हम लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम के पहले चरण के अन्तिम पड़ाव से कुछ कदम दूर हैं। अतः सभी लोग संगठित होकर अपने अपने उत्तरदायित्व का निर्वाह करते हुए भ्रष्टाचारियों पर एक साथ प्रहार करें,जिससे यहीं पर इन भ्रष्टाचारियों का मनोबल टूट जाय और हम लोगों का आगे का मार्ग सुगम हो सकें।
भ्रष्टाचार से चयनित लोगों में गजब की छटपटाहट हैं, जिसे किसी भी प्लेटफार्म पर देखा जा सकता है। अतः सिर्फ एक संगठित प्रहार इन लोगो की छटपटाहट को रूदन में बदल देगी, इसलिए सभी लोग संगठित होकर अपने अधिकारों की रक्षा हेतु भ्रष्टाचार के खिलाफ इस मुहिम से जुड़े और अपने मुहिम को सफल बनाए।
अब हम लोग ऐसे दो राहें पर खड़े हैं, जहां पर लिया गया निर्णय हम लोगों की दिशा और दशा दोनों तय करेगा। इसलिए सभी लोग सक्रिय होकर व संगठित होकर अन्तिम निर्णय तक पहुंचने में सहयोग करें।
आज युवाओं की जो दशा है उसका कारण वह खुद है क्योंकि भ्रष्टाचार के कारण जिनका चयन हुआ वे अट्टहास कर रहे हैं और जो भ्रष्टाचार का दंश झेल रहा है, वह मूकदर्शक बना स्वीकारोक्ति दे रहा है।युवाओं से अपील है एक बार दो तीन सौ लोग भी संगठित हाे गए तो इनका अट्टहास इस बार रूदन में बदल जायेगा।
@navsamagra21 इस बार यह परम्परा टूटेगी कि रिजल्ट घोषित हो गया अब कुछ नहीं होगा। भगवान पर विश्वास रखो और सभी लोग संगठित होकर अपना सब कुछ दांव पर लगा दो, इस बार इनका अट्टहास निश्चित रूप से रूदन में बदल जायेगा और इन सब को पता भी नहीं चलेगा।
आज युवाओं की मानसिकता गजब की हैं, सब भ्रष्टाचार के दर्द से कराह रहे हैं किंतु उस भ्रष्टाचार के खिलाफ कुछ चंद लोग लड़ रहे हैं। जबकि ज्यादातर लोग सो रहे हैं या खड़े होकर सिर्फ तमाशा देख रहे हैं। अब भी समय है सभी लोग संगठित होकर भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े हो जाएं, नहीं आगे का समय....।
उत्तर प्रदेश सरकार इस चुनावी वर्ष में नई वैकेंसी की सौगात बेरोजगारों को दे सकती हैं किन्तु यह भर्ती प्रक्रिया भी नकल माफिया/दलालों की भेंट चढ़ने से कोई नहीं रोक पायेगा। इसलिए सभी लोग संगठित होकर नकल माफियाओं एवम् दलालों के ऊपर प्रहार करें, नहीं तो ये सब आपके हिस्से को खा जायेंगे।
जो आज देश में युवाओं की स्थिति है, उसका जिम्मेदार कौन है सरकारें या व्यवस्था। इसका जिम्मेदार चाहे जो भी हो, इस युवाओं की दुर्दशा को विपक्ष क्यों नहीं उठा रहा, क्या सत्ता में आने के बाद ये भी उसी रास्ते पर चलेंगे, जो व्यवस्था अभी तक चली आ रही है।
हमारे बीच में ही बहुत से लोग हैं,जो हम लोगों को पीछे खींचते रहते हैं। वो लोग निराश हैं इसलिए ऐसा करते हैं या उनका भी कुछ मामला है जो हम लोगों के पैर के नीचे आ चुका है जिससे वे लोग छटपटा रहे हैं। इसका कारण जो भी हो उनके खींचने से हम लोग एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे।
उत्तर प्रदेश के युवाओं संगठित हो जावो, क्योंकि यूपी में चुनाव है और सभी राजनीतिक पार्टियां तुष्टिकरण की सारी हदें लांघ जा रही हैं। तो शायद आप को संतुष्ट करने हेतु भी ये पार्टियां कुछ करें।