The Amila (Executive Committee) meeting of Jamiat Ulama Gujarat was held today in Surat, attended by office bearers and responsible members from different districts across the state.
Jamiat Ulama-i-Surat successfully organized its 24th Ijtimai Nikah for underprivileged, orphaned, and economically weaker girls. Several marriages were solemnized according to Islamic values, and household essentials were distributed to support the newlyweds. #IjtimaiNikah#jamiat
आज जमीअत उलमा ए सुरत की ओर से मुस्लिम समाज के हर वर्ग के प्रतिनिधि मंडल ने संयुक्त रुप से कलेकटर सुरत से मुलाकात कर मदरसों के विरुद्ध गलत आरोपों के संबंध में रजुआत की और अपनी मांगो को उनके समक्ष रखा।
@collectorsurat
*सुप्रीम कोर्ट ने 'उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम 2004' (Uttar Pradesh Board of Madarsa Education Act 2004) की संवैधानिक वैधता बरकरार रखी और इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला खारिज कर दिया, जिसने पहले इसे खारिज कर दिया था।*
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने इसे न्याय की जीत बताया और कहा, "सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी 'जीओ और जीने दो' में महत्वपूर्ण संदेश है।"
यह फैसला भारतीय मुसलमानों और मदरसों से जुड़े लोगों के लिए संतोषजनक और प्रेरणादायक है। इस निर्णय से देश में न्याय और समानता का संदेश गया है।
बहराइच दंगा पीड़ितों से मिलने जा रहे जमीयत उलमा-ए-हिंद के प्रतिनिधिमंडल को लखनऊ एयरपोर्ट पर पुलिस ने हिरासत में लिया
नई दिल्ली, 19 अक्टूबर 2024:
जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असअद मदनी के निर्देश पर जमीयत उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल, जो बहराइच के दंगा प्रभावित क्षेत्रों में पीड़ितों की सहायता के लिए जा रहा था, उसे आज शाम लखनऊ हवाई अड्डे पर उतरते ही पुलिस एजेंसियों ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया और बहराइच जाने की अनुमति नहीं दी। प्रतिनिधिमंडल में जमीयत उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी के साथ मौलाना ग़यूर कासमी भी शामिल थे।
यह उल्लेखनीय है कि जमीयत का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली से बहराइच के लिए रवाना हुआ था। इस दौरे का उद्देश्य बहराइच के प्रभावित लोगों से मिलना, उनकी स्थिति की जानकारी लेना और उनकी हर संभव मदद करना था। जमीयत उलमा-ए-हिंद ने हमेशा देश में शांति, भाईचारे और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का काम किया है, और बिना किसी धार्मिक भेदभाव के हर प्रकार के पीड़ितों की सहायता करना अपना कर्तव्य समझा है।
जमीयत उलमा-ए-हिंद पुलिस के इस कदम पर गहरी चिंता व्यक्त करती है और यह सवाल उठाती है कि आखिर पीड़ितों की मदद के लिए जा रहे प्रतिनिधिमंडल को रोकने का क्या कारण है? जमीयत उलमा-ए-हिंद यह मांग करती है कि प्रतिनिधिमंडल को तुरंत रिहा किया जाए और उन्हें अपना कार्य पूरा करने की अनुमति दी जाए। जमीयत उलमा-ए-हिंद हर हाल में अपने सामाजिक और मानवीय कर्तव्यों का पालन करती रहेगी, और ऐसे कदम उनकी संघर्षशीलता को रोक नहीं सकते।
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Take action against Yati Narsinghanand’s Blasphemous Remarks
Jamiat Ulama-i-Hind President, Maulana Mahmood Madani, has written to Home Minister Amit Shah condemning Yati Narsinghanand's offensive comments against Prophet Muhammad (PBUH). This hate speech threatens communal harmony and must be addressed. Immediate legal action and removal of the video are essential to uphold peace and respect for all religions.
A copy of the letter has also been sent to the Police Commissioner of Ghaziabad. #Blasphemy #ProtectPeace
સોમનાથમાં 9 મસ્જિદો અને દરગાહોના તોડફોડના વિરોધમાં #JamiatUlamaEHind એ #GujaratHighCourt માં અરજી દાખલ કરી.
આ કાર્યવાહી ગેરકાયદેસર રીતે, નોટિસ વિના થઈ છે. સરકારના આ પગલાંને બંધ કરવા અને ન્યાય માટે કાનૂની હસ્તક્ષેપની માગ.
કેસની આગલી સુનાવણી 3 ઑક્ટોબરે.
#Gujarat#Somnath#Justice #LegalAction
Jamiat Ulama-e-Hind's Gujarat unit has filed a petition in the Gujarat High Court against the illegal demolition of nine mosques and shrines near Somnath temple. The action, taken without notice, is seen as a violation of Muslim rights. The next hearing is on October 3. जमीयत उलेमा-ए-हिंद की गुजरात इकाई ने सुमनात मंदिर के पास नौ मस्जिदों और दरगाहों के अवैध ध्वस्त होने के खिलाफ गुजरात हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। यह कार्रवाई बिना नोटिस के की गई, जिसे मुसलमानों के अधिकारों का उल्लंघन माना जा रहा है। अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को होगी। #न्यायसबकेलिए