@cinju77 सलाम रहेगा तिलक,रेड्डी और ��मन को लेकिन जिस टॉप ऑर्डर पर इतना नाज़ था उनकी कमज़ोरी भी सामने आ रही है, अगर पॉवरप्ले में फस जाते है तो कलाई खुल जाती है।
@unindiann दिनभ��� जो इंस्टा पर देखेंगी वैसे ही व्यवहार करेगी ना,अब दिमाग तो लगाना नहीं है क्या सहीं क्या गलत।
और कुछ गुस्सा खरगोन में ओपन गरबा कैंसिल होने का भी।
अगर आप कम से कम 5 साल से एक ही फोन नंबर रखें हैं तो:
1-आपका कोर्ट कचहरी में कोई पुलिस केस नहीं है।
2-आप ��रीफ हो और पार्टनर के प्रति ईमानदार हो।
3-आपके ऊपर कोई कर्जा या उधार नहीं है।
4-आप लफड़ेबाज नहीं हो,समाज में आपका लेन देन सही है।
5-आप एक जिम्मेदार और भरोसेमंद इंसान हो।
😎
यह गुजरात के पत्रकार जगदीश मेहता है
अभी तक यह मोदी और बीजेपी की नीतियों के धुर विरोधी थे लेकिन यह अपनी बात बड़े सौम्य और धारदार तरीके से तथ्यों तर्को के साथ रखते थे इसीलिए इनका एक बहुत बड़ा विशाल फैन फॉलोइंग था
यहां तक की मेरे जैसा इनका धुर विरोधी भी इनके वीडियो को देखता था सुनता था
इन्होंने कॉकरोच आंदोलन के पहले प्रोटेस्ट को जो धर्मेंद्र प्रधान के इस्थिपे पर था उसका खुलकर समर्थन किया था लेकिन अब जो कॉकरोच आंदोलन राहुल गांधी सहित पूरा विपक्ष सड़कों पर हल्ला दंगा कर रहा है उसके बाद यह खुलेआम बीजेपी के समर्थक बन चुके हैं विपक्ष के धुर विरोधी बन चुके हैं
राहुल गांधी सहित पूरे कॉकरोच की तथ्यों के साथ कड़ी आलोचना कर रहे हैं इनका कहना है कि ��र्मेंद्र प्रधान तक तो ठीक था लेकिन अब तुम जो यह वोट चोरी का मुद्दा उठा हो तुम्हारे पास सबूत क्या है ?
क्या तुमने 100 आदमी भी खड़ा किया जो यह कह दे कि वह भारत का नागरिक है और उसका नाम वोटर लिस्ट से काटा गया ??
और अगर वोट चोरी सही है तो फिर केरल तेलंगाना और कर्नाटक में चुपचाप सरकार क्यों बना ली तमिलनाडु में जजोसेफ विजय जो पहले से स्थापित पार्टियों को हटाकर अचानक सत्ता में आ गया उसे पर तुम लोग चुप क��यों हो ?
उसपर तुम लोग कोई सवाल क्यों नहीं उठा रहे हो?
मतलब जहां जीत जाओ वहां सरकार बना लो और जहां हर जो वहां चुनाव आयोग को बेईमानी बता दो यह नहीं चलेगा
मोदी जब 336 सीट के साथ जीते थे तब केंद्र में कांग्रेस सत्ता में थी मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे और 99% राज्यों पर विपक्ष का शासन था और सबसे बड़े राज्य जो सत्ता निर्धारित करते हैं यानि यूपी बिहार राजस्थान मध्य प्रदेश तमिलनाडु उड़ीसा झारखंड पंजाब यहां तक की दिल्ली भी विपक्ष शासित था
फिर मोदी ने वोट चोरी कैसे कर लिया??
मतलब जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे तब मोदी को स्पष्ट बहुमत से भी ज्यादा बहुमत मिला और जब मोदी खुद प्रधानमंत्री हैं और जब उन्होंने वोट चोरी किया तब खुद को अल्पमत में ला दिया ???
तुम्हारे इन बेहूदी बातों पर कौन भारतीय जो पढ़�� लिखा है वह यकीन करेगा
दूसरी बात यह बताते हैं कि तुम अपना कोई मॉडल तो देश के सामने रखो जैसे मोदी ने गुजरात मॉडल दुनिया के सामने रखा
तो राहुल गांधी कर्नाटक मॉडल हिमाचल मॉडल झारखंड मॉडल कर्नाटक मॉडल केरल मॉडल तेलंगाना मॉडल दुनिया के सामने क्यों नहीं रखते ??
क्या वहां पर पेपर लीक नहीं हो रहा ?? अभी झारखंड में इतने लंबे समय तक आंदोलन चल वहां पेपर लीक तो छोड़ो बाकायदा नौकरी की सौदेबाजी हो रही है खुलेआम हो रही है उस पर राहुल गांधी चुप है कर्नाटक में हर रोज नौकरी के घोटाले आ रहे हैं अभी ��शु चिकित्सा अधिकारी का पेपर लीक हुआ कई अधिकारी जेल में गए
उस पर राहुल गांधी चुप है
तो तुम्हारी जहां सत्ता है जहां तुम पेट्रोल डीजल पर वेट हटाकर महंगाई कम कर सकते हो जहां तुम परीक्षा का एक फूल प्रूफ व्यवस्था बना सकते हो वहां तो तुम कुछ कर नहीं पा रहे हो तो फिर दिल्ली में तुम्हारे नौटंकी का क्या मतलब है ??
और अब इनके वीडियो का गुजरात के युवाओं में काफी असर हो रहा है मैं सोशल मीडिया पर देख रहा हूं कि गुजरात की युवा जगदीश मेहता की बातों से काफी प्रभावित होते जा रहे हैं
ऐसे ही दूसरा उदाहरण अभिनेत्री और मॉडल पूनम पांडे का भी है वह जंतर मंतर पर कॉकरोच आंदोलन में मंच पर गई थी वहां भाषण भी दिया था लेकिन अब वह कह रही है कि मुझे शर्मिंदगी है कि मैं इसका समर्थन किया था
धर्मेंद्र प्रधान के इस्थिपे तक तो ठीक था लेकिन अब जो तुम यह रिज्यूम चेंज की बात कर रहे हो या जो सड़कों पर दंगा फैला रहे हो तो म��झे शर्म आ रही है कि मैं कभी तुमको समर्थन दिया था
कुछ वर्ष पहले की बात है
*दशहरा बीत चुका था, दीपावली समीप थी, तभी एक दिन कुछ युवक-युवतियों की NGO टाइप टोली एक कॉलेज में आई!*
*उन्होंने छात्रों से कुछ प्रश्न पूछे; किन्तु एक प्रश्न पर कॉलेज में सन्नाटा छा गया!*
*उन्होंने पूछा, "जब दीपावली भगवान राम के १४ वर्षो के वनवास से अयोध्या लौटने के उतसाह में मनाई जाती है,
तो दीपाव���ी पर "लक्ष्मी पूजन" क्यों होता है ? श्री राम की पूजा क्यों नही?"*
*प्रश्न पर सन्नाटा छा गया, किसी को कुछ नहीं पता! तब, सन्नाटा चीरते हुए, एक हाथ, प्रश्न का उत्तर देने हेतु ऊपर उठा....1/6 👇
ओ अंकिल
आज जो निजी क्षेत्र के 3 सबसे बड़�� बैंक हैं यानी ICICI बैंक एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक यह तीनों कभी सरकारी हुआ करते थे लेकिन पीवी नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री रहे मनमोहन सिंह ने इन्हें बेच दिया
आई सी आई सी का पूरा नाम इंडस्ट्रियल क्रेडिट एंड इन्वेस्टमेंट कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया था ..यह भारत सरकार की ऐसी संस्था थी जो बड़े उद्योगों को लोन देती थी लेकिन एक झटके में वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ने इसका डिसइनवेस्टमेंट करके इसे ���्राइवेट बना दिया और इसका नाम और आईसीआईसीआई बैंक हो गया
आज जो एचडीएफसी बैंक है उसका पूरा नाम हाउसिंग डेवलपमेंट कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया था यह भारत सरकार की एक ऐसी संस्था हुआ करती थी जो मध्यम वर्ग के लोगों को सस्ते ब्याज पर होम लोन देने का काम करती थी
नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री रहे मनमोहन सिंह ने कहा सरकार का काम सिर्फ गवर्नेंस करना है होम लोन बेचना नही है
मनमोहन सिंह इसे जरूरी कदम बताते हैं और कहते हैं सरकार का काम सिर्फ सरकार चलाना है बैंक चलाना लोन देना नहीं
और एक झटके में वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ने एचडीएफसी बैंक को बेच दिया और यह निजी क्षेत्र का बैंक बन गया
इसी तरह क�� बेहद दिलचस्प कहानी एक्सिस बैंक की है
भारत सरकार की एक संस्था हुआ करती थी उसका नाम था यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया यह संस्था लघु बचत को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई थी यानी आप इसमें छोटे-छोटे रकम जमा कर सकते थे मनमोहन सरकार नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ने कहा की सरकार का काम चिटफंड की स्कीम चलाना नहीं है और एक झटके में इसे बेच दिया गया पहले इसका नाम यूटीआई बैंक हुआ और बाद में इसका न���म एक्सिस बैंक हो गया
इसी तरह आज आईडीबीआई बैंक है जो एक प्राइवेट बैंक है एक समय में यह भारत सरकार की संस्था हुआ करती थी जिसका नाम था इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया इसका भी काम उद्योगों को लोन देना था लेकिन मनमोहन सिंह ने इसे भी 60% बेच दिया था
अपनी यादाश्त को कमजोर न होने दो कभी
डिसइनवेस्टमेंट पॉलिसी को भारत में कौन लाया था जरा सर्च कर ��ो जब *नरसिंगा राव के समय में मनमोहन सिंह वित्त मंत्री थे जब मनमोहन सिंह ने संसद में कहा था मैक्सिमम गवर्नमेंट लेस गवर्नेंस उन्होंने कहा था कि सरकार का काम धंधा करना नहीं सरकार का काम गवर्नेंस देना है* ऐसा माहौल देना है कि लोग यह सब काम करें.
मनमोहन सिंह ने ही *सबसे पहले टोल टैक्स पॉलिसी लाई थी* यानी निजी कंपनियों द्वारा सड़क बनाओ और उन कंपनियों को टोल टैक्स वसूलने का परमिशन दो.
मनमोहन सिंह ने *सबसे पहले एयरपोर्ट की निजी करण* की शुरुआत की थी और सबसे पहला दिल्ली का *इंदिरा गांधी एयरपोर्ट को जीएमआर ग्रुप को* दिया गया.
आज चम्पक उछल उछल कर नाच नाच कर बेसुर रागा गाता फिर रहा है, "मोदी ने दोस्तो को बेच दिया..
मनमोहन सिंह करें तो - विनिवेश
मोदी करें तो - देश को बेचा .. !!!
2009-10 में मनमोहन सिंह ने 5 कंपनियां बेचीं
NHPC Ltd.-
OIL - ऑयल इंडिया लिमिटेड
एनटीपीसी - नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन
आरईसी - ग्रा��ीण विद्युतीकरण निगम
एनएमडीसी - राष्ट्रीय खनिज विकास निगम
2010-11 में, मनमोहन सिंह ने 6 कंपनियाँ बेचीं!
एसजेवीएन - सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड
ईआईएल - इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड
CIL - कोल इंडिया लिमिटेड
पीजीसीआईएल - पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया
MOIL - मैंगनीज अयस्क इंडिया लिमिटेड
एससीआई - शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया।
2011-12 में मनमोहन सिंह ने 2 कंपनियाँ बेचीं
पीएफसी - पावर फाइनेंस कॉर्पोरेश���।
ओएनजीसी - तेल और प्राकृतिक गैस निगम
2012-13 में, मनमोहन सिंह ने बेचीं 8 कंपनियां-
सेल - भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड
नाल्को - नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड
आरसीएफ - राष्ट्रीय रसायन और उर्वरक
एनटीपीसी - नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन
OIL - ऑयल इंडिया लिमिटेड
एनएमडीसी - राष्ट्रीय खनिज विकास निगम
HCL - हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड
एनबीसीसी
👉 2013-14 में मनमोहन सिंह ने 12 कंपनियां बेचीं
एनएचपीसी - नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन
भेल - भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड
ईआईएल - इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड
एनएमडीसी - राष्ट्रीय खनिज विकास निगम
सीपीएसई - सीपीएसई-एक्सचेंज ट्रेडेड फंड
PGCI - पावर ग्रिड कॉर्पोफ़ इंडिया लि।
एनएफएल - राष्ट्रीय उर्वरक लिमिटेड
MMTC - धातु और खनिज व्यापार निगम
HCL - हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड
आईटीडीसी - भारतीय पर्यटन विकास निगम
एसटीसी - स्टेट ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन
एनएलसी - नेयली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन लिमिटेड
CJP Protest In Bengaluru: No Permission Granted By Congress Govt
Permission has been denied for the CJP protest in Bengaluru, where the group had planned a demonstration at Town Hall.
Authorities reportedly cite Freedom Park as the designated protest site.
@Anchoramitaw & @Aksharadm6 explain the reasons behind the denial.
ये कैसा CIA एजेंट है भाई जिसकी सरकार गिराने के लिए अलग से पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं और उसके बाद भी अलग से अपने अमरीकी सिपाहियों को भी पीछे लगाना पड़ रहा है....