27साल पूरे हुए। आधे से अधिक जीवन बीता ही जानो। अब जीवन का सूर्य अस्ताचलगामी है। यों उदयगिरि तो वह आयु के उत्कर्ष में भी नहीं था पर अब देह भी उठान पर नहीं। आयुफल और पका, गाछ पर गझिन हुआ। डाल पर वायुवेग से डगमगाया तो आत्मचिंतन में डूबा। वानप्रस्थ की वय देह से पहले मन में आ जानी
यदि मैं गलत हूँ , तो मुझसे कहिए।
मुझे मेरी गलतियों का आईना दिखाइए , मैं उसे देखने का साहस रखती हूँ। लेकिन मेरी अनुपस्थिति में मेरे करीबियों , मेरे अपने लोगों के बीच मेरी बुराई करने का क्या औचित्य? शायद वो मेरे अपने नहीं होंगे नहीं तो किसी की हिम्मत नहीं होती बोलने की।
🚨 Doctor के नाम mention करना सही नहीं है,
आज से 14 साल पहले मुझे एक डॉक्टर ने सलाह दिए थे @Rahulchetry1992 भाई यदि आपके घर में किसी को कैंसर हो गई तो अपने जमीन जायदाद बेचकर उन्हें ट्रीटमेंट मत करना।
क्योंकि कैंसर का कोई इलाज नहीं, जिसको कैंसर हो वह इंसान बच नहीं पाएगा और अपने जमीन भी वापस नहीं मिलेगा ।
जब तक जिंदा रहेगा नॉरमल ट्रीटमेंट करके उन्हें जो मन जाए वही चीज खिलाकर रखना।
जब से यह बात सुना तब से मेरे दिल से एक विश्वास उड़ गया मतलब कैंसर के पेशेंट को बचना नामुमकिन है।
यह फोटो में दिखाई दे रहा अंशु है @pradeepgr63 भाई के छोटे भाई इन्हें ब्लड कैंसर हुआ था दिल्ली में ट्रीटमेंट चल रहा था।
पर ऊपर वाले के मंजूरी कुछ अलग था उन्होंने हम लोगों को छोड़कर चले गए ।
मैं जिस जगह में रहता हूं उस जगह के पड़ोसियों में चार लोगों को कैंसर हुआ था उनमें से एक भी जिंदा नहीं बचे।
आप लोगों से मेरा सवाल:-
क्या आप लोगों को लगता है कैंसर के पेशेंट को बचना नामुमकिन है ? या फिर बचाया जा सकता है? मेरे हिसाब से नामुमकिन है। कृपा करके अपने राय जरुर दें।
अंशुमन भाई के आत्मा को शांति मिले उनके आत्मा के लिए ऊपर वाले से दुआ जरुर मांगे🙏