कुमार विश्वास ने जो बिना किसी का नाम लिए कहा घर का नाम रामायण रखते रखते हो तो बेटी को रामायण जैसा संस्कार दो
तो कई लोगों को मिर्ची लग गई
2011 में शीला दीक्षित दिल्ली के मुख्यमंत्री थी उसे वक्त खबर आई कि उनकी बेटी लतिका दीक्षित ने किसी सैयद मोहम्मद इमरान से शादी किया
उस वक्त जो जो लोग फेसबुक पर या ट्विटर पर इसकी निंदा कर रहे थे उनको दिल्ली पुलिस का नोटिस आता था और 12 से 14 लोगों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था
उस वक्त भी सेकुलर समाज यही कह रहा था कि शीला दीक्षित की बेटी की मर्जी है वह खुश रहना चाहती है तो तुम लोग कौन हो
सिर्फ 6 महीने के बाद सैयद मोहम्मद इमरान ने अपना असली रंग दिखाए और उसने लतिका दीक्षित को फुसलाकर उसके नाम की प्रॉपर्टी अपने नाम करवा ली और एक दिन उसकी नजर शीला दीक्षित की बहन की लड़की पर पड़ी और उसने उसे यानी अपनी पत्नी लतिका दीक्षित के मौसी की बेटी को लेकर भाग गया
अंतिम समय में शीला दीक्षित ने बहुत मानसिक तनाव झेला और लोग कहते हैं कि शीला दीक्षित अभी और जिंदा रहती लेकिन बेटी के हाल ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया
उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से तोड़ दिया
क्योंकि हर रोज थाने पुलिस का चक्कर हर रोज घर पर दामाद के द्वारा नौटंकी हर रोज नए-नए कारनामे और शीला दीक्षित मानसिक रूप से इतनी टूट गई कि वह वक्त के पहले इस दुनिया से चली गई
अंतिम समय में शीला दीक्षित मुस्लिम दामाद इमरान से आहत थी
पैसे लेकर भागा था, बेटी लतिका को छोडकर, बेटी की मसौरी बहन को लेकर भागा था
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शीला दीक्षित अंतिम समय में तलाक की शिकार हुई अपनी बेटी के भविष्य को लेकर चिंतित थी, टेंशन में थी। बुढापे में बच्चों और पैेसे के प्रति लगाव काफी बढ जाता है। दिल्ली के राजनीतिक गलियारे में जो चर्चा थी उसके अनुसार शिला दीक्षित की जीवन भर की कमाई का लेखा-जोखा मुस्लिम दामाद ही रखता था, वह मुस्लिम दामाद सारे पैसे लेकर तो भागा ही इसके अलावा उसने शीला दीक्षित की बेटी को भी छोड दिया, शीला दीक्षित की बहन की बेटी को लेकर शीला दीक्षित का दामाद भाग गया। पुलिस में भी यह मुकदमा गया था। पर मुस्लिम दामाद द्वारा पैसे का राज खोल देने की धमकी ब्लैकमैंिलंग के कारण शीला दीक्षित चुप रहना ही बेहतर समझी थी। आप समझ सकते हैं कि किसी की युवा बेटी को छोडकर कोई भाग जाये, उपर से जीवन भर की वैध-अवैध कमाई को लेकर कोई भाग जाये तो फिर शिकार शख्त कितना भी मजबूत क्यों न हो पर आहत तो होगा ही, इसके अलावा टेंशन में तो होगा ही। आहत और टेंशन बीमारी के घर हैं। इसी बीमारी में शीला दीक्षित को हर्ट का अटैक आया। बोया पेड बबूल का तो फिर आम कहां से आये? समझदार तो समझ ही लेंगे।