प्रयागराज में अभ्यर्थियों का हुजूम उमड़ पड़ा है। आज करीब 50 हज़ार युवा लोक सेवा आयोग के सामने इकट्ठा हो गए हैं।
मांग सिर्फ़ एक- नॉर्मलाइजेशन हटाया जाए।
प्रयागराज में चल रहे छात्रों के प्रदर्शन पर सरकार पता नहीं मौन क्यों है? सरकार के एक मंत्री तो इन छात्रों को सपाई बता दिए.. रोजगार और पेपर के मामले में ये सरकार शुरू से घेरे में रही है
#Prayagraj#UPPCS_ROARO_ONESHIFT
गुरुकुल कैसे खत्म हो गये..??
भारतवर्ष में गुरुकुल कैसे खत्म हो गये ? कॉन्वेंट स्कूलों ने किया ब र्बाद ,1858 में Indian Education Act बनाया गया। इसकी ड्राफ्टिंग लोर्ड मैकोले ने की थी। लेकिन उसके पहले उसने यहाँ (भारत) के शिक्षा व्यवस्था का सर्वेक्षण कराया था, उसके पहले भी कई अंग्रेजों ने भारत की शिक्षा व्यवस्था के बारे में अपनी रिपोर्ट दी थी। अंग्रेजों का एक अधिकारी था G.W. Litnar और दूसरा था Thomas Munro ! दोनों ने अलग अलग इलाकों का अलग-अलग समय सर्वे किया था। Litnar, जिसने उत्तर भारत का सर्वे किया था, उसने लिखा है कि यहाँ 97% साक्षरता है और Munro, जिसने दक्षिण भारत का सर्वे किया था, उसने लिखा कि यहाँ तो 100% साक्षरता है मैकोले का स्पष्ट कहना था कि भारत को हमेशा-हमेशा के लिए अगर गुलाम बनाना है तो इसकी “देशी और सांस्कृतिक शिक्षा व्यवस्था” को पूरी तरह से ध्वस्त करना होगा और उसकी जगह “अंग्रेजी शिक्षा व्यवस्था” लानी होगी और तभी इस देश में शरीर से हिन्दुस्तानी लेकिन दिमाग से अंग्रेज पैदा होंगे और जब इस देश की यूनिवर्सिटी से निकलेंगे तो हमारे हित में काम करेंगे | मैकाले एक मुहावरा इस्तेमाल कर रहा है कि जैसे किसी खेत में कोई फसल लगाने के पहले पूरी तरह जोत दिया जाता है वैसे ही इसे जोतना होगा और अंग्रेजी शिक्षा व्यवस्था लानी होगी।” इस लिए उसने सबसे पहले गुरुकुलों को गैरकानूनी घोषित किया | जब गुरुकुल गैरकानूनी हो गए तो उनको मिलने वाली सहायता जो समाज की तरफ से होती थी वो गैरकानूनी हो गयी | फिर संस्कृत को गैरकानूनी घोषित किया और इस देश के गुरुकुलों को घूम घूम कर ख़त्म कर दिया | उनमें आG लगा दी, उसमें पढ़ाने वाले गुरुओं को उसने Maरा- पीTA, जेL में डाला। 1850 तक इस देश में 7 लाख 32 हजार गुरुकुल हुआ करते थे और उस समय इस देश में गाँव थे 7 लाख 50 हजार मतलब हर गाँव में औसतन एक गुरुकुल और ये जो गुरुकुल होते थे वो सब के सब आज की भाषा में Higher Learning Institute हुआ करते थे उन सबमे 18 विषय पढाया जाता था और ये गुरुकुल समाज के लोग मिलके चलाते थे न कि राजा, महाराजा | इन गुरुकुलों में शिक्षा निःशुल्क दी जाती थी। इस तरह से सारे गुरुकुलों को ख़त्म किया गया और फिर अंग्रेजी शिक्षा को कानूनी घोषित किया गया और कलकत्ता में पहला कॉन्वेंट स्कूल खोला गया उस समय इसे ‘फ्री स्कूल’ कहा जाता था, इसी कानून के तहत भारत में कलकत्ता यूनिवर्सिटी बनाई गयी, बम्बई यूनिवर्सिटी बनाई गयी, मद्रास यूनिवर्सिटी बनाई गयी और ये तीनों गुलामी के ज़माने के यूनिवर्सिटी आज भी इस देश में हैं, मैकोले ने अपने पिता को एक चिट्ठी लिखी थी बहुत मशहूर चिट्ठी है वो, उसमें वो लिखता है कि: “इन कॉन्वेंट स्कूलों से ऐसे बच्चे निकलेंगे जो देखने में तो भारतीय होंगे लेकिन दिमाग से अंग्रेज होंगे और इन्हें अपने देश के बारे में कुछ पता नहीं होगा | इनको अपने संस्कृति के बारे में कुछ पता नहीं होगा, इनको अपने परम्पराओं के बारे में कुछ पता नहीं होगा, इनको अपने मुहावरे नहीं मालूम होंगे, जब ऐसे बच्चे होंगे इस देश में तो अंग्रेज भले ही चले जाएँ इस देश से अंग्रेजियत नहीं जाएगी।” उस समय लिखी चिट्ठी की सच्चाई इस देश में अब साफ़-साफ़ दिखाई दे रही है और उस एक्ट की महिमा देखिये कि हमें अपनी भाषा बोलने में शर्म आती है, अंग्रेजी में बोलते हैं कि दूसरों पर रोब पड़ेगा, अरे हम तो खुद में हीन हो गए हैं जिसे अपनी भाषा बोलने में शर्म आ रही है, दूसरों पर रोब क्या पड़ेगा। लोगों का तर्क है कि अंग्रेजी अंतर्राष्ट्रीय भाषा है, दुनिया में 204 देश हैं और अंग्रेजी सिर्फ 11 देशों में बोली, पढ़ी और समझी जाती है, फिर ये कैसे अंतर्राष्ट्रीय भाषा है। शब्दों के मामले में भी अंग्रेजी समृद्ध नहीं द रिद्र भाषा है। इन अंग्रेजों की जो बाइबिल है वो भी अंग्रेजी में नहीं थी और ईशा मसीह अंग्रेजी नहीं बोलते थे। ईशा मसीह की भाषा और बाइबिल की भाषा अरमेक थी। अरमेक भाषा की लिपि जो थी वो हमारे बंगला भाषा से मिलती जुलती थी | समय के का लचक्र में वो भाषा विलुप्त हो गयी। संयुक्तराष्टसंघ जो अमेरिका में है वहां की भाषा अंग्रेजी नहीं है, वहां का सारा काम फ्रेंच में होता है। जो समाज अपनी मातृभाषा से कट जाता है उसका कभी भला नहीं होता और यही मैकोले की रणनीति थी !जिसमे लगभग वो विजय पा चुके क्योंकि आज का युवा भारत को कम यूरोप को ज्यादा जनता है भारतीय संस्कृति को ढकोसला समझता है लेकिन पाश्चात्य देशों को नकल करता है सनातन धर्म की प्रमुखता और विशेषता को न जानते हुए भी बामपंथियों का समर्थन करता है।सभी बन्धुओ से एक चुभता सवाल हमसभी को धर्म की जानकारी होनी चाहिये क्योंकि धर्म ही हमे राष्ट्र धर्म सिखाती है धर्म ही
भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान और दिग्गज फुटबॉलर सुनील छेत्री आज अपना 39वां जन्मदिन मना रहे हैं. सुनील छेत्री ने अपने इंटरनेशनल करियर की शुरुआत 2005 में पाकिस्तान के खिलाफ की थी. फुटबॉल के मैदान में गोल करने के मामले में लियोन मेसी भी उनसे पीछे हैं. देश का नाम रोशन करने वाले दिग्गज फुटबॉलर को आप भी दीजिए कमेंट बॉक्स में जन्मदिन की बधाई...
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गोरखपुर नगर निगम के स्वच्छता सर्वेक्षण के ब्रांड एंबेसडर भारत के युवा पर्वतारोही नीतीश सिंह ने 26 जुलाई को प्रातः 7:15 बजे टर्की देश की सबसे ऊंची चोटी माउंट अरारत को फतह कर गौरवशाली "तिरंगा" फहराया। माउंट अरारत को फतह करने वाले देश के प्रथम पर्वतारोही बने।
#missionararat
भारत के गौरव अंतर्राष्ट्रीय पर्वतारोही नीतीश कुमार सिंह @thedigitalpahdi टर्की के माउंट अरारत पर भारतीय तिरंगे को लहराने वाले पहले भारतीय बने! हार्दिक बधाई व मंगलकामनाएँ🌸❤️
#Gorakhpur
मुरादाबाद में वाहन चेकिंग के दौरान काटे गये चालान से गुस्साए एक व्यक्ति बिना हेल्मेट, ड्राइविंग के समय फोन इस्तेमाल करने एवं बिना डिजिटल नंबर प्लेट के वाहन चलाते हुए कई पुलिस वालों की फ़ोटो क्लिक करके, डिटेल के साथ सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
As I embark on my journey to climb Mt Ararat today, I am filled with excitement and anticipation. The thought of seeing the Indian flag on the top of Mt Ararat gives me goosebumps.
Jai Hind 🇮🇳
@HPCL@Rg03Goel#hpcl#turkeyhighest#mountain#mtararat
#Turkey देश स्थित सबसे ऊंची चोटी माउंट अरारत पर चढ़ाई करने जाते #नीतीश को #नीतीश ने दी बधाई 😎, शुभकामनाएं भाई
#पहला_भारतीय बनेगा नीतीश जो माउंट अरारत पर करेगा चढ़ाई
कल लखनऊ में माननीय उप मुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक जी से उनके आवास पर मुलाकात की, उन्होंने अगले मिशन हेतु राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भेंट करते हुए इस मिशन हेतु शुभकामनाएं प्रदान की।।
@brajeshpathakup@ravikishann@HPCL@Rg03Goel
On 10th August, I was flagged off for my next mission to climb Turkey’s highest mountain, Mt. Ararat 5134mt by Rajeev Goel, Executive Director, HPCL at Mumbai office.
Thank you to @hpcl for becoming a partner on this journey. 🇮🇳🗻
@Rg03Goel@Rameswar_Teli@VAIDICKA#hpclOnTop
Sh. Nitish Singh, International Mountaineer, was flagged off for his 7 day mountain expedition to Mt. #Ararat which is 5,134 mt. high and is Turkey's highest mountain.
Sh. Nitish Singh, in his previous expeditions, has climbed Mt. #Kilimanjaro (Africa's highest mountain), Mt. #Elbrus (Europe's highest mountain), Mt. #Meru (Africa's 5th highest mountain) and many mountain ranges within India, supporting save environment cause and causes related to menstrual hygiene and transgender community.
Wishing @thedigitalpahdi all the very best for his expedition to Mt. #Ararat