पता है, भारत की सिर्फ़ 5 परीक्षाओं - NEET, JEE, SSC, UPSC और RRB की तैयारी पर छात्र और उनके परिवार हर साल कितना ख़र्च करते हैं?
₹3.5 लाख करोड़।
यानी भारत सरकार के पूरे शिक्षा बजट का लगभग तीन गुना। शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, विज्ञान और महिला-बाल विकास - इन पाँच मंत्रालयों के कुल बजट के बराबर।
और बदले में करोड़ों युवाओं को क्या मिलता है? तनाव, अनिश्चितता, बेरोज़गारी, और टूटते सपने।
जो ख़र्च सरकार की ज़िम्मेदारी है, उसका बोझ आज परिवार उठा रहे हैं।
#ChhatronKiGoonj
बीकानेर में गर्भवती महिला को लेकर चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर जी का बयान अमानवीयता, संवेदनहीनता और मातृत्व का घोर अपमान है।
जो मंत्री अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए प्रसुताओं का मज़ाक उड़ाए, उन्हें एक पल भी अपने पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमराई हुई हैं और मंत्री जवाबदेही लेने के बजाय शर्मनाक बयानबाज़ी कर रहे हैं।
ये केवल एक महिला का नहीं, हर माँ और मातृत्व के सम्मान का अपमान है। मुख्यमंत्री जी को तत्काल उन्हें पदमुक्त करना चाहिए, राजस्थान ऐसी संवेदनहीनता को कभी स्वीकार नहीं करेगा। @BhajanlalBjp@RajCMO
राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर द्वारा गर्भवती महिलाओं के संदर्भ में दिया गया बयान बेहद निंदनीय, असंवेदनशील और उनके पद की गरिमा के विपरीत है। जिस व्यक्ति के कंधों पर प्रदेश की माताओं, बहनों और मरीजों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी हो, उससे ऐसी टिप्पणी की अपेक्षा नहीं की जा सकती।
यह बयान केवल एक महिला का अपमान नहीं है, बल्कि मातृत्व और नारी सम्मान के प्रति भाजपा सरकार की सोच को भी उजागर करता है। सत्ता के मद में चूर मंत्री यदि जनता की पीड़ा को समझने के बजाय उसका उपहास उड़ाने लगें, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
मुख्यमंत्री को इस मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए स्वास्थ्य मंत्री को सार्वजनिक रूप से जनता से माफी मांगने हेतु निर्देशित करना चाहिए |
@PMOIndia@BhajanlalBjp@RajCMO
सायरन बजता रहा… 🚨
पर रास्ता नहीं मिला।
कैमरे “फेक” एम्बुलेंस पर थे,
और असली एम्बुलेंस इंतज़ार करती रही।
सिलीगुड़ी में पीएम के रोडशो के बीच,
सब कुछ चलता रहा,
और एक ज़िंदगी रास्ता मांगती रह गई।
PR चलता रहा, इंसानियत अटक गई। 💔
आज राजस्थान उच्च न्यायालय की डिविजन बैंच ने एसआई भर्ती -2021 को लेकर RPSC में बतौर सदस्य की जाने वाली राजनैतिक नियुक्तियों पर कड़ी टिप्पणी करते हुए जिन RPSC सदस्यों पर आरोप लगे है उन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू करने को लेकर जो बात कही है वो RPSC पुनर्गठन की मांग को लेकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी द्वारा किए गए आंदोलन व लगातार इस संदर्भ में की जा रही मांग की तरफ सकारात्मक कदम है | राजस्थान सरकार को न्यायपालिका की इन टिप्पणियों को गंभीरता से लेने की जरूरत है | विगत 20-25 वर्षों की सरकारों द्वारा स्वार्थ सिद्ध करने के लिए RPSC में की गई राजनैतिक नियुक्तियों ने इस पवित्र संस्था की गरिमा को ठेस पहुंचाई और RPSC में भ्रष्टाचार की जड़ो को गहरा किया है | राजस्थान सरकार को अब RPSC पुनर्गठन की प्रक्रिया को जल्द से जल्द शुरू करना चाहिए |
@RajCMO
SI भर्ती 2021 को रद्द करने के माननीय उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करता हूं। इस परीक्षा में हुई धांधली के पुख्ता सबूत SOG व अन्य एजेंसियों को दिए थे, लेकिन युवाओं की मेहनत का सौदा करने वाली पूर्ववर्ती गहलोत सरकार ने कार्रवाई करने की बजाय मामले को दबाने का काम किया।
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राजस्थान उच्च न्यायालय की डिविजन बैंच ने ,S.I. भर्ती 2021 को एकलपीठ द्वारा रद्द करने के फैसले को बरकरार रखा है जो स्वागत योग्य निर्णय है | S.I. भर्ती 2021 में हुई धांधली तथा पेपर लीक की वजह से लाखों मेहनतकश अभ्यर्थियों के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो गया, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने मेहनतकश अभ्यर्थियों के पक्ष में इस भर्ती को रद्द करवाने के लिए लंबा आंदोलन किया,बड़ी रैली भी राजधानी जयपुर में की और जब राजस्थान उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने S.I. भर्ती 2021 को रद्द करने का फैसला दिया तो राजस्थान की दोगली बीजेपी सरकार ने इस भर्ती को यथावत रखवाने का पुरजोर प्रयास किया मगर आज फिर से मेहनतकश अभ्यर्थियों की भावनाओ की कोर्ट में जीत हुई है |
जब एक सफाई कर्मचारी अपनी मेहनत की कमाई पर टैक्स देता है, और सरहद पर - 20 डिग्री की कड़कड़ाती ठंड मे खड़ा जवान टैक्स भरता है तो फिर हमारे मंत्री, विधायक और सांसदों को इनकम टैक्स मे छूट क्यों?
- खान सर, शिक्षक
पाली में कानून नहीं, भाभा का राज चल रहा है क्या?
मजदूरी कर लौट रहे दलित समाज के लोगों को सिर्फ इसलिए रोका गया क्योंकि वो “मोहल्ले” से गुजर रहे थे।
कहाँ है न्याय?
कहाँ है प्रशासन?
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी,
क्या यही आपका “सुरक्षित राजस्थान” है?
@PaliPolice मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए इन जातिवादी लोगो को SC/ST एक्ट में गिरफ्तार करे।
@PoliceRajasthan@RajPoliceHelp@Igp_Jodhpur
- स्टाफिंग पैटर्न में लगभग 7k पद बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक और 200 पद वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक के सृजित होने की संभावना है।
- इसके अलावा 300 पदों पर वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशकों की भर्ती राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड पूर्व घोषित तिथि पर करवाएगा।
- बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक के सभी खाली पदों पर वित्तीय स्वीकृति हेतु फ़ाइल सक्षम स्तर पर पेंडिंग है जिसमें रोस्टर अनुसार खाली पदों की गणना की जावेगी।
प्रोग्रामर और सूचना सहायक के विभिन्न विभागों में नवीन पदों के सृजन का कार्य भी प्रगति पर है तो इस वर्ष के अंत तक या अगले वर्ष के आरंभ में इन पदों पर नवीन भर्ती देखने को मिल सकती है।
सभी IT के साथी अनावश्यक समय व्यर्थ करने की जगह अपनी तैयारी पर ध्यान देवें क्योंकि सिलेबस काफी अधिक है जिसे अच्छे से तैयार कर पाना अपने आप में एक चुनौती है।
डिस्क्लेमर :- यह सभी प्रक्रिया विभाग की सतत प्रक्रिया है इसमें किसी प्रकार के संघर्ष की आवश्यकता नहीं है 😀 सभी कार्य अपनी विभागीय गति से समय पर सम्पन्न होंगे। 🙏
@ARVINDJANG80674@BaBarS0007@pawansahu51
आपको OMR में नंबर बढ़ाकर चयन लेने वाला घोटाला याद है? सबसे बड़ा सवाल इस मुद्दे पर विपक्ष मौन क्यों है?
इन 38 लोगों की सूची जारी हुए अब लगभग तीन महीने से ज्यादा समय हो गया है। OMR घोटाले में शामिल 38 लोगों के खिलाफ अब तक क्या कोई कार्रवाई हुई है? इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में कुछ अहम सवाल खड़े होते हैं–
1.ये 38 लोग इस समय कहाँ हैं?
2.क्या ये अभी भी सरकारी सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं?
3.अवैध तरीके से नौकरी हासिल करने के बाद इन्हें जो वेतन मिला, क्या उसकी वसूली की गई है?
4.क्या इनमें से किसी की गिरफ्तारी हुई है?
क्या इन्होंने पूछताछ के दौरान किसी और का नाम उजागर किया है?
5.इस पूरे मामले पर सरकार अपना पक्ष रखेगी या विपक्ष इस पर सवाल उठाएगा?
यह मामला केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के भविष्य से सीधे जुड़ा हुआ है। ऐसे गंभीर विषय पर कोई भी पक्ष युवाओं के साथ मजबूती से खड़ा होता दिखाई क्यों नहीं देता?
UPSC परिणाम:
साक्षात्कार में जातीय पक्षपात/भेदभाव का एक छोटा सा उदाहरण आपके सामने है।
लिखित परीक्षा में जोरदार अंक और साक्षात्कार में जातीय भेदभाव के कारण खेल खत्म कर दिया।
यह हर साल भर भर्तियों में हो रहा है परंतु नफरत करने वालों को यह दिखाई नहीं देता।
||सत्यमेव जयते||