महिंद्रा थार गाड़ी से कुछ दुर्घटना हो गई
तुरंत मौलवी मौलानाओं की भीड़ इकट्ठा हो गई
एक मौलवी द्वारा थार में आग लगाई जा रही है
पुलिस वाले थार को बचाने का कोशिश करते हैं
तभी मौलानाओं की भीड़ पुलिस पर हमला करती है
मारो मारो और गाली गलौज होता है
सोचिए, यही लोग भारत में डरे हुए मुस्लिम हैं?
रजौली अम्बेडकर छात्रावास में बोला जा रहा है:
"यहां राधे-राधे नहीं चलेगा! जय भीम -जय संविधान चलेगा!"
सोच लीजिए,
हिन्दू देश में अब लोगों को भगवान का नाम लेने पर भी पाबंदी लगाई जा रही है!
और ये सब हिन्दू-विरोधी सोच को सर चढ़ाने से हो रहा है!
सड़कों पर हजारों लोग उतर आए। लेकिन असली सवाल ये है:
क्या भारत की शिक्षा व्यवस्था में समान अवसर और योग्यता के बीच सही संतुलन है?
अपनी राय कमेंट में लिखिए। 👇
आज प्रधानमंत्री जी ने णमोकार मंत्र के महत्व पर प्रकाश डाला। पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ जी ने भी बताया कि वे न्यायालय जाने से पहले णमोकार मंत्र का स्मरण करते थे। माँ अंबिका और माँ वाग्देवी, दोनों को माँ सरस्वती के विभिन्न स्वरूप माना जाता है। हमारी आध्यात्मिक परंपराओं का मूल भाव एक है, केवल आराधना के स्वरूप भिन्न हैं।
आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर बिहार के कई सामाजिक संगठनों ने क्रांतिकारी भरत तिवारी जी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किया।
बिहार सरकार तत्काल दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करें। और भरत तिवारी जी के परिवार को न्याय दें।
मित्रो महादलित समाज की यही वह साहसी शेरनी बहन हैं, जिन्होंने शहीद भारत तिवारी को न्याय दिलाने के लिए निडर होकर अदालत में गवाही दी।
इन्हें देखकर विश्वास होता है कि आज भी इंसानियत और मानवता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
उन्होंने भावुक होकर कहा, "मैं भारत तिवारी जी का एहसान कभी नहीं भूल सकती। उन्होंने हमारे समाज के लिए जो किया, वह शायद कोई और नहीं कर पाता।"
ऐसी बहादुर बेटी और बहन हर समाज को मिले।
अन्याय के खिलाफ सच का साथ देना सबसे बड़ा साहस है।
आज मुझे गर्व है कि मैं आपको अपनी बहन कहकर संबोधित करता हूँ।
ईश्वर आपको हमेशा सुरक्षित, स्वस्थ और सम्मानित रखें।
सच्चाई और न्याय की इस लड़ाई में आपका साहस हमेशा याद रखा जाएगा। ❤️🙏
जब आरक्षण के विरोध में आदरणीय जठेडी जी ने आमरण अनशन किया था तब कितने सवर्ण उनके अनशन स्थल तक गए थे ??
आज देश द्रोही कॉकरोचों के लिए आंसू बहाने वाले सवर्ण जवाब अवश्य दें।
इस मामले में दूर रहो, बजने दो दोनों में बस यही समय की मांग है।
उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण होना ही अपराध है।
बलिया में गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज, परिवार का कहना है ब्राह्मण होने की सजा मिल रही है।
हल्दी थाना क्षेत्र में शंभ्रांत परिवार से ताल्लुक रखने वाले अजीत चौबे के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद सियासी और सामाजिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। चौबे परिवार का आरोप है कि आगामी स्थानीय चुनाव में पत्नी को चुनाव लड़ाने की तैयारी के चलते उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
परिवार के अनुसार अजीत चौबे पारिवारिक रंजिश से जुड़े कुछ पुराने मुकदमों में 16 साल तक जेल में रहे। न्यायपालिका से जमानत मिलने के बाद वे बाहर आए थे।
आरोप है कि 4 बजे सुबह हल्दी थाने की पुलिस ने उन लड़कों को उनके घर से उठाया जिनका नाम चौबे जी ने पहले कभी नहीं सुना था। सुबह 4:30 बजे कुछ युवकों को हिरासत में लिया गया और 5 बजे अजीत चौबे के घर दबिश दी गई। इसी दौरान सभी 8 लोगों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
परिवार का कहना है कि मुकदमे में नामजद सभी 8 लोग ब्राह्मण और भूमिहार ब्राह्मण समाज से हैं। इसी आधार पर उन्होंने आरोप लगाया है कि जाति के कारण उन्हें टारगेट किया जा रहा है।
अजीत चौबे के परिजनों ने कहा कि उनका परिवार स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा रहा है। उनके बाबा ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। अब उसी परिवार को अपनी ही पुलिस और प्रशासन से प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि अजीत चौबे आगामी चुनाव में अपनी पत्नी को मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे थे। परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अभी तक हल्दी थाना पुलिस या बलिया प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के पीछे पुलिस ने किन तथ्यों और पुराने मुकदमों का हवाला दिया है, इसकी पुष्टि होना बाकी है।
घटना के बाद क्षेत्र में ब्राह्मण समाज के कुछ संगठनों ने बैठक कर मामले को गंभीरता से उठाने की बात कही है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए और जांच के बाद ही कोई निष्कर्ष निकाला जाए।
जिन भगवान का नाम लेकर BJP 2 सांसदों वाली पार्टी से कभी 300+ सांसदों वाली पार्टी बनी।
जिन भगवान का नाम लेकर BJP आज कई राज्यों में सत्ता में है।
उन्ही भगवान को BJP गठबंधन की सरकार में मंत्री जीतन राम मांझी कह रहे हैं कि “बेकार है भगवान का नाम लेना”….अभी कोई दूसरा बोला होता तो सब उछल-कूद करते। लेकिन इस पर चुप्पी क्यों?
जीतन इसके पहले भी देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी कर चुके हैं। भगवान को लेकर हमारी आस्था सेलेक्टिव नहीं हो सकती….
NEET के नाम हुए जंतर मंतर पर आंदोलन हिंदू विरोधी और ब्राह्मण विरोधी बदलने मे कतई देर न लगी।
दरअसल बात यह है कि आंदोलन इसीलिए सफल नहीं हो पाते हैं क्योंकि वहां भगवान और हिंदुत्व का विरोध होने के साथ साथ ब्राह्मणवाद का विरोध होने लगता है।
इस बार अभिजीत दीपके के साथ काफी लोग खड़े थे जो भाजपा की नीतियों से त्रस्त थे चाहें वह हिंदू होते या मुस्लिम या सिख या बौद्ध।
लेकिन वहां राम की अस्मिता, ब्राह्मणवाद मुर्दाबाद और नीली क्रांति, ब्लू रंग इज माइ कलर कहकर इस आंदोलन को कमजोर कर दिया गया, इससे अब जो इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए मेहनत कर रहे थे उनको एजेंडा साफ समझ आ गया।
धर्मेंद्र प्रधान हों, या अश्विनी वैष्णव या फिर नितिन गडकरी यह तीनो केंद्रीय मंत्री अपने इतिहास काल के लिए सबसे नाकारा मंत्री साबित होंगे।
25 तारीक को जन्मदिन है, मेरे मित्र मंडली के लोग इस बार मेरी बलि देना चाहतें हैं बोल रहे हैं रंगारंग कार्यक्रम करेंगे।
हमने कहा घर वाले जान जाएंगे तो घर में नहीं घुसने देंगे, एक मित्र बोला मैरिज लॉन बुक कर लेंगे।
मैने कहा नहीं यार खाली दावत खाओ फोटो खिचाओं घर जाओ, एक मित्र नाराज हो गया।
अब समझ नहीं आ रहा है क्या करूं?
मित्रों की भारी डिमांड है कि मैरिज लॉन बुक करके वहीं खाना बने वहीं शाम को रंगारंग कार्यक्रम में आर्केस्ट्रा हो।
@khuchrep इतनी नीच और गिरी हुई सरकार आज तक नहीं देखी। कोरोना second phase में हुई गड़बड़ी का ठीकरा इन्होंने Dr Harshvardhan पर फोड़ दिया धा जबकि हमारे प्रधान सेवक को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी।
अब @dpradhanbjp को हटाने में क्या समस्या आ रही है?
जंतर मंतर में भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुंग को पुलिस अस्पताल लेकर जा रही है।
ये पहल अच्छी है, लेकिन उससे भी बेहतर होता है कि कोई मंत्री आता या प्रधानमंत्री जी खुद आते और उनका अनशन तुड़वाते।
खैर इतनी संवेदना की उम्मीद इस सरकार से करना बेफिजूल है।
ओरिजनल जैनी मेरा कभी विरोध नहीं करता,समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के वे छुट्भैये नेता जिनको आज कोई पूछ न रहा वे मुंझे टारगेट कर फेमस होना चाहते है
सावधान मांस मटन मदिरा पान करनेवाले इन फर्जी जैनियों से........
बिना हेलमेट... जुर्माना 1000/-
नो पार्किंग में पार्किंग करना... जुर्माना 3000/-
मोटरसाइकिल का बीमा नही ... जुर्माना 1000/-
शराब पी कर वाहन चलाना... जुर्माना 10000/-
नो एंट्री में वाहन चलाना... जुर्माना 5000/-
मोबाईल फोन पे बात करना... जुर्माना 2000/-
प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं... जुर्माना 1100/-
ट्रिपल सीट ड्राइविंग... जुर्माना 2000/-
1-खराब सिग्नल... कोई जिम्मेदार नहीं है!
2-सड़क पर गड्ढ़े... कोई जिम्मेदार नहीं है!
3-अतिक्रमित फुटपाथ... कोई जिम्मेदार नहीं है!
4-सड़क पर रोशनी नहीं... कोई जिम्मेदार नहीं है!
5-सड़क पर कचरा बह रहा है...कोई जिम्मेदार नहीं है!
6-सड़कों पर लाइट के खंभे नहीं... कोई जिम्मेदार नहीं है!
7-सड़क के मेनहोल में गिर के मर जाये...कोई ज़िम्मेदार नहीं!
8-महीनों से खुदी सड़क ... कोई जिम्मेदार नहीं है!
9-गड्ढों में गिर कर आप गिरो चोटिल हो जाएँ... कोई जिम्मेदार नही है!
10-आवारा गायें जानवर टकरा जाए कुत्ता काट ले... कोई जिम्मेदार नहीं!
11-सड़कों में उफनाते नाले... कोई जिम्मेदार नहीं!
ऐसा लगता है कि जनता ही एकमात्र अपराधी है और जुर्माना देने के लिए उत्तरदायी है। प्रशासन, निगम और सरकार कोई जिम्मेदार नहीं है। उनके लिए कोई नियम लागू नहीं होते हैं। वे किसी भी चूक के लिए कभी ज़िम्मेदार नहीं हैं।
क्या उन्हें दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए ????
नागरिक केवल काम करेंगे... दर्द का सामना करेंगे... टैक्स चुकाना होगा... जुर्माने का भुगतान करेगा... सरकार की जेब भरें... और उन्हें फिर से सत्ता में आने के लिए वोट दें !
@BhaiPreetSingh भाई प्रीत सिरोही का नाम जिसे बुरा लगे वो देशद्रोही चुल्लू भर पानी में डूब जाये। राष्ट्रभक हिन्दू धूजा वाहक, भारत भूमि रक्षक भाई प्रीत सिरोही जिंदाबाद 🚩🚩🚩
मुझे ये पुरानी वीडियो डालनी नहीं थी
लेकिन सिर्फ इस लिए डाली है
ताकि लोगो को पता चले कैसे गिरी है दरगाह
लोगो को भले हमारा नाम लेने में तकलीफ़ हो लेकिन हम फिर भी लड़ते रहेंगे
27 को अगली शुभसूचना देंगे