📍 रामपुर | उत्तर प्रदेश
«"ज़माना तुम्हें जाहिल रखना चाहता है, हिन्दुस्तान के मुस्तक़बिल का हिस्सेदार नहीं बनाना चाहता। अगर तुम भी अपने बारे में नहीं सोचोगे, तो अब सात समंदर पार से कोई तुम्हारा हाथ पकड़कर क़लम देने वाला नहीं है।"
— मोहम्मद आज़म ख़ान»
मंच से कही गई आज़म ख़ान साहब की ये बातें आज रामपुर में बिल्कुल सच साबित होती दिख रही हैं। ग़रीबों के बच्चों को कलम और तालीम देने की इसी ज़िद की आज सज़ा दी जा रही है।
शिक्षा के मंदिर पर बुलडोज़र चलाने की तैयारी? हद है!
जिस जौहर यूनिवर्सिटी ने रामपुर और देश के हज़ारों युवाओं के भविष्य को रौशन किया, आज उसे मटियामेट करने की साज़िशें चरम पर हैं। 40 में से 38 भवनों को 'अवैध' बताकर महज़ 15 दिन में ढहाने का नोटिस थमा दिया गया है।
सालों तक प्रशासन कहाँ सो रहा था जब ये इमारतें खड़ी हो रही थीं? आज जब आज़म ख़ान साहब ने अपना ख़ून-पसीना बहाकर ग़रीबों के बच्चों के लिए एक आलीशान यूनिवर्सिटी खड़ी कर दी, तो विरोधियों के सीने पर सांप लोटने लगा।
विकास के नाम पर सिर्फ़ विनाश की ये राजनीति आख़िर कब तक चलेगी? शिक्षा के इस आशियाने को उजाड़ना बंद करो!
आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर अब बुलडोजर चलेगा.
प्रशासन का कहना है कि रामपुर में बनी इस यूनिवर्सिटी में कुल 40 भवन हैं, जिसमें से 38 का नक्शा पास नहीं हुआ था.
इसलिए 38 भवनों पर अगले 15 दिन में बुलडोजर चलेगा.
📍यूपी
इस जानवर को नाम सजीव कुमार पासवान है,
इसने 12 साल की मुस्लिम लड़की तम्माना और उसके छोटे भाई रिजवान की गला रेत कर हत्या करदी गई....
मामला हजारीबाग झारखंड का है
संजीत कुमार पासवान उत्तर प्रदेश का रहने वाला, हजारीबाग में Ola शोरूम में काम करता था।...
बच्चे सड़क पर गुब्बारे बेच रहे थे।
आरोपी ने उन्हें मोबाइल फोन दिलाने का लालच देकर स्कूटर पर बिठाया। उसने लड़की के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की।
जब लड़की ने विरोध किया और छीलने लगी तो उसने उसकी पर गला घोंटकर हत्या कर दी
फिर छोटे भाई रिजवान को भी मार डाला,
शव की पहचान छुपाने के लिए एसिड का का इस्तेमाल किया
दोनो के उसके शरीर के टुकड़े कर दिए और कुएं में फेंक दिया। @—syedfizah
दिल्ली के स्वरूप नगर की यह तस्वीर है। बारिश में यह बच्चियां ट्रांसफार्मर का सहारा लेकर सड़क पार कर रही हैं।
सोचिये अगर ट्रांसफार्मर में करंट आ गया तो..
मोहम्मद जैद को पीट-पीटकर मार डालने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी राहुल मावी को गिरफ्तार कर लिया है।लोग पूछ हैं कि क्या 'एनकाउंटर' का कानून सिर्फ एक खास मजहब के लिए ही लागू होता है? जैद के ह'त्यारों का अब तक एनकाउंटर क्यों नहीं हुआ, क्या हमारे लिए इंसाफ का पैमाना अलग है?
दिल्ली में फ़िरोज़ को बेरहमी से पीटा गया, उसपर लड़की कि तस्वीर लेने का आरोप लगाया गया, जबकि फ़िरोज़ का कहना है कि उसे जानबूझ कर निशाना बनाया गया, कपिल नाम के युवक ने पहले से प्लान कर उसकी पिटाई कि, मतलब एक मुसलमान को निशाना बनाना अब कितना आसान हो गया है, सरेआम गुंडागर्दी चल रही।
📍 मोहाली, पंजाब | 22 जून
भीड़ द्वारा नाज़िर अहमद की पीट-पीटकर हत्या के मामले में उम्रकैद की सज़ा पाए 14 दोषियों की रिहाई की मांग को लेकर गौ रक्षा परिषद ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान फैसला सुनाने वाली जज तबस्सुम खान का पुतला जलाया गया, "तबस्सुम बेगम मुर्दाबाद" के नारे लगाए गए और 14 दोषियों की रिहाई की मांग की गई।
जब हत्यारों के समर्थन में भीड़ सड़कों पर उतरे, न्याय देने वाले जज का पुतला जलाया जाए, उन्हें उनकी धार्मिक पहचान से निशाना बनाकर "मुल्ली" कहा जाए और खुलेआम डराने-धमकाने की कोशिश की जाए, तो यह सिर्फ एक विरोध नहीं, बल्कि न्यायपालिका और कानून के राज को खुली चुनौती है।
क्या ऐसा किसी और लोकतंत्र में संभव है, या सिर्फ भारत में ही न्याय देने वाले जजों को इस तरह निशाना बनाया जाता है?
ललित शर्मा नामी यह पिशाच मुस्लिम महिलाओं का गर्भ चीरकर उसमें पल रहे बच्चों को मारने के की धमकी दे रहा है। क्या @NCWIndia ने इस नर पिशाच की यह धमकी सुनी है? क्या उत्तराखंड सरकार के मुखिया @pushkardhami इस पिशाच पर कार्रवाई कराएंगे? क्या @uttarakhandcops इस आतंकी पिशाच पर UAPA लगाएगी? इस पिशाच के सर पर आखिर किसका हाथ है, जो कानून और संविधान से भी ऊपर है? इस पिशाच की बदज़ुबानी, इस पिशाच की धमकियों का सिलसिला थमने का नहीं ले रहा है। इस पिशाच के खिलाफ ना तो @CPDelhi की @DelhiPolice ने कोई एक्शन लिया है। ना ही @dgpup की @Uppolice ने कोई एक्शन लिया है। आए दिन इसके विवादित एवं भड़काऊ बयान आते रहे हैं, लेकिन पुलिस के कानों पर जूँ तक नहीं रेंगती।
ये कैसी तस्वीर बना दो तुमने हिन्दोस्तान की
सबसे बड़ा सवाल - इसका जिम्मेदार है कौन
गंगा जमुनी तहजीब वाले , अनेकता में एकता वाले ,समानता के अधिकार वाले, कभी हिन्दू मुस्लिम शिख इशाई का नारा बुलंद करने वाले देश मे आज नफ़रत की बाढ़ क्यो है
इस नफरत की बाढ़ का जिम्मेदार कौन है ?
क्या इस नफ़रत की बाढ़ से देश तरक़्क़ी करेगा ?
क्या इस नफ़रत की बाढ़ से आप तरक्की करेंगे ?
आप अपनी आने वाली नस्लो को कैसा हिन्दोस्तान सौपना चाहते है?
आप की बोई बगिया की फसल कौन काटेगा ?
कही आपके अपने इस नफ़रत की बाढ़ में बह तो नही जायेगे ये हमे आपको हम सभी को सोचना होगा ।
जवाहरलाल नेहरू और नरेंद्र मोदी की तुलना करना इतिहास के साथ नाइंसाफ़ी होगी। नेहरू ने आज़ाद भारत को लोकतंत्र, संस्थाओं और वैज्ञानिक सोच की मज़बूत बुनियाद दी, जबकि नरेंद्र मोदी बस इमेज बिल्डिंग और प्रचार की राजनीति में व्यस्त है। सिर्फ़ लोकप्रिय होना और चुनाव जीत लेना, किसी नेता को नेहरू जैसा नहीं बना देता। इस सच्चाई से कोई भी नरेंद्र मोदी को नहीं बचा सकता कि वह एक जुमलेबाज हैं।