अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल की कीमत 77 डॉलर से नीचे जा चुकी है हमारे देश की तेल कंपनियों को भी तेल की कीमतों में कटौती करते हुए आम नागारिको को राहत देनी चाहिए।
लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से जिन्होंने अपनी जान गंवाई है, उनके प्रति हमारी श्रद्धांजलि। जिन्होंने अपनों को खोया है, उन शोक संतप्त परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं।
भावपूर्ण श्रद्धांजलि
जिस देश में पिज़्ज़ा आधे घंटे में और blinkit की डिलीवरी 10 मिनट में हो जाती है वहां पुलिस, प्रशासन और फायर ब्रिगेड घंटों नहीं पहुंचता वह देश कैसे विकसित हो सकता है।
CBSE ���ीचेकिंग में रांची की अवनी को मिले 500 में 500 नंबर
◆ मेरे अंग्रेजी में 19 नंबर कटे थे जिसकी उम्मीद नहीं थी. अग्रेंजी मेरा सबसे मजबूत विषय था, बिजनेस स्टडीज में भी 5 नंबर कटे. अब मेरे 24 नंबर बढ़ गए।"- अवनी केजरीवाल
Avni Kejriwal | #CBSE | #Jharkhand | #Ranchi
CBSE रीचेकिंग में रांची क��� अवनी को मिले 500 में 500 नंबर
◆ मेरे अंग्रेजी में 19 नंबर कटे थे जिसकी उम्मीद नहीं थी. अग्रेंजी मेरा सबसे मजबूत विषय था, बिजनेस स्टडीज में भी 5 नंबर कटे. अब मेरे 24 नंबर बढ़ गए।"- अवनी केजरीवाल
Avni Kejriwal | #CBSE | #Jharkhand | #Ranchi
एक गरीब की लड़की रागनी विश्वकर्मा को बारिश में बाइक पंचर होने की वजह से NEET सेंटर पहुंचने में थोड़ी देर हो गई तो उसको परीक्षा देने की परमिशन नही मिली
जबकि कोलकाता की सृष्टि दुबे अलग कमरा और मेडिकल स्टाफ के साथ परीक्षा देती है और शिक्षामंत्री बात भी करते हैं!
कैमराजीवी व्यवस्था
लखनऊ में एक इमारत में लगी भीषण आग में तक़रीबन डेढ़ दर्जन युवाओं की दर्दनाक मौत हो गई। वहाँ मौजूद युवाओं की चीखें और गवाही सुनिए—यह सिर्फ़ एक हादसा नहीं, हमारे स���य की एक भयावह सच्चाई है।
इस आग में कुछ लोग जलकर मारे गए, लेकिन उससे भी बड़ा सवाल यह है कि जिन लोगों को युवाओं ने अपनी उम्मीदों और भविष्य की जिम्मेदारी सौंपी थी, उन्होंने उनके लिए क्या किया?
रोज़गार, शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था की जगह समाज को धर्म और नफ़रत की आग में झोंका जा रहा है। एक आग इमारतों को जलाती है, दूसरी आग पीढ़ियों के सपनों को।
हम जैसे लोग बरसों से चेतावनी देते आ रहे हैं कि नफ़रत की राजनीति का अंत कभी अच्छा नहीं होता। मगर अगर अब भी नहीं संभले, अगर अब भी असली मुद्दों पर सवा��� नहीं पूछे, तो सिर्फ़ इमारतें नहीं जलेंगी—सपने जलेंगे, भविष्य जलेगा, और एक पूरा समाज राख में बदलता चला जाएगा।
वक़्त अभी भी है। तय करना हमें है कि हम आग बुझाने वालों के साथ खड़े होंगे या आग फैलाने वालों के साथ।