Pakistan: A minority Christian girl Sarah, was assaulted by a policeman, Mahamad. When a man tried to protect her, he was shot. Despite video evidence, the case was covered up because the culprit officer is a relative of Army Chief Asim Munir. Gaza gang is silent on this atrocity
@nerailwaygkp@indianrailway__ I have never seen a TTE in train no 75724 and 75723 . Huge crowds. No seats available. Seen many people travel without tickets. And these two trains never reach it's destination in time.
ये गवई पूरा एजेंडा चला रहा है , हिंदू एप्लिकेंट को ओपन कोर्ट में जलील कर रहा है भगवान विष्णु को अपमानित कर रहा है ।
सरकार को तत्काल इसपर महाभियोग चला कर हटाना चाहिए , ये नियोबुद्धिष्ट पूरा बुधिज्म, ईसाई और मुसलमानों के लिए काम कर रहा ।
यह आदमी लगातार भारत की श्रेष्ठ न्यायपालिका की गरिमा को तार तार कर रहा है सरकार इसपर महाभियोग चल���ए ।
🚨 सनातन आस्था का अपमान 🚨
एक भक्त ने न्यायालय से प्रार्थना की कि मुग़ल आक्रमणों के दौरान तोड़ी गई 7 फ़ुट की भगवान विष��णु की खंडित मूर्ति का पुनर्स्थापन किया जाए 🙏
लेकिन आस्था और धरोहर की रक्षा करने के बजाय,
CJI गवई का तंज़ –
"जाओ और खुद भगवान से ही कह दो कि कुछ कर दें अब"
क्या किसी और धर्म के लिए भी ऐसे शब्द कहने की हिम्मत करते “मिलॉर्ड्स”?
क्या आस्था केवल हिन्दुओं की ही हमेशा उपहास का विषय बनेगी?
यह केवल मूर्ति नहीं, हमारी सभ्यता और अस्तित्व का प्रतीक है।
Waqf refers to property dedicated to Allah.
In this year, when Muslims approached him for Waqf properties, as far as I know, he did not ask them to go and ask to Allah
So why this kind of reply for Hindus?
This reflects the deep-rooted prejudice against Hindus in India’s left-leaning judiciary.
भारतीय संविधान में स्पष्ट लिखा है कि
- संसद का काम क़ानून बनाना है
- सुप्रीम कोर्ट का काम उन कानूनों की व्याख्या करना व लागू कराना है
लेकिन SC एक तरह से कानून बनाने का काम कर रहा है
- संसद के दोनों सदनों से पारित वक्फ एक्ट की 3 प्रमुख धाराएं ही रोक दी
- एक राष्ट्रपति-राज्यपाल को बिल पर समय सीमा का आदेश दिया जा रहा है
- चुनाव आयोग को बताया जा रहा है कि कौन सा डॉक्यूमेंट लेना है कौन सा नहीं (जबकि में स्पष्ट है कि डॉक्यूमेंट तय करने का अधिकार सुप्रीम कोर्ट को है)
- संसद द्वारा पारित कानूनों में बदलाव किए जा रहे हैं
जनता द्वारा चुनी हुई सरकार ने संसद से पारित करके क़ानून बनाया औ��� उसे वो इधर-उधर मार देते हैं, जो जज आपस में ही एक-दूसरे को चुन लेते हैं
जब सारा काम न्यायपालिका को ही करना है तो विधायिक की आवश्यकता ही क्या है ? जबकि लोकतंत्र में विधायिका प्रथम स्तंभ है, कार्यपालिका द्वितीय स्तंभ है और न्यायपालिका तीसरा स्तंभ है
Hello @aligarhpolice,
He is Arsalan Khan from Jamalpur, Aligarh, he uploaded a disgusting video on Instagram where he shamelessly insulted Bhagwan Shiv by putting a garland of slippers around Him.
His Instagram is full of such Anti Sanatan and insulting content.
This is not just an attack on faith, It's a crime against the entire Sanatani community!
@Krishan_IPS Sir please look into this matter on urgent basis 🙏🏻
Meet Vishal Vaibhav. He was a assi. professor in IIT.
Read his tweets against Hindus, our Gods Mahadev and hanuman Ji.
See his language for PM, HM and other politicians.
He is employed by the Newslaundry now and he writes articles on ECI which is being used by Rahul Gandhi.
Go and ask your Lord Vishnu to do something. You say you are his staunch devotee. So go and pray. - Chief Justice of India BR Gavai to a Hindu petitioner seeking restoration of the beheaded idol of Lord Vishnu at the Javari temple.
साल साल की थी वो मासूम
जब 38 साल के अख्तर अली ने उसके कपड़े फाड़े, उसे दातों से काटा, उसके गुप्तांग में नाखून घुसेड़े, उसके होठों को काट काट के खून पिया...
ज़ी हाँ 11 साल पहले पिथौरागढ़ की 7 साल की मासूम के रेपिस्ट को हल्द्वानी कोर्ट ने तो मौत की सज़ा सुनाई
लेकिन सुप्रीम कोठे ने आज उसे रिहा कर दिया
जिसके बाद लोगों का गुस्सा फूटा और हज़ारों महिलाएं पुरुष इस फैसले के खिलाफ सड़कों पे ���तर आये...
आज पिथौरागढ़ की बेटी थी कल को ये तुम्हारे या तुम्हारी बहन बेटी के साथ भी होगा 🖐️
जागो हिन्दू जागो ✊
इससे अधिक शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता कि देश के माननीय CJI भगवान के संदर्भ में इस प्रकार की टिप्पणी करें। जो व्यक्ति सभी धर्मों को सम्मान देने की बात करते हैं, क्या वे किसी अन्य धर्म विशेष के संदर्भ में इस तरह के शब्द कह सकते हैं? निश्चित ही नहीं। आदेश देना उनका अधिकार है, लेकिन भगवान का अपमान सहन नहीं किया जाएगा, चाहे वह देश का मुख्य न्यायाधीश ही क्यों न हो।
माननीय CJI को देश के करोड़ों हिंदुओं से क्षमा माँगनी चाहिए और अपने इन मौखिक शब्दों को तत्काल वापस लेना चाहिए।
मैं सनातन धर्म का अनुयायी होने के नाते माननीय भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी. आर. गवई को पत्र लिख चुका हूँ, जिसमें भगवान विष्णु और हिंदू आस्था के विरुद्ध उनके आपत्तिजनक वक्तव्य को तुरंत वापस लेने की माँग की गई है।
इस पत्र की एक प्रति माननीय भारत के राष्ट्रपति @rashtrapatibhvn को भी भेजी गई है ताकि यह विषय राष्ट्रीय स्तर पर संज्ञान में लिया जाए। मेरी आशा है कि सर्वोच्च न्यायालय और माननीय राष्ट्रपति इस मामले को गंभीरता से लेंगे और भारत में प्रत्येक धर्म की गरिमा को बनाए रखेंगे।
ये बचना नहीं चाहिए हिन्दुओं ✊
पूरे भारत के गैरमुस्लिमों को मारने की धमकी
पूरे भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की चुनौती
इतना Repost करें कि इस सूअर को
संबंधित प्रशासन पकड़ने पे मज़बूर हो जाये ✊