मोहम्मद इमरान Manmad-Kakinada-Shirdi Express से लातूर जा रहे थे। हाफ़िज़पेट स्टेशन के पास,ट्रेन में सवार 20 लोगों ने उनकी धार्मिक पहचान को देखकर उनकी पिटाई कर दी। इमरान के जो साथी उनकी मदद के लिए आए, उन्हें भी पीटा गया।
हमने यह कौन सा भारत बना लिया है ?
चलती ट्रेन में मुसलमानों के साथ मारपीट का मामला नया नहीं है, हाफ़िज़ जुनैद कि मॉब लिंचिंग ट्रेन में हुई थीं, चलती ट्रेन में RPF कांस्टेबल चेतन सिंह ने तीन मुसलमानों को गोली मार दी थी। अब मोहम्मद इमरान नामी इस मुस्लिम व्यक्ति के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। दाढ़ी टोपी और कुर्ता में देखकर मुसलमानों के साथ मारपीट करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। मोहम्मद इमरान Manmad-Kakinada-Shirdi Express से लातूर जा रहे थे।
🔴 ایک ننھی ترک بچی روتے ہوئے کہہ رہی ہے کہ میں پیغمبر صلی اللہ علیہ وسلم کے لیے اداس ہوں، مجھے مدینہ جانا ہے۔
"مجھے اپنے نبی کی یاد آتی ہے، میں نے انہیں اکیلا چھوڑ دیا اور مجھے ان کی بہت یاد آتی ہے۔"
क्या अब मुसलमानों को ट्रेन में सफर के दौरान भी परेशान किया जायेगा। बुर्के में दिख रही महिला का कहना है की उनसे ‘वंदे मातरम’ कहने को कहा गया। हालांकि मुस्लिम महिला ने डटकर उनका सामना किया और इस दौरान वीडियो भी बनाया…
भाजपा सरकार जिस तरह से देश और प्रदेश में हिंदू और मुस्लिम का ध्रुवीकरण कर रही है, आज सदन में साबित हो गया।
जब हमारे एवं समाजवादी पार्टी के विधायकों ने बांग्लादेश में मारे गए हिंदू के विरोध में निंदा प्रस्ताव की बात की तो ख़ुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी बांग्लादेश के ख़िलाफ़ निंदा प्रस्ताव करने से मुकर गए।
ये है भाजपा का फ़र्ज़ी हिंदुत्व।
शर्मनाक!
एक महिला डॉक्टर का हिजाब खींचना उसकी गरिमा और धार्मिक पहचान पर सीधा हमला है।
जब राज्य का मुख्यमंत्री ऐसा करे, तो महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठना लाज़मी है।
बिहार के मुख्यमंत्री @NitishKumar द्वारा एक सम्मानित महिला डॉक्टर परवीन के नक़ाब पर हाथ डालना किसी भी सूरत में क़ाबिले-बर्दाश्त नहीं है। अगर मुख्यमंत्री में ज़रा-सी भी नैतिकता और शर्मो-हया बाक़ी है, तो उन्हें तत्काल माफ़ी माँगनी चाहिए।
जब एक राज्य का मुख्यमंत्री ही इस तरह की हरकत कर सकता है, तो मुस्लिम महिलाओं की इज़्ज़त और सुरक्षा की गारंटी कौन देगा?
क्या महिलाओं के खाते में ₹10,000 महीना डालकर उनके आत्मसम्मान का सौदा किया जा रहा है?
AIMIM महिलाओं की इज़्ज़त और हिजाब की हिफ़ाज़त के लिए पूरी मज़बूती के साथ खड़ी है।
कार के शोरूम के बाहर सुपर कार को देखकर दो
मुस्लिम बच्चों का ख़ुशी का ठिकाना ना रहा,कार
के मालिक निशांत साहू ने देखा तो बच्चों को प्यार
से अंदर आने की दावत दी और गाड़ी में भी बिठाया,
ऐसे लोग ही इंसानियत की मिसाल कायम करते हैं,
ये बलबीर सिंह हैं जिन्होंने बाबरी मस्जिद को शहीद करने में पहला फावड़ा चलाया था।
आज वो मुसलमान हैं और अपने पश्चाताप के लिये अब तक 99 मस्जिदें तामीर करवा चुके हैं।
#BabriZindaHai
مسجد اقصیٰ کے اندر موجود مصلی "البراق" ‼️
مصلّٰی البراق مسجد اقصیٰ کے باب المغاربہ کے ساتھ واقع چھ مصلوں میں سب سے چھوٹا مصلّی ہے۔ یہ مصلّی زیرِ زمین ہے اور اس تک پہنچنے کے لیے تقریباً 32 پتھر کی سیڑھیاں اترنی پڑتی ہیں۔
معراج کی رات یہاں براق کو باندھا گیا تھا۔