इस आंदोलन में आपके फ़ेवरिट क्रिकेटर्स कहाँ हैं? आपके प्रिय भजन गायक, कथावाचक, कवि और कवियत्री कहाँ ग़ायब हैं? क्या उन्हें करोड़ों भारतीयों के वोटों की डकैती पर कुछ भी नहीं कहना है? कहाँ गायब हैं आपके कनाडा कुमार जी? कहाँ हैं आपके क्रिकेट के भगवान? सदी के महानायक कहाँ सोए हैं?🤔
मस्क अंबानी को प्रधानमंत्री लिख रहे हैं। भारत की सरकारी फैक्ट चेकर PIB खंडन भी नहीं कर रही है। पूरी भारत सरकार मस्क के आगे चुप है। मंत्री चुप हैं। मस्क अंबानी को नहीं, प्रधानमंत्री मोदी को चैलेंज कर रहे हैं। उनका यह पोस्ट कॉरपोरेट वॉर का इशारा नहीं करता है बल्कि प्रधानमंत्री पद और दफ्तर की गरिमा की ऐसी तैसी कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी भी चुप हैं। यहाँ विपक्ष ज्ञानेश कुमार चोर है का नारा लगाने के लिए जंतर-मंतर जाना चाहता है तो उसे रोक दिया जाता है। जेन ज़ी को दिल्ली आने से रोक दिया जाता है। सारी ताकत विपक्ष पर दिखा रहे हैं, दो लाइन किसी मंत्री से लिखा नहीं जा रहा है कि मस्क जी हम जिस मंत्रिमंडल के मेंबर हैं, उसके प्रधानमंत्री तो नरेंद्र मोदी हैं। आप भूल सुधार कर लीजिए।प्रधानमंत्री पद की गरिमा को मुद्दा बनाने वाली बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को ही ट्वीट कर देना चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, अंबानी नहीं। गोदी मीडिया के ऐंकरों को चिल्लाना चाहिए कि मस्क ग़लती सुधार लो, वरना इस दीवाली फुलझड़ियों को छोड़ टेस्ला के ख़िलाफ अभियान चलाने लगेंगे। सब चुप है। दूसरों को चुप कराने वाले चुप हैं।
जिस मस्क को कभी भारत में जेल जाने से डर लगता था, उस मस्क को क्या हुआ है? क्यों पिनक गए हैं, चिंता की बात होनी चाहिए। सूचना प्रसारण मंत्रालय के मंत्री को एक्स के किसी मैनेजर को बुलाकर पूछना चाहिए कि तुम्हारे मालिक नरेंद्र मोदी को छोड़ अंबानी को कैसे प्रधानमंत्री लिख रहे हैं? यह शपथ कब हुआ है? फोटो दिखाओ? मस्क, अंबानी, अदाणी, सरकार इन सबके बीच जो हो रहा है, उनके बीच सही बात क्या है, किसी को पता तो है नहीं। कौन किसे मैनेज कर रहा है, पर्दे के पीछे के पर्दे के पीछे कौन-कौन है, यह जान लेने से क्या बदल जाता है। मगर प्रधानमंंत्री अंबानी हैं, ये कब बदल गया? राहुल गांधी तो वोट चोरी को प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और ज्ञानेश कुमार के प्रोजेक्ट तक ही देख पा रहे हैं, इसके ऊपर का भी मामला है क्या?
वैसे इस प्लेटफार्म के लिए मस्क आपका शुक्रिया। ठीक है सरकार के कहने पर आप भी पोस्ट हटा देते हैं लेकिन आदमी अपनी बात तो लिख पा रहा है। अगर एक्स करोल बाग के किसी टाइकून का प्लेटफार्म होता तो हम लोगों के प्लेटफार्म के आगे बैरिकेड लगवा देता और डिलीट कर देता। इसलिए आपके पोस्ट पर इधर के उद्योगपति लोग भी चुप हैं। आसान नहीं है आपकी तरह लब-लब कुछ भी बोल देना। इधर सारा आंत्रोपन्योरशिप सरकार से लाइसेंस, ठेका, ज़मीन वाले प्रोजेक्ट लेने में लगा रहता है। ज़िलाधिकारी से लेकर सचिव के चक्कर काटने में लगा रहता है। एक प्रोडक्ट ढंग का नहीं बनता। अपने प्रोडेक्ट को ग्लोबल लेवल पर पहुंचाने के बजाए 24 घंटा इसी में लगे रहते हैं कि सरकार से क्या मिल सकता है। आपको भी वही झेलना पड़ेगा। आप भारत आओ, दीवाली का टाइम है, गिफ्ट-विफ्ट लेकर आओ, बात समझो, आप देखना यही मंत्री लोग आपके साथ कैसे फोटो खिंचाते हैं। आओ तो सही, पूरी सरकार बिछी मिलेगी। मुस्कुरा दोगे पीएम साहब को देख कर तो गोदी मीडिया हेडलाइन बना देगा। अपनी वैल्यू समझो आप। कॉकरोच दिल्ली आ गए हैं और आप उधर से ही पोस्ट फायर किए जा रहे हो। COME.
इसीलिए मस्क जी, भारत के प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र मोदी है। अंबानी नहीं है। भारत में आपकी जीवनी हिन्दी में भी छप चुकी है। आपकी माँ मेय मस्क जी की किताब जब औरत सोचती है, राजकमल प्रकाशन से छप चुकी है।आप एक मामूली पॉलिसी निर्णय को लेकर पिनके हुए हैं, यहां तो करोड़ों लोगों के वोट काट दिए गए हैं। वोट का अधिकार छीन लिया गया है। बात को समझो आप। सोशल मीडिया की तरह वोटर को ब्लॉक कर दिया जाता है। नेता प्रतिपक्ष को धक्का दिया जाता है। स्टार लिंक लेकर आ भी गए होते तो क्या हो जाता, आपका भी आज सीपी और चार किलोमीटर के दायरे में बंद रहता। अच्छा हुआ है आप नहीं आए। वैसे अगर स्टार लिंक का कोई पर्सनल लिंक है तो व्हाट्स एप पर भेज देना। आज जंतर-मंतर से वीडियो अपलिंक करना है। बच्चों को प्यार देना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से भी। हम लोग डर जाते हैं मगर प्यार ज़रूर करते हैं। ख़ुश रहिए।
संजय सेठ शालीमार ग्रुप का मालिक जिसके संस्थानों पर तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली जी ने छापा मरवाया था, जिस छापे में अरबों रुपये का कालाधन पकड़ा गया था, उसका हिसाब किताब दबा दिया गया क्या उसे खेती किसानी करने की वजह से आपने राज्यसभा भेजा है?
आसमान पर थूकने से खुद ऊपर गिरता है।
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इस तस्वीर को बनाने वाले बंदे को 21 तोपों की सलामी.
राजामौली ने जानबूझकर मूलनिवासियों को अपनी फ़िल्म बाहुबली में खलनायक दिखाया.
राजामौली ब्राह्मण या क्षत्रिय नही हैं. उनके पिता कम्मा हैं और माता कापू जाति से हैं. दोनों किसान जातियां हैं. लेकिन जातीय क्रम में दोनों जातीय के लोग खुद को उच्च मानते हैं और दलित और आदिवासियों को नीच.
किसान और पशुपालक जातियों का बड़े पैमाने पर मध्यकाल में Sanskritization किया गया. उन्हें दलितों और आदिवासियों को नीच और अछूत मानने का विशेषाधिकार दिया गया.
इसीलिए किसान पशुपालक जाति का निर्माता निर्देशक Asuran, Karnan, Kaala, Sarpatta Parambarai, Thangalaan, Jay bhim, Maamannan आदि जैसी फ़िल्म नही बना सकते.
ऐसी फिल्में केवल Pa Ranjith, Meri Selvaraj और Vetrimaran जैसे लड़ाकू निर्देशक ही बना सकते हैं.
"यह चौंकाने वाला है कि CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने PM मोदी को निजी बैठक के लिए अपने आवास पर आने की अनुमति दी, यह न्यायपालिका के लिए बुरा संकेत है..."
- प्रशांत भूषण, वरिष्ठ वकील | @pbhushan1
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भोजपुरी फ़िल्म इंडस्ट्री पर सवर्ण जातियों का आधिपत्य है.
रवि किशन शुक्ला, मनोज तिवारी, पवन सिंह, दिनेश लाल यादव और खेसारी लाल यादव
केवल दो कलाकार OBC हैं.
यहां तक टॉप चार निर्देश भी सवर्ण हैं.
रजनीश मिश्रा
संतोष मिश्रा
राजकुमार पांडेय
अजय श्रीवास्तव
टॉप पांच हीरोइन भी सवर्ण हैं.
भोजपुरी सिनेमा में स्टार उन्ही जातियों से हैं जिनकी जनसंख्या ज्यादा है. जैसे ब्राह्मण, क्षत्रिय और अहीर.
जनसंख्या तो जाटव और पासी जाति की भी ज्यादा है. लेकिन दो जातियों से कोई स्टार या निदेशक नही हैं.
SC जातियों के लिए भोजपुरी सिनेमा के दरवाजे बंद रखे गए हैं. यह जातिवाद है.
मुबारक हो एक और आरक्षण घोटाला...
"भाजपा सरकार" मतलब "आरक्षण घोटाला बरकरार"
उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग का एक और आरक्षण घोटाला....
RTI के माध्यम से कल UPPCS द्वारा आयोजित RO/ARO प्रारंभिक परीक्षा(सहायक समीक्षा अधिकारी)का निम्न कटऑफ प्राप्त हुआ है👇👇
GEN -102
OBC - 110
EWS - 106
SC - 89
यूपी में क़ानून का राज जाति देखकर कथित 'एनकाउण्टर' करने में व्यस्त है, तो वहीं दूसरी ओर गुंडों का राज क़ायम होता जा रहा है। खुलेआम गुंडे वसूली कर रहे हैं और आक़ा कहीं और देख रहे हैं।
उप्र में अब तक अपराधी केवल हत्या, लूट, डकैती, दुष्कर्म से भाजपा की क़ानून-व्यवस्था का पुर्ज़ा- पुर्ज़ा खोल रहे थे लेकिन अब तो मेरठ में सच में हैलीकाप्टर का पुर्ज़ा- पुर्ज़ा खोलकर ट्रक पर लादकर ले जाने की ख़बर आयी है। ये हवाईपट्टी की सुरक्षा का भी सवाल है। क्या वहाँ की सुरक्षा व्यवस्था छुट्टी पर गयी है।
#नहीं_चाहिए_भाजपा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी कुछ बयान नहीं देंगे क्या? वैसे तो आप गला फाड़ फाड़ कर बोलना शुरू कर देते हो।
अब जब कानून व्यवस्था पर सवाल आया तो किसी बिल में दुबक गए।
जवाब कौन देगा महाराज जी।
#इंदल_पटेल_को_न्याय_दो@NationalJanmat
संविधान के घर को आग लगी
घर के चिराग से….
१) EVM को क्लीन चीट
२) महाराष्ट्र में चल रही संविधान विरोधी सरकार के सुनवाई पर ३ साल से तारीख पे तारीख
३) प. बंगाल बलात्कर मामले मे suemoto हस्तक्षेप लेकीन
महाराष्ट्र रेप कांड का जिकर नहीं.
४) दिल्ली मुख्यमंत्री केजरीवाल के
बेल पर तारीख पे तारीख.
ये सब क्युं हो रहा है?
क्रॉनॉलॉजी समझ लिजीये…
भारत माता की जय!!!!
आभार @rautsanjay61