@ashokgehlot51 सर कृपया करके BCI भर्ती में अभ्यर्थियों को शीथिलता देकर उनके साथ न्याय करो।
एक ही एजेंसी ने दो भर्ती की और दोनों में पात्रता का मापदण्ड अलग अलग क्यों हैं?
शिक्षक भर्ती में अगर 0.28 अंक वाला अगर योग्य हैं, तो BCI वालों के साथ आप 'quality of education' बोलकर धोखा कैसे कर सकते हैं।
@AMISHDEVGAN ऐसा हैं कि अभी इनको पता लग चुका हैं कि Gen-Z ने इनको नकार दिया हैं। अब ये वहीं देशभक्ति की बात कर ब्लैकमेल कर रहे हैं।
चौबे जी का आर्टिकल कहां छपा हैं?
कौन ऐंकर था? ये नहीं बताया बस एकतरफा बात कर गलत नैरेटिव जरूर फैला दिया हैं इसने।
Gen-Z सावधान.. आखिर हैं तो ये गोदी मीडिया ही।
#Media की बची-खुची Credibility भी इस बात के साथ खत्म हो जाती है
कि ये कल बता रहे थे कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होगा...
और मैंने ये कल रात को ही कह दिया था कि अगर इन्होंने कहा ही है कि इस्तीफा नहीं होगा तो ये इस्तीफा जरूर होगा...
इस इस्तीफे ने हम सबको लोकतंत्र का एहसास कराया है।
और अब सरकार से ये विनती है कि वो एक कमेटी बनाए जो Protest का प्रतिनिधित्व करने वाले लोगों से भी मिले, ताकि शिक्षा व्यवस्था में पेपर व्यवस्था में हो रही छोटी-बड़ी खामियों पर चर्चा करके उनका समाधान तुरंत निकाला जा सके...
जड़ से इस Paper leak उद्योग को खत्म किया जा सके
#paperleak #dharmendrapradhan
बीजेपी की कैबिनेट में चर्चा हो रही है कि धर्मेंद्र प्रधान को दूसरी कैबिनेट मिनिस्ट्री में शामिल कर दिया जाए।
यह किसी भी क़ीमत पर स्वीकार नहीं है।
इन छात्रों के तीन नॉन नेगोशिएबल पॉइंट हैं।
पहला — धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाया जाए और कैबिनेट से निकाला जाए।
दूसरा — हजारों छात्रों को मारा पीटा और धमकाया गया है, इन सबके पीछे जो भी लोग हैं उन पर ज़िम्मेदारी तय और उन्हें सज़ा मिलनी चाहिए।
तीसरा — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ज़िम्मेदार लोग उन बच्चों से माफ़ी मांगे जिन्हें मारा पीटा गया है।
— राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष लोकसभा
"मोदी जी मेरी रिक्वेस्ट है कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ले लीजिए, वरना बात फिर आपके इस्तीफे पर भी आ जाएगी"।
~अभिजीत दीपके
युवाओं को जल्द न्याय दीजिए।
वित्त मंत्री निर्मला जी पेपर लीक के फायदे गिना रही हैं
“पेपर लीक होने से बच्चों को पढ़ने का और ज़्यादा वक़्त मिल गया जिससे वह बेहतर कर सके”
चलिए मैडम, अब लगे हाथ जिन 22 बच्चों ने अपनी जान दे दी उसके फ़ायदे भी गिना दीजिए
हद होती है - How brazenly insensitive are you?