अत्यंत ही शर्मनाक।
बहन जी, यह सरासर वादाखिलाफी है। अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास ले लिया है। अब आप बहाना कर रही हैं कि उन्होंने कल ही तुरंत संन्यास क्यों नहीं लिया? स��मे में पड़े आकाश आनंद ने आपका पोस्ट RT क्यों नहीं किया?
मानवीय संवेदनाओं को इस कदर कुचलना शर्मनाक है।
"तड़पाओगे? तड़पा लो।
हम तड़प-तड़पकर भी तुम्हारे गीत गाएंगे।
ठुकराओगे? ठुकरा लो। हम ठोकर..."
बस यही हाल मेरे दलित समुदाय का है। आप इन्हें चाहे जितना भी लात-घूंसे, गाली, अपमान, दुत्कार... कर लीजिए, लेकिन ये मंदिर में पूजा और दर्शन करना नहीं छोड़ेंगे।
BJP की विधायक मैडम जय देवी कौशल भी मंदिर में पूजा और दर्शन करने गई थीं। जातीय श्रेष्ठताबोध से घिरे हुए हिंदुओं ने इन्हें अपमान का प्रसाद भेंट कर दिया। अब मैडम जी, पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर एवं इनका पूरा परिवार बहुत दुखी हैं। रो रहे हैं। काश, इन्होंने बाबासाहेब को पढ़ा होता, तो आज इन्हें अपमान का प्रसाद चखना नहीं पड़ता।
आज हमने SC-ST कंपोनेंट प्लान के अंतर्गत स्थापित आम्बेडकर नगर, जालौन, कन्नौज व सहारनपुर ��ेडिकल कॉलेजों का विशेष दर्जा बहाल करने हेतु अध्यादेश लाने के संबंध में मुख्यमंत्री योगी जी के नाम एक पत्र लिखा।
इस मामले को लेकर हम सब पिछले एक साल से लड़ रहे हैं। आशा करते हैं कि सरकार SC-ST छात्रों की पीड़ा सुनेगी एवं इन कॉलेजों की विशेष दर्जे को बरकरार रखेगी।
@myogiadityanath @Mayawati @asim_arun
"कुछ लड़कियां बलात्कार पसंद करती हैं।"
RSS विचारक टीजी मोहनदास जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं की हत्या कर शवों को इकट्ठा करने और लड़कियों के साथ गैंगरेप को जस्टिफ़ाई कर रहा है। शर्मनाक है।
यह हैवान BJP ��े Intellectual Cell सेल का प्रमुख रह चुका है। घिन आती है ऐसे हैवानों पर। केरल सरकार बिना किसी देरी के इस Rape Apologist को तुरंत गिरफ्तार करके जेल भेजे। इसकी सोच पूर्णतः स्त्री-द्वेषी है और बाहर घूम रह�� महिलाओं एवं बच्चियों की सुरक्षा के लिए खतरा है।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी के पास स्थित प्राचीन बौद्ध स्थल सारनाथ ���ो दक्षिण कोरिया के बुसान में आयोजित UNESCO World Heritage Committee के 48वें सत्र के दौरान आधिकारिक तौर पर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कर लिया गया है। इसके साथ ही सारनाथ भारत का 45वां धरोहर स्थल बन गया है।
लोकतंत्र में जनता ही प्रधान है। 🔥🔥
इतिहास गवाह है कि जब-जब युवा ठान लेते हैं, सत्ता के सिंहासन हिल जाते हैं। बधाई हो छात्रों, जिंदाबाद लड़कियों!
आपने साबित कर दिया कि लोकतंत्र में मालिक जनता होती है, और यह बात सत्ता के गलियारों तक पहुंच चुकी है।
यूपी पुलिस का जातिवाद!
कुछ दिन पहले जब ललिता गौतम को न्याय दिलाने के लिए दलित मेरठ कलेक्ट्रेट आए थे, तो प्रशासन ने गेट बंद कर दिया था। धरना देने पर SSP अविनाश पांडेय ने उन्हें गालियां दीं, थप्पड़ मारे और 8 लोगों को गुंडा बताकर जेल भेज दिया।
आज किसानों ने ट्रैक्टरों का झुंड लेकर उसी कलेक्ट्रेट को घेर लिया। कमिश्नरी चौराहा घंटों तक किसानों की छावनी बना रहा। एडिशनल कमिश्नर को बीच सड़क पर आ���र बात करनी पड़ी। बात नहीं बनी तो किसान अनेक ट्रैक्टर लेकर कलेक्ट्रेट में घुस गए। DM से लेकर SP और SSP तक मुंह ताकते रह गए। किसी की हिम्मत नहीं थी कि किसानों पर हाथ छोड़ दे।
कहाँ गया मेरठ का वह SSP अविनाश पांडेय, जो दलित समुदाय को "पूरी रोड गंदी कर दी सालों ने...", "सड़क तुम्हारे बाप की नहीं है..." जैसी गालियां देते हुए दलितों की लाठी-डंडों से पिटाई कर रहा था और बंदी वैन में घुसकर उन पर थप्पड़ चला रहा था?
इन जातिवादी पुलिसकर्मियों की सारी ह��कड़ी सिर्फ दलितों के खिलाफ निकलती है। इन्हें पता है कि ये किसान जाट हैं, उन्हें हाथ लगाएंगे तो वे उनकी औकात बता देंगे। जब वे ट्रैक्टर लेकर लाल किले तक घुस सकते हैं, तो एक कलेक्ट्रेट की क्या बिसात है! बाकी दलितों का क्या है, कमजोर समाज से हैं, जब चाहे उन्हें पीट दो, भला कौन सुनने वाला है? अविनाश पांडेय से बस यही कहूंगा; तुम लोग आईने में खुद से नजर कैसे मिला पाते हो? शर्म नहीं आती?
पुलिस का यह गुंडा छात्रा के प्राइवेट पार्ट में लाठी घुसेड़ रहा है। कल प्रोटेस्ट के दौरान आई यह वीडियो मन विचलित कर देने वाली है। महिला आयोग मर गया है क्या?
नरेंद्र मोदी जी, क्या यही है आपका 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' मुहीम? यह Sexual Assault है। शर्म करो सरकार।
एकजुट रहें।
देश में बढ़ते जातीय उत्पीड़न के मामले दर्शाते हैं कि आज भी SC समुदाय को पूरी तरह इंसान नहीं समझा जाता।
आज भी जातिवादी आतंकियों को लगता है कि वे उत्पीड़न करके बच निकलेंगे, क्योंकि उन्हें पता है कि हम बटे हुए हैं। हमारा यही बिखराव उन्हें ज़ुल्म करने की ताक़त देता है।
यूपी के उन्नाव में म���हम्मद फुरकान और रमजानी ने अपनी कार से दलित समुदाय के लड़कों को टक्कर मार दी।
पीड़ितों ने जब विरोध किया तो उन्होंने जातिगत गालियां देते हुए उन्हें मारा-पीटा और जान से मारने की धमकी दी।
प्रशासन से अपील है कि गुंडों पर कड़ी कार्रवाई की जा��।
सोनम वांगचुक जी से निवेदन है कि इस मुर्दा समाज एवं निष्ठुर सरकार के लिए आप अपनी जान मत दीजिए।
जो समाज दलित���ं को कभी इंसान नहीं समझा, और जिस सरकार ने करोड़ों दलितों की चीखें नहीं सुनीं, आप उससे इस संवेदनशीलता की उम्मीद मत रखिए कि उसे आपकी जान की फ़िक्र होगी। आप अनशन खत्म कीजिए।
ये #अरावली_पर्वतमाला ऐतिहासिक के साथ साथ उत्तरीय भारत का #कवच है,
इसके नष्ट होने से लाखों जीव जन्तु बेघर होंगे मृत्यु होंगी,
मानव शरीर को स्वांस लेने में तकलीफ होगी और प्रदूषण बढ़ेगी,