एक पोस्ट मोतिहारी वाले घटना पर कर दो ताकि भरोसा बना रहे की राजनीति के चक्कर में मानवता को नहीं निगले हो तुमलोग। नहीं तो बाकी शहाबुद्दीन साहब तो जिंदाबाद हैं ही तुम्हारे लिए।
एक पोस्ट मोतिहारी वाले घटना पर कर दो ताकि भरोसा बना रहे की राजनीति के चक्कर में मानवता को नहीं निगले हो तुमलोग। नहीं तो बाकी शहाबुद्दीन साहब तो जिंदाबाद हैं ही तुम्हारे लिए।
बस आँख बंद कर कल्पना करिए।
सिवान में जो नरसंहार हुआ यदि वो राजद शासनकाल में होता, यदि कोई बहुजन उसमें सम्मिलित होता तो जंगलराज आ जाता। उच्च वर्गों के लोग पत्रकारों समेत छाती पीट गला फाड़ जंगलराज-जंगलराज चिल्ला रहे होते। #Bihar
@BiharRevenue ग्रामीण क्षेत्र मेंअनाधिकारित रूप से कब्जा किये गए आम गैर मजरुआ जमीन जिस से कई सार्वजनिक कार्य (जैसे - सड़क, विद्यालय, खेल मैदान आदि) बाधित हो रहे हैं या तो नहीं बन पा रहे हैं उसपर सरकार का क्या पक्ष है। क्या रहे मुक्त कराने का सरकार द्वारा की प्रयास किया जा रहा है?
Artists perform the #Kajri dance at the #L20Summit under #G20India in Patna on Thursday, showcasing the diversity of art in Bihar. The dance, which is a folk song of the rainy season, is sung in the month of Shravan.
सौदा हुआ #बिहार का, तो #जीतन_राम_मांझी बन जाएंगे कहीं गवर्नर, बेटे संतोष सुमन के लिए #Gaya लोक सभा की सीट तो है ही. फिर चिराग, मांझी, पारस सारे बीजेपी के साथ. पर, इस सौदे से नहीं डगमगाएगी अभी महागठबंधन की सरकार.
तक्षशिला पब्लिक स्कूल, ज्योति कॉलोनी में मेरे दोस्त की बिटिया पढ़ती है। दूसरा दिन था स्कूल में। गई, तो साथ वाली बच्ची ने पूछा - तुम मुसलमान हो? उसने कहा - हाँ। ये सुनकर उस बच्ची ने दोस्त की बिटिया के मुँह पर थूक दिया।
मुझे यकीन है कि वो बच्ची भी उतनी ही प्यारी होगा, जितनी मेरे दोस्त की बिटिया। लेकिन उस बच्ची के माँ-बाप उसे ठीक परवरिश नहीं दे पा रहे। उनके घर में टीवी पर नफ़रती एंकर्स के शो चलते होंगे। ये 2014 के बाद का इंडिया है। जो बच्चों में ज़हर भर रहा है।
इन हालात में कहना पड़ता है कि समाज मर रहा है...निश्चित तौर पर।
@Kashyap19Manish@ImKingYadav@SonuSood @Mksonofbihar जातिवाद से ऊपर खाली यादवजी ही काहे सोचे भाई। अगर एहे बात कश्पय जी और बाकी स्वघोषित सभ्य लोग सोच लें तो का दिक्कत होगा।
बिहार के हरफ़नमौला शिक्षक क्या नहीं करते?
- पढ़ाना,
- मिड-डे खाना,
- जनगणना,
- मवेशी गणना,
- वोटर बनाना,
- चुनाव ड्यूटी,
- टीकाकरण....
फिर संघर्ष, लाठी और अंतहीन इंतज़ार! इसके बाद भी वे “राज्यकर्मी” न होंगे जब तक मैट्रिक पास न करने वाले भी उनकी बारंबार परीक्षा न ले लें!