कुछ लोग इस कदर परेशान हैं दुनिया में कि मर कर ही सांस लेते हैं
रिश्तों की धूप न मिले तो
तो घर भी मर जाते हैं
कल. मैं खुद अपने पास लौट आया
ये बात और है,
तेरी तरफ बहुत दूर तक चला था...
साल में एक रात ऐसी आती है
जब एक कविता किताब के पन्नों से निकलती है
और जुगनू बनकर जंगल चली जाती है
जब सूरज को एक लंबा ग्रहण लगेगा
चाँद रूठकर कहीं चला जाएगा
जंगल से लौटकर आएँगे ये सारे जुगनू
और अँधेरे से डरने वालों को रोशनी देंगे