https://t.co/A4FJuqAqEa पत्रिका के संलग्न लेख में अनेक भ्रांति पूर्ण धारणाएँ एवं त्रुटियां हैं ।
1. ग्राफ-3, जो नवंबर 2024 की विधानसभा उपचुनाव में मतदान प्रतिशत को अप्रैल 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के बूथ-वार वोट प्रतिशत के खिलाफ दिखा रहा है, आधिकारिक निर्वाचन आयोग के डेटा के अनुसार सही नहीं है। उदाहरण के लिए, लोकसभा चुनावों में 128 बूथ ऐसे थे जहाँ बीजेपी ने 10% से कम वोट हासिल किए थे। इसका मतलब है कि x-अक्ष पर x = 0 और x = 10 के बीच 128 डेटा पॉइंट्स हैं। इन 128 डेटा पॉइंट्स में से 66 बूथों में (50% से अधिक डेटा पॉइंट्स) उपचुनाव में मतदान प्रतिशत 46% से अधिक है, जो आपके लेख के ग्राफ-3 में 0 और 10 के बीच किसी भी डेटा पॉइंट के लिए दिखाए गए उच्चतम मतदान प्रतिशत से अधिक है।
2. लेख में कुंदुरकी में मतदान प्रतिशत के 67.70% से घटकर उप-चुनाव में 57.86% होने का कारण मतदाता दमन बताया गया है, जबकि वास्तविकता यह है कि उप-चुनावों में यूपी की सभी 8 विधानसभा सीटों में मतदान प्रतिशत लोकसभा चुनावों की तुलना में कम हुआ। गाज़ियाबाद विधानसभा क्षेत्र में उप-चुनाव के दौरान किसी प्रकार की मतदाता दमन की कोई शिकायत नहीं थी, लेकिन मतदान प्रतिशत में कमी बहुत अधिक थी, लगभग 14.5%।
3. लेख में जो सरल धारणा बनाई गई है कि प्रत्येक बूथ के लिए मतदाता सूची के हर पुनरीक्षण के दौरान जो जोड़ और हटाए जाते हैं, उनका प्रतिशत मतदाताओं के धर्म के अनुसार सूची में प्रतिशत से पूरी तरह मेल खाएगा, ग़लत हो सकती है।
4. बहादरपुर गाँव में, जिसका उदाहरण लेख देता है, पाँच मतदान केंद्र हैं (केंद्र संख्या 179 से 183) और इन पाँचों केंद्रों में कुल मतदाता संख्या 3544 है, जिनमें से 3075 मतदाताओं के नाम मुस्लिम हैं, यानी 87%. इन पाँचों केंद्रों में लोकसभा और उपचुनाव के बीच कुल हटाए गए मतदाता 124 हैं, जिनमें से 110 हटाए गए मतदाता मुस्लिम हैं, यानी 89%. आपके लेख में उद्धृत संबंधित आंकड़े आधिकारिक डेटा से मेल नहीं खाते हैं. यह असंगति आपके पूरे धार्मिक आधार पर दिए गए मतदाता डेटा पर सवाल उठाती है. चूंकि सार्वजनिक क्षेत्र में कोई धर्मानुसार मतदाता सूची डेटा उपलब्ध नहीं है और कोई धर्मानुसार जोड़/हटाने का डेटा उपलब्ध नहीं है और लेख में शामिल पाँच ग्राफ़ों में से तीन केवल आपके लेखकों के पास मौजूद तथाकथित डेटा का उपयोग करते हैं, इस गलत डेटा पर आधारित सम्पूर्ण ढांचा पाठक को उसी दृष्टि से देखना चाहिए ।
5. यह मान लेना कि लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद किए गए CSDS सर्वेक्षण में कथित रूप से केवल 2% मुस्लिम मतदाताओं ने भाजपा को वोट दिया, यह पूर्ण सत्य है और भविष्य के किसी भी चुनाव और किसी भी निर्वाचन क्षेत्र में इस 2% आंकड़े में कोई बदलाव नहीं होगा, भी बहुत भोला विचार है। उनके सर्वे में त्रुटियाँ हो सकती हैं। CSDS के प्रोफेसर संजय कुमार ने पहले ही महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच 5 महीनों में किए गए मतदाता जोड़/हटाने के उनके त्रुटिपूर्ण आंकड़ों/विश्लेषण में हुई गलती को सचमुच स्वीकार कर लिया है। क्या हमने पहले ही यूपी में लोकसभा चुनाव 2024 में कई प्री-पोल सर्वेक्षण/एग्जिट पोल्स के पूरी तरह गलत साबित होने को नहीं देखा है। वास्तविक चुनाव में पारदर्शी बूथ-वार गणना द्वारा प्रदान किए गए वास्तविक कठिन आंकड़ों को प्रश्न करने के लिए अपारदर्शी सर्वेक्षण द्वारा दिखाए गए आंकड़ों का प्रयोग किसी भी सूक्ष्म सोच वाले व्यक्ति को बिल्कुल संतुष्ट नहीं करता ।
6. अपारदर्शी और दोषपूर्ण डेटा/सर्वेक्षण का उपयोग करने के अलावा, लेख (और साथ ही ग्राफ़) चालाकी से सांख्यिकीय भ्रांतियों का प्रयोग करता है ताकि प्रस्तुत तर्क को मजबूती मिले और मासूम दिमागों को प्रभावित किया जा सके, यानी डेटा का चयन करना, सहसंबंध को कारण के साथ भ्रमित करना और विचलन को बढ़ा-चढ़ा कर दिखाने के लिए Y-अक्ष के पैमाने/उत्पत्ति का चालाकी से उपयोग करना। मार्क ट्वेन से संबंधित एक प्रसिद्ध कहावत है कि झूठ के तीन प्रकार होते हैं: झूठ, निषिद्ध झूठ और आंकड़े।
Many simplistic assumptions and inaccuracies exist in the article of https://t.co/A4FJuqAqEa :
1. The Graph-3 showing the Voter Turnout in Assembly Bye-election of November 2024 against the booth-wise Vote Percentage of BJP in Lok Sabha Election of April 2024 is not correct as per the official data of the ECI. e.g in Lok Sabha elections there were 128 booths in which the votes secured by the BJP was less than 10%. That means there are 128 data points between x = 0 and x = 10 on x-axis. Out of these 128 data points in 66 booths (more than 50% data points) the poll percentage in Bye-election is more than 46% which is the highest polling percentage shown for any data point between 0 and 10 in your article’s Graph-3.
2. The article suggests voter suppression as the reason for the decrease in polling percentage in Kundarki from 67.70 % in Lok Sabha Election to 57.86 % in the Bye-election whereas the reality is that the Polling Percentage decreased in all the 8 Assembly Constituencies in UP in the Bye-elections as compared to the Lok Sabha elections. In Ghaziabad AC, there was no complaint of any kind of voter suppression during the bye-election but the decrease in polling percentage was much greater at 14.5%.
3. The simplistic assumption made in your article that for each booth, the percentage of electors added and deleted for each round of revision of the electoral roll would exactly match the percentage of electors religion-wise in the roll may not be true.
4. In Bahadarpur village, of which your article gives an example, there are five polling booths( Booth No. 179 to 183) and total number of electors in all five booths combined is 3544 out of which 3075 electors have Muslim names which is 87%. The total deletions in these five booths between the Lok Sabha and the bye-election is 124 of which 110 deleted electors have Muslim names which is 89%. The corresponding figures quoted in your article do not match with the official data. This mismatch calls your entire religion-wise elector data in question. Since there is no religion-wise elector roll data and no religion-wise addition/deletion data available in the public domain and three of the five graphs included in the article use this so-called data available only to your writers, the entire edifice constructed on this faulty data needs to be seen by the reader in that light.
5. The assumption that the CSDS survey done immediately after Lok Sabha election purportedly showing that only 2% of the Muslim voters voted for BJP is the absolute Gospel truth and there would be no deviation from this cast-in-stone 2% figure for BJP in any future election and in any constituency is also too naive. There may be errors in their survey. Professor Sanjay Kumar of CSDS has already truthfully admitted the error in their faulty figures/analysis of voter addition/deletion done during 5 months in between the Lok Sabha and the Assembly polls in Maharashtra. Have we not already seen too many pre-poll surveys/exit polls gone absolutely wrong in Lok Sabha elections 2024 in UP. Using figures thrown up by opaque surveys to question actual hard figures provided by transparent booth-wise counting in an actual election does not convince a discernible mind at all.
6. In addition to using opaque and faulty data/survey, your article (and also graphs) cleverly employs the statistical fallacies to buttress your argument and influence innocent minds i.e cherrypicking of data, confusing correlation with causation and cleverly using the scale/origin of Y-axis to exaggerate the deviation. There is a famous saying attributed to Mark Twain that there are three types of lies: Lies, Damned Lies and Statistics.
An Election Petition has been filed in Hon’ble Allahabad High Court by Mr Mohammad Rizwan, the candidate of Samajwadi Party in the bye-election held in November 2024 in 29-Kundarki Assembly Constituency. The matter is already sub-judice and hence no comments are being made regarding the said bye-election.
However, there are multiple instances in India where the results of two consecutive elections held in the same constituency at an interval of few months have yielded vastly different results (e.g in 114-Malegaon Central AC of Maharashtra, the INC candidate received only 3.13% of the votes polled in Assembly Elections of Maharashtra held in November 2024 whereas in the same Assembly Segment, the INC candidate secured unbelievably high 96.7% of votes polled in Lok Sabha elections held just five months earlier.)
In so far as the Electoral Roll is concerned, neither religion nor caste is ever recorded for any elector. The impression given by the article in Scroll magazine that its analysis and inference is based on the data released by the ECI is wrong in the sense that no analysis of any kind on the basis of religion or caste can be made by the data released by the ECI. It is also clarified that no complaint has been received for wrongful deletion/addition of any elector or wrongful rejection of Form-6 on the basis of his/her religion in 29-Kundarki Assembly Constituency. @ECISVEEP@SpokespersonECI
आज दिनांक 15 सितंबर 2025 को उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम),लखनऊ में जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्वाचक नामावली से संबंधित विधिक प्राविधानों,ईआरओ नेट, बीएलओ ऐप,एनजीएसपी पोर्टल एवं विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की प्रक्रियाओं के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
उक्त प्रशिक्षण सत्र में कुल 08 जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं 137 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हर पात्र नागरिक का नाम निर्वाचक नामावली में दर्ज हो यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि निर्वाचक नामावली को त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाये जाने के साथ ही समावेशी पंजीकरण सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षण में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1950,निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम-1960, मैनुअल ऑन इलेक्टोरल रोल-2023 में उल्लिखित विधिक दायित्वों,बीएलओ और सुपरवाइजरों के साथ समन्वय, निर्वाचक नामावली में दावे-आपत्तियों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, ईआरओ नेट और बीएलओ ऐप के तकनीकी पक्षों तथा फील्ड अनुश्रवण की प्रक्रिया और एनजीएसपी पर शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के संबंध में जानकारी दी गयी तथा आगामी विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण में मीडिया एवं सोशल मीडिया की भूमिका से अवगत कराया गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण प्राप्त ईआरओ अपने-अपने विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में अधीनस्थ बीएलओ और सुपरवाइजरों को भी छोटे-छोटे समूहों में प्रशिक्षित करें,ताकि प्रत्येक स्तर पर प्रक्रिया की गुणवत्ता बनी रहे। उन्होंने उन मतदेय स्थलों की पहचान कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए,जहाँ लिंगानुपात असंतुलित है। ऐसे मतदेय स्थलों हेतु कार्ययोजना बनाकर बीएलओ के माध्यम से समूहवार जागरूकता और नामांकन कराया जाए। 18-19 आयु वर्ग के युवाओं को भी विशेष अभियान चलाकर निर्वाचक नामावली में शामिल करने पर बल दिया गया। मतदाताओं की सुविधा हेतु मतदेय स्थलों में नए अनुभागों के गठन के संबंध में परीक्षण कराते हुए नियमानुसार कार्यवाही किये जाने के भी निर्देश दिए गए।
आगामी विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के संबंध में अवगत कराते हुए विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दृष्टिगत वर्ष 2003 की निर्वाचक नामावली को वर्ष 2025 की निर्वाचक नामावली के साथ मैपिंग किए जाने से संबंधित प्रक्रिया से अवगत कराया गया। बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना-प्रपत्र (Enumeration Form) वितरित करने,भरने में सहयोग करने/एकत्रित करने/मतदाता का सत्यापन तथा उसे बीएलओ ऐप पर अपलोड करने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया।
भारत निर्वाचन आयोग के पत्र दिनांक 11 अगस्त 2023 में अपमार्जन सम्बन्धी निर्देश के अनुसार अपमार्जन की कार्यवाही की जाए तथा उससे संबंधित सभी अभिलेखों को सुरक्षित रखा जाए। जनपद में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, सुपरवाईजर्स एवं बूथ लेवल अधिकारियों को भी विधिक प्राविधानों एवं निर्वाचक नामावलियों से संबंधित प्रक्रियाओं के संबंध में भी प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिये गये।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने अयोध्या जनपद के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों को त्रुटिरहित बनाने, मतदेय स्थलों पर मतदाताओं हेतु सुविधा, मतदाता सूची में उचित संख्या में अनुभाग बनाने, मतदाता सूची में 18 एवं 19 आयुवर्ग के युवा मतदाताओं एवं महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने आदि विषयों की समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारीयों एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारीयों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अनिरुद्ध प्रताप सिंह तथा समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी व सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, वीआरसी आपरेटर उपस्थित रहे।
उन्होंने आगामी विधान सभा निर्वाचन के दृष्टिगत मतदाता सूचियों को त्रुटिरहित एवं शुद्ध बनाने, मतदाता सूचियों में मतदाताओं की धुंधली, काली, अस्पष्ट तथा मानक के अनुरूप न पाये जाने वाली फोटो को यथाशीघ्र हटा कर उनके स्थान पर स्पष्ट व मानकानुसार फोटो अपलोड करने तथा मतदाता सूची में दोहरी प्रविष्टियों को हटाने व मतदाताओं के मकान संख्या को सही से अंकित कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होने वर्तमान मतदाता सूचीयों में मतदाताओं के नामों में त्रुटि होने, मतदाता की फोटो त्रुटिपूर्ण होने, मकान नम्बर की जगह शून्य दर्ज होने के उदाहरणों के माध्यम से वांछित सुधारों के निर्देश दिए। उन्होंने सभी बीएलओ को मतदाता सूची की ऐसी त्रुटियों को सही कराने के लिए मतदाताओं से फार्म-8 भरवाकर एक माह के भीतर मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के निर्देश दिये।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची में 18 एवं 19 आयुर्वग के युवा मतदाताओं की संख्या कुल मतदाताओं के अनुपात में 4 से 4.5 प्रतिशत होनी चाहिए। अयोध्या की विधानसभाओं में ऐसे मतदाताओं की संख्या अभी मात्र एक प्रतिशत ही है। इसका सीधा मतलब यह है कि जिला अयोध्या के अधिकांश 18 एवं 19 आयु वर्ग के युवाओं के नाम मतदाता सूचियों में अंकित नहीं हैं । ऐसे युवाओं को चिन्हित करने और उन्हें मतदाता बनाने के लिए माध्यमिक तथा उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों का सहयोग लिया जाए। शिक्षकों एवं अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर कर यह कार्य समय से पूर्ण किया जाए। उन्होंने अयोध्या जिले की जनसंख्या के लिंगानुपात के अनुरूप मतदाता सूची में महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सभी EROs को फॉर्म-8 भराकर दिव्यांग मतदाताओं (PwD वोटर्स) का चिन्हीकरण मतदाता डेटाबेस में करने के निर्देश दिए। Database में चिन्हीकरण होने पर दिव्यांग मतदाता भारत निर्वाचन आयोग के सक्षम मोबाईल ऐप ( Saksham Mobile App) के माध्यम से चुनाव के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी से व्हीलचेयर आदि सुविधाओं की मांग कर सकते है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रति मतदेय स्थल पर 1500 मतदाताओं के मानक को कम कर अब 1200 मतदाता कर दिया है। इससे अब चुनाव के दिन मतदेय स्थलों पर मतदाताओं की भीड़ कम होगी और लंबी लाइनें नही लगेंगी। अब चुनाव के दौरान मतदाता मतदेय स्थल पर ज्यादा देर तक प्रतीक्षा किए बगैर आसानी से अपना मत डाल सकेंगे। मतदाता सूची भी बड़ी नहीं होगी और बीएलओ के लिए मतदाता सूची का सत्यापन एवं रखरखाव करना आसान हो जाएगा । इन सभी कार्यों से मतदाताओं को मतदान को लेकर सुविधा होगी और एक सुखद अनुभूति होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी मतदेय स्थलों पर न्यूनतम आश्वासित सुविधाएं उपलब्ध कराईं जाए , जिसमें पीने का साफ पानी, महिला एवं पुरुष मतदाताओं के लिए अलग-अलग शौचालय, पर्याप्त फर्नीचर की व्यवस्था, मतदेय स्थल पर पर्याप्त बिजली की व्यवस्था, दिव्यांग मतदाताओं की व्हीलचेयर के लिए मतदेय स्थल पर स्थायी रैम्प उपलब्ध हो। अयोध्या जिले में अभी 99 प्रतिशत मतदेय स्थलों पर ही यह सुविधाएं उपलब्ध है, जहां कहीं पर भी कोई कमी है उसे यथाशीघ्र पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि 83 साल की आयु से अधिक उम्र के सभी वयोवृद्ध मतदाताओं का शत् प्रतिशत सत्यापन कराया जाय, जिससे ऐसे मतदाताओं की वास्तविक संख्या का पता चल सके जो 2027 के आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान 85 वर्ष से अधिक आयु के होंगे जिससे वर्ष 2027 के चुनाव में घर पर रहकर वोट डालने के लिए पात्र अधिकतम मतदाताओं की संख्या का सही आंकलन किया जा सके।
प्रत्येक ERO, AERO, BLO तथा बीएलओ सुपरवाइजर को सघन प्रशिक्षण भी दिया जाए ताकि वे अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारीयों के दो रिक्त पदों को एक सप्ताह के भीतर भरे जाने की कार्रवाई की जाए। @ECISVEEP@SpokespersonECI
मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने अयोध्या जनपद के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों को त्रुटिरहित बनाने, मतदेय स्थलों पर मतदाताओं हेतु सुविधा, मतदाता सूची में उचित संख्या में अनुभाग बनाने, मतदाता सूची में 18 एवं 19 आयुवर्ग के युवा मतदाताओं एवं महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने आदि विषयों की समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारीयों एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारीयों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अनिरुद्ध प्रताप सिंह तथा समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी व सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, वीआरसी आपरेटर उपस्थित रहे।
उन्होंने आगामी विधान सभा निर्वाचन के दृष्टिगत मतदाता सूचियों को त्रुटिरहित एवं शुद्ध बनाने, मतदाता सूचियों में मतदाताओं की धुंधली, काली, अस्पष्ट तथा मानक के अनुरूप न पाये जाने वाली फोटो को यथाशीघ्र हटा कर उनके स्थान पर स्पष्ट व मानकानुसार फोटो अपलोड करने तथा मतदाता सूची में दोहरी प्रविष्टियों को हटाने व मतदाताओं के मकान संख्या को सही से अंकित कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होने वर्तमान मतदाता सूचीयों में मतदाताओं के नामों में त्रुटि होने, मतदाता की फोटो त्रुटिपूर्ण होने, मकान नम्बर की जगह शून्य दर्ज होने के उदाहरणों के माध्यम से वांछित सुधारों के निर्देश दिए। उन्होंने सभी बीएलओ को मतदाता सूची की ऐसी त्रुटियों को सही कराने के लिए मतदाताओं से फार्म-8 भरवाकर एक माह के भीतर मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के निर्देश दिये।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची में 18 एवं 19 आयुर्वग के युवा मतदाताओं की संख्या कुल मतदाताओं के अनुपात में 4 से 4.5 प्रतिशत होनी चाहिए। अयोध्या की विधानसभाओं में ऐसे मतदाताओं की संख्या अभी मात्र एक प्रतिशत ही है। इसका सीधा मतलब यह है कि जिला अयोध्या के अधिकांश 18 एवं 19 आयु वर्ग के युवाओं के नाम मतदाता सूचियों में अंकित नहीं हैं । ऐसे युवाओं को चिन्हित करने और उन्हें मतदाता बनाने के लिए माध्यमिक तथा उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों का सहयोग लिया जाए। शिक्षकों एवं अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर कर यह कार्य समय से पूर्ण किया जाए। उन्होंने अयोध्या जिले की जनसंख्या के लिंगानुपात के अनुरूप मतदाता सूची में महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सभी EROs को फॉर्म-8 भराकर दिव्यांग मतदाताओं (PwD वोटर्स) का चिन्हीकरण मतदाता डेटाबेस में करने के निर्देश दिए। Database में चिन्हीकरण होने पर दिव्यांग मतदाता भारत निर्वाचन आयोग के सक्षम मोबाईल ऐप ( Saksham Mobile App) के माध्यम से चुनाव के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी से व्हीलचेयर आदि सुविधाओं की मांग कर सकते है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रति मतदेय स्थल पर 1500 मतदाताओं के मानक को कम कर अब 1200 मतदाता कर दिया है। इससे अब चुनाव के दिन मतदेय स्थलों पर मतदाताओं की भीड़ कम होगी और लंबी लाइनें नही लगेंगी। अब चुनाव के दौरान मतदाता मतदेय स्थल पर ज्यादा देर तक प्रतीक्षा किए बगैर आसानी से अपना मत डाल सकेंगे। मतदाता सूची भी बड़ी नहीं होगी और बीएलओ के लिए मतदाता सूची का सत्यापन एवं रखरखाव करना आसान हो जाएगा । इन सभी कार्यों से मतदाताओं को मतदान को लेकर सुविधा होगी और एक सुखद अनुभूति होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी मतदेय स्थलों पर न्यूनतम आश्वासित सुविधाएं उपलब्ध कराईं जाए , जिसमें पीने का साफ पानी, महिला एवं पुरुष मतदाताओं के लिए अलग-अलग शौचालय, पर्याप्त फर्नीचर की व्यवस्था, मतदेय स्थल पर पर्याप्त बिजली की व्यवस्था, दिव्यांग मतदाताओं की व्हीलचेयर के लिए मतदेय स्थल पर स्थायी रैम्प उपलब्ध हो। अयोध्या जिले में अभी 99 प्रतिशत मतदेय स्थलों पर ही यह सुविधाएं उपलब्ध है, जहां कहीं पर भी कोई कमी है उसे यथाशीघ्र पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि 83 साल की आयु से अधिक उम्र के सभी वयोवृद्ध मतदाताओं का शत् प्रतिशत सत्यापन कराया जाय, जिससे ऐसे मतदाताओं की वास्तविक संख्या का पता चल सके जो 2027 के आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान 85 वर्ष से अधिक आयु के होंगे जिससे वर्ष 2027 के चुनाव में घर पर रहकर वोट डालने के लिए पात्र अधिकतम मतदाताओं की संख्या का सही आंकलन किया जा सके।
प्रत्येक ERO, AERO, BLO तथा बीएलओ सुपरवाइजर को सघन प्रशिक्षण भी दिया जाए ताकि वे अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारीयों के दो रिक्त पदों को एक सप्ताह के भीतर भरे जाने की कार्रवाई की जाए।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने प्रदेश के पते पर पंजीकृत ऐसे राजनैतिक दल जो विगत छः वर्षों से प्रत्यक्ष रूप से लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव में प्रतिभाग नहीं कर रहें उनके प्रतिनिधियों के साथ मंगलवार दिनांक 02 सितम्बर,2025 को मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में सुनवाई की। उन्होंने प्रत्येक दल द्वारा प्रस्तुत किए गए अंशदान रिपोर्ट, वार्षिक लेखा परीक्षण (ऑडिट) रिपोर्ट एवं निर्वाचन व्यय विवरण जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों का गहन परीक्षण किया और सभी दलों के मोबाइल नंबर, पंजीकरण संख्या, वर्तमान पता और ईमेल की भी जांच की।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा ऐसे दलों के प्रतिनिधियों को अपना प्रत्यावेदन, शपथपत्र एवं अन्य आवश्यक अभिलेखों के साथ सुनवाई के दौरान कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अपनी दूसरी सुनवाई में प्रदेश के पते पर पंजीकृत 121 राजनैतिक दलों को कारण बताओं नोटिस जारी किया था, इसमें से 02 सितम्बर को 70 राजनैतिक दलों को सुनवाई के लिए बुलाया गया था, जिसमें से 38 पंजीकृत राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों ने सुनवाई में प्रतिभाग किया।
सुनवाई के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि प्रत्येक दल को प्रतिवर्ष 30 सितम्बर तक अपनी अंशदान रिपोर्ट तथा 31 अक्टूबर तक अपने आय-व्यय की आडिट रिपोर्ट देना अनिवार्य है। इसी प्रकार लोकसभा चुनाव के बाद 90 दिनों में तथा विधानसभा चुनाव के बाद 75 दिनों में अपने आय व्यय का ब्योरा भी देना है। प्रत्येक दल को चंदे के रूप में प्राप्त 20 हजार रुपए से अधिक के अंशदान की रिपोर्ट देनी है। उन्होंने कहा कि सभी दलों के प्रतिनिधियों को अपनी पार्टी का ईमेल, मोबाइल नंबर तथा वर्तमान पते को अपडेट रखना होगा, जिससे कि आयोग के निर्देशों व अन्य तथ्यों की जानकारी को समय से उपलब्ध कराया जा सके।
मंगलवार को हुई सुनवाई में आम हिंदुस्तानी पार्टी गोरखपुर, अहिंसा वादी जनता पार्टी आगरा, अखंड भारत पार्टी मथुरा, अखिल भारतीय अशोक सेना कानपुर, अखिल भारतीय जनता सहारा पार्टी लखनऊ, अखिल भारतीय कल्याण पार्टी बाराबंकी, अखिल भारतीय स्वराज दल हमीरपुर, ऑल इंडिया रविदास समता पार्टी मेरठ, आर्य दल इटावा, बहुजन सेना गाजियाबाद, भारत भविष्य पार्टी अयोध्या, भारत माता पार्टी मिर्जापुर, आर्यावर्त पार्टी कुशीनगर, भारतीय आवाम ताकत दल जौनपुर, भारतीय ग्रामीण दल लखनऊ, भारतीय किसान सेना लोकतांत्रिक प्रयागराज, भारतीय प्रजा शक्ति पार्टी झांसी, भारतीय ईमानदार पार्टी शाहजहांपुर, भारतीय जन जन पार्टी लखनऊ, भारतीय कौटिल्य सेना गाजियाबाद, भारतीय राष्ट्रीय जागरूक दल लखनऊ, भारतीय युवा क्रांति पार्टी लखनऊ, ब्रज क्रांति दल आगरा, धर्मनिरपेक्ष दल प्रयागराज, फेडरल डेमोक्रेटिक पार्टी अंबेडकर नगर, हिंद विकास पार्टी फिरोजाबाद, हिंदुस्तान जन मोर्चा देवरिया, हिंदुस्तान आवाम पार्टी लखनऊ, इत्तेहाद ए मिल्लत काउंसिल बरेली, कल्याणवादी पार्टी सीतापुर, किसान समाज मोर्चा बदायूं, किसान सेना कन्नौज, महिला स्वाभिमान पार्टी लखनऊ, मानव हित पार्टी एटा, राष्ट्रीय भारतीय अखंड पार्टी बाराबंकी, राष्ट्रीय गरीब उत्थान पार्टी अंबेडकर नगर, राष्ट्रीय किसान समाज पार्टी (यूनाइटेड) मुरादाबाद, युवा जन क्रांति पार्टी जौनपुर जिले के पंजीकृत राजनैतिक दलों के अध्यक्ष व महासचिव उपस्थित रहे।
The Paralympics 2024 have been a defining moment in the history of Indian sports! Ending the Paralympics with a monumental 29 medals containing 7 GOLD, 9 SILVER 13 BRONZE is commendable! 👏🏾
Heartiest congratulations to all the medal winners and the Indian contingent in Paris. You have not only brought glory to the nation but also pride with your achievements.
𝐒𝐭𝐚𝐧𝐝𝐢𝐧𝐠 𝐏𝐫𝐞𝐭𝐭𝐲 🤩 𝐀𝐭 1️⃣6️⃣𝐭𝐡 𝐈𝐧 𝐭𝐡𝐞 𝐖𝐨𝐫𝐥𝐝
If this is not a BIG News then not sure what will
We Won Gold & Bronze Yesterday.
Can we finish within Top20 by end of #Paralympics
India at Paris Paralympics
🥇🥇🥇🥇🥇🥇🥇
🥈🥈🥈🥈🥈🥈🥈🥈🥈
🥉🥉🥉🥉🥉🥉🥉🥉🥉🥉🥉🥉🥉
Itni Khushi Kabhi Nahi Hui. KABHI
These athletes also deserve an Open Bus 🚌 Parade
Can we make it happen.
#paralympics2024
If I was his opponent, I would cry foul & file a suit claiming that I was confronted by an unnatural opponent who possessed three arms…
😳
👍🏽💪🏽🇮🇳
https://t.co/4p5EsPNxyV
You are watching the "Ball of the Tournament" , so don't go without liking this ❤️
Jasprit Bumrah delivers at most important time when 1.4 billions 🇮🇳 were on verge on heart attack 👏
#INDvSA#T20IWorldCupFinal