मोदी सरकार गांव गरीब विरोधी है। यह सरकार ग्रामीण विकास का बजट लगातार काट रही है।
भारत के ग्रामीण विकास के क्षेत्र में काम करने वाली कई सरकारी एजेंसियों को खत्म कर दिया गया। वहीं एक एजेंसी का बजट 74 करोड़ रुपए से घटाकर सिर्फ 1 लाख रुपए कर दिया है।
इन सरकारी एजेंसियों के नाम हैं 👇
• National Rural Infrastructure Development Agency (NRIDA)
• National Rural Livelihoods Promotion Society (NRLPS)
• National Institute of Rural Development & Panchayati Raj (NIRD&PR)
ये वो एजेंसियां हैं, जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, दीनदयाल अन्त्योदय योजना और ग्रामीण विकास के लिए रिसर्च और ट्रेनिंग का काम करती हैं।
एक तरफ नरेंद्र मोदी गांवों के विकास का खोखला और हवाई दावा करते नहीं थकते।
वहीं, दूसरी तरफ उनकी सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाली सरकारी एजेंसियों को खत्म करने में लगी है।
महात्मा गांधी कहते थे- 'देश की आत्मा गांव में बसती है', लेकिन अमीर और पूंजीपतियों की सोहबत में रहने वाले नरेंद्र मोदी गांवों को ही बर्बाद करने पर तुले हैं।
नरेंद्र मोदी का ये फैसला गांव के ल���गों से भागीदारी और हिस्सेदारी छीनने की एक शर्मनाक साजिश है।