🚨 फर्क पैसे में नहीं, सोच में होता है।
ये हैं Heinrich Klaasen — IPL से हर साल करोड़ों कमाते हैं, दुनिया भर की लीग्स से भी बड़ी कमाई करते हैं। फिर भी आज Hyderabad में पत्नी और बेटी के साथ घूमने निकले तो ऑटो चुना।
ना दिखावा, ना स्टेटस का बोझ, ना लग्ज़री का शोर।
इधर कई लोग ₹10 लाख महीना कमाते ही ऑटो में बैठना अपनी “इज्जत” के खिलाफ समझने लगते हैं।
असल क्लास बैंक बैलेंस से नहीं, व्यवहार से दिखती है। 🔥
Respected sir maybe there was a communication issue but the way I remmeber the last 3 questions of my cross examination this evening -
Do you feel remorse - No
Are you sorry about what you said- No
If you tender an unconditional apology this matter will be looked at differently - No I can’t as the apology would not be sincere. Also it would set a terrible precedent for other artists & their freedom.
संसार में सारे मौज नहीं लेते...
दो भले लोगों के बीच की यह बातचीत मैं 250 से भी ज्यादा बार सुन चुका हूं। जितनी बार भी सुनता हूं, हर बार ताज़गी और खुशी महसूस होती है।
आप भी सुनकर बताइए
डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी विदेश मंत्री आराघची के बीच की बातचीत का एक नमूना। सोचिए इस किस्म की बातचीत के बावजूद ट्रंप दावा कर रहा कि सीज फायर हो गया। सुनिए
फर्रुखाबाद में पोता घर में THAR पार्क कर रहा था,
दादी ने गेट खोला,
गाड़ी घर में चली गई,
दादी गेट बंद कर रही थी,
तभी THAR बैक हो गई और दादी को कुचल दिया,
THAR चलाने वाले 99 फीसदी मोटी बुद्धि के मुर्ख होते हैँ,
No one can predict which asset class will do well. For 99% of people, the best thing to do is diversify and stay invested during the good times and the bad.
ये आदमी पिछले 12 सालों में अपने घिसी पिटी बातों तक में कोई इनोवेशन नहीं ला सका है और तुम सोच रहे ये देश को इनोवेटिव बनाएगा।
इसको खुद शर्म नहीं आती क्या कि एक ही बात को कितनी बार दोहराएगा। कितना प्रिडिक्टेबल हो चुका है ये।