@imsawoodalam Dear Consumer, your complaint number- NBI03062600176 has been registered and sent to the concerned officer for necessary action. Your problem will be resolved soon.Please call on our toll free no- 1912 to know the status of your complaint.
आवश्यक जानकारी :~
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यह चार नंबर हर भारतीय के फोन में सेव होना चाहिए।
• 1930 : कोई आपको मैसेज/ व्हाट्सएप या सोशल साइट्स पर गाली दे या कॉल पर धमकी दे या कोई ऑनलाइन फ्रॉड हो जाए तो साइबर क्राइम के हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत कॉल करके रिपोर्ट दर्ज कराए।
• 1073 : अगर किसी का रोड पर एक्सीडेंट हो जाए तो रोड एक्सीडेंट इमरजेंसी सर्विस 1073 तुरंत कॉल करें।
• 1915 : अगर किसी दुकानदार, ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स, कॉलेज अथवा स्कूल से वस्तुओं के बढ़ी हुई कीमत, गुणवत्ता, गारंटी व वारंटी या अन्य कोई भी समस्या हो तो राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर तुरंत कॉल करके रिपोर्ट दर्ज कराए।
• 1064 : अगर कोई आईएएस, पीसीएस, पुलिस या अन्य कोई भी सरकारी अधिकारी/ सरकारी कर्मचारी आपसे रिश्वत मांगे तो एंटी करप्शन ब्यूरो के हेल्पलाइन नंबर 1064 पर कॉल करें, तुरंत कार्यवाही होगी।
ये भी हैं काम की बातें :~
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• FIR की कॉपी पर उस पुलिस स्टेशन की मुहर और थाना प्रमुख के हस्ताक्षर होने चाहिए।
• FIR की कॉपी आपको देने के बाद पुलिस अधिकारी अपने रजिस्टर में लिखेगा कि सूचना की कॉपी शिकायतकर्ता को दे दी गई है।
• आपकी शिकायत पर हुई प्रगति की सूचना संबंधित पुलिस आपको डाक से भेजेगी।
• आपको और पुलिस को सही घटना स्थल की जानकारी नहीं है, तो भी चिंता की बात नहीं। पुलिस तुरंत FIR दर्ज कर जांच शुरू कर देगी। हालांकि जांच के दौरान घटना स्थल का थानाक्षेत्र पता लग जाता है तो संबंधित थाने में केस को ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
• FIR दर्ज करवाने का कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। अगर कोई भी एफआईआर दर्ज करवाने के नाम पर रिश्वत की मांग करे, तो उसकी शिकायत करें।
FIR लिखने का 9K फार्मूला :~
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हम सभी को कभी न कभी FIR लिखाना ही पड़ जाता है चाहे खुद के लिये या किसी जानने वाले के लिये। अक्सर लोगो की शिकायत होती है कि उनकी FIR थाने में नहीं लिखी गई, या फिर मजिस्ट्रेट के यहाँ FIR के लिये किया गया आवेदन निरस्त हो गया। इसके तो कई कारण होते है किंतु एक कारण ये भी होता है की आपके लिखने तरीका गलत हो। FIR को कम से कम शब्दों में स्पष्ट और पूरे मामले को लिखना चाहिये क्योंकि न्यायालय में आपका केस इसी आधार पर चलता है । आसान भाषा में FIR को लिखने का तरीका बता रहा हूँ क्योंकि कई बार पढ़े लिखे लोग भी FIR लिखने में गलती कर देते है।
सबसे पहले आप एक सादा पेपर ले और उसपर 1 से 9 तक नंबर लिख ले, फिर उन सब के सामने K लिख ले, बस हो गया आपका FIR ।
9K का मतलब होता है आप नीचे पढ़ेंगे तो स्वतः स्पष्ट हो जायेगा।
(1) कब (तारीख और समय)- FIR में आप घटना के समय और तारीख की जानकारी लिखे ।
(2) कहा (जगह)- घटना कहाँ पे हुई इसकी जानकारी दे।
(3) किसने - अपराध किस ब्यक्ति ने किया ( ज्ञात या अज्ञात) एक या अनेक ब्यक्ति उसका नाम पता आदि लिखे ।
(4) किसको - किस के साथ अपराध किया गया एक पीड़ित है या अनेक उनसब का नाम व पता।
(5) किसलिये - यह एक मुख्य विषय होता है इसी से यह पता चलता है की कोई कार्य अपराध है या पुरस्कार देने के लायक कार्य है, इसको निम्न प्रकार समझ सकते हैं-
(अ) क एक ब्यक्ति ख पर गोली चला देता है और ख की मृत्यु हो जाती है, क यहाँ पर दोषी होगा।
(ब) क एक ब्यक्ति ख पर अपनी पिस्तौल तान देता है और ख अपने बचाव में क पर गोली चला देता है जिससे क की मृत्यु हो जाती है। ख हत्या का दोषी नहीं है क्योंकि अपनी आत्मरक्षा करते हुए अगर आप किसी की जान भी ले लेते है तो आप दोषी नहीं होंगे ।
(स) क अपनी कार से ख तो टक्कर मार देता है और ख की मृत्यु हो जाती है, क हत्या का दोषी नहीं है बल्कि उसपर दुर्घटना का केस चलेगा और उसके हिसाब से दण्ड मिलेगा।
(द) क एक पुलिस कर्मी है और वह आतंकवादी संगठन के मुठभेड़ में एक या कई आतंकवादीयो को मार देता है। क हत्या का दोषी नहीं होगा बल्कि उसे पुरस्कार दिया जायेगा।
इससे यह स्पष्ट होता है की कोई भी कार्य तब तक अपराध नहीं है जब तक की दुराशय से न किया गया हो।
(6) किसके सामने ( गवाह)- अगर घटना के समय कोई मौजूद हो तो उनकी जानकारी अवश्य देनी चाहिये।
(7) किससे ( हथियार) - अपराध करने के लिए किन हथियार का प्रयोग किया गया ( पिस्तौल , डंडे, रॉड, चैन , हॉकी, ईट। अगर कोई धोखाधड़ी का मामला है तो आप ( स्टाम्प पेपर, लेटरहेड, इंटरनेट , मोबाइल, आदि,) जानकारी जरूर प्रदान करे।
(8) किस प्रकार - क्या प्रकरण अपनाया गया अपराध् करने के लिये उसको लिखे।
(9) क्या किया ( अपराध)- इनसभी को मिलकर क्या किया गया जो की अपराध होता है उसको लिखे।
इस प्रकार आप सब आसानी से FIR को लिख सकते है।
अन्य उपयोगी जानकारी :-
FIR आप जहाँ घटना हुई है उसके आलावा भी भारत के किसी भी थाने में जाकर आप FIR लिखा सकते है। FIR न लिखे जाने के कई कारण होते है, मुख्यतः क्राइम रेट अधिक न हो इस कारण नहीं लिखी जाती है ( जो की गैर कानूनी कारण है) । दूसरा कारण अपराध की सत्यता पर शक होता है जिस कारण पुलिस FIR लिखने से पहले जाँच करना चाहते है।
FIR लिखवाना आपका अधिकार है (CRPC 154), अगर थाने में आप की FIR नहीं लिखी जाती है तो आप उनके ऊपर के किसी भी अधिकारी (CO, SP, SSP,) से आप FIR लिखने के लिये बोल सकते है, और वे 1 या 2 दिन जाँच के लिये लेकर संबंधित थाने में FIR लिख दी जायेगी।
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Chandrayaan-3 Mission:
'India🇮🇳,
I reached my destination
and you too!'
: Chandrayaan-3
Chandrayaan-3 has successfully
soft-landed on the moon 🌖!.
Congratulations, India🇮🇳!
#Chandrayaan_3#Ch3
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