महिला पंचायत सहायक भी अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं।
उनके लिए मातृत्व अवकाश और उचित स्थानांतरण/समायोजन नीति केवल सुविधा नहीं, सम्मान और संवेदनशीलता का विषय है।
#पंचाय��_सहायक_संघर्ष
हमारा संघर्ष किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं,
व्यवस्था में न्याय और सम्मान के लिए है।
हम लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचा रहे हैं।
हमारी आवाज सुन�� जाए। 🙏
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
कल लखनऊ के ईको गार्डन में पंचायत सहायकों के बीच मिलते हैं।
बारिश हो या धूप, अपने हक़ की लड़ाई में हमारे भाइयों और बहन-बेटियों को अकेला नहीं छोड़ेंगे...
जय भीम! जय भारत! जय मंडल! जय संविधान!
#पंचायत_सहायक_का_मानदेय_बढ़ाओ#पंचायत_सहायक_नियमित_करो