@jyotirmathah@ANI@PTI_News रामकाज में जीवन खपा देने वाले चंपत राय जी का उपहास!!
क्या आप संत की गरिमा भी भूल गये हैं? आप स्वयं को सनातन धर्म के सर्वोच्च धार्मिक पद पर सुशोभित बताते हैं। क्या यही आपकी भाषा होनी चाहिए। यह चंपत राय पर कटाक्ष नहीं, यह राम मंदिर आंदोलन की तपस्या का अपमान है��� विचार करें...
30 मार्च 2015
“महल खड़े हैं जिन हाथों से, उन हाथों में छाले क्यों हैं…?”
ये सवाल पूरे अति पिछड़ा समाज की ओर से सीधे @yadavakhilesh से है... वही अखिलेश यादव जिनके राज में 'ऐतिहासिक नियुक्ति घोटाला' हुआ, जिसने प्रदेश के न जाने कितने गैर-यादव पिछड़े समाज के लाखों ऊर्जावान युवाओं के सपनों को तहस-नहस कर के रख दिया।
हममे से बहुतों ने वो दौर देखा है। गांव की मिट्टी से आता हूं, लम्बे समय तक टेम्पू चलाकर परिवार और समाज के लिए संघर्ष किया है... गरीबी जिया हूं, गरीबी समझता हूं..
हमने देखा है, जब हम अति पिछड़े घरों की माताएं, जिनके ��ास गिनती के गहने होते थे, वो भी अपना गहना-गुड़िया गिरवी रख के बेटे को सरकारी नौकरी लगवाने के लिए दे देती थी। लालटेन और ढिबरी की रोशनी में बेटा- बेटी रात-रात भर पढ़ाई करते रहते थे... कुछ बनना है की ललक होती थी। मगर, सपा राज ने अति पिछड़ा समाज के युवाओं के जितने घाव दिये हैं, उन सब का हिसाब-किताब यहीं भरना होगा उसे।
कुशवाहा हों, राजभर हों, निषाद, मौर्य, लोहार, कहार, बिंद, प्रजापति, गोंड या कश्यप हों... इनके बच्चों को नौकरी दिलाने के लिए खुलेआम मोटा रेट तय होता था। हर विभाग में बकायदे इनके गुंडे और दलाल टाइप के एजेंट फिक्स होते थे, इसी काम के लिए...
हमने देखा है वो समय और अति पिछड़ा समाज के लिए लाठियां भी खाई हैं...इनके राज में वो हाल था कि कोई वेकेंसी निकलते ही ग��ंव गांव में सेटिंग कराने वाले इनके दलाल काम पर लग जाते... 'ऊपर' तक पैसा पहुंचाता था...
एसडीएम से लेकर चपरासी तक की भर्ती में पूरा गैंग बनाकर वसूली होती थी... गांव गिरांव के गरीब यादव परिवारों को भी इन लोगों ने नहीं छोड़ा। हम अति पिछड़ों का तो कोई पूछनहार ही नहीं था...हमारे घरों के मेहनती बेटे-बेटियों की गलती बस इतनी थी कि उनके पास नौकरी के लिए घूस देने के पैसे नहीं थे... बेचने के लिए गहने और जमीन नहीं थीं... और सोर्स-पैरवी की ताकत भी नहीं थी...
कई बार रुपया-पैसा सब देने के बाद भी नौकरी नहीं मिलती थी। अपना पैसा मांगने गये तो सपाई गुंडों ने गरीब को गरिया के भगा दिया..., न थाना सुनता था न प्रशासन...
हम उस दौर की बात कर रहे हैं जब यूपी को 'उलटा प्रदेश' बनाकर यहां 'गुंडाराज', 'जंगलराज', 'माफियाराज' जैसे बहुत से 'राज' ��ला करते थे... और इन सबके 'महाराजा' थे यही...'चाचा-भतीजा'।
UP में बना यह तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य में स्मार्ट सिटीज, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं, और 5G नेटवर्क रोलआउट के लिए आधार का काम करेगा। डेटा अब उत्तर प्रदेश की प्रगति का इंजन बन चुका है।
#TransformingUP
2017 से पहले उत्तर प्रदेश में डेटा सेंटर पर कोई समर्पित नीति नहीं थी। लेकिन योगी सरकार की इलेक्ट्रॉनिक्स नीति ने पहली बार इस क्षेत्र को औपचारिक रूप से पहचान दी और उसकी संभावनाओं को लेकर सरकार ने नीतिगत-स्तर पर काम शुरू किया।
#transformingup@myogiadityanath@BJP4UP@UPGovt
What pathetic service!
A request was raised on May 3, 2025 and even after 10 days, it hasn’t been resolved. If this is the service in the capital city of Lucknow, what must be happening in other cities?
@reliancejio#jiobroadband@JioCare
Hon'ble UP CM Shri @myogiadityanath Ji, today met World Bank Group President Mr. Ajay Banga in #Lucknow and launched the AI-PRAGYA program to empower citizens through Ai. The initiative aims to train 10 lakh youth in #ArtificialIntelligence, boosting awareness, growth, and skill development across the state. This marks a major step toward making Uttar Pradesh a hub of tech enabled and future-ready talent.
#UpGrows #AIHub #UPGrows #IASAwanishAwasthi #UttarPradesh #AwanishKAwasthi #UPTechHub
वामपंथ प्रेरित झूठ के जरिए शिवाजी को लेकर कुछ तत्व बेसिरपैर की बातें फैला रहे हैं कि शिवाजी का पैर के अंगूठे से राजतिलक किया गया था, पंडितों ने तिलक रोक दिया था, आदि। एक पूर्व CM तक इनके बताए में उलझ गए। सत्य क्या है? महान इतिहासकार यदुनाथ सरकार ने 1930 में लिख दिया था #Shivaji
Maha Kumbh 2025, the grand celebration of faith, has crossed 37 crore+ sacred dips.
Each dip brings blessings and purifies the soul, as the collective power of devotion and prayer lifts this sacred gathering to unparalleled heights.
#MahaKumbh2025