सरकार को एक टीचर के आंशू नहीं दिखेंगे,वो रो रहा है, कर्ज में डूबा है, 100,200 कर्मचारियों का घर चलाता था वो लेकिन सरकार ने सिर्फ इसलिए उसकी कोचिंग सील कर दी क्योंकि उसने अभ्यर्थियों के लिए पेपर लीक पे शांति पूर्वक कैंडल मार्च किया । सभी को इनकी मदद करनी चाहिए। #up@yadavakhilesh
बिहार से यूपी में आया ये भाजपा नेता जो यूपी का मंत्री बना बैठा है, यूपी के परिवहन विभाग को लूटकर पैसा बलिया और बिहार के अपने घरों में जमा कर रहा है, ये झूठहा सरेआम मंच से अफवाह फैलाने का दुष्प्रयास कर रहा था लेकिन इसकी हिम्मत नहीं हुई कि सपा नेता के चैलेंज को स्वीकार कर सके
यही भाजपा नेताओं का असल चरित्र है
बृजेश मिश्रा- हनुमान गढी पर नामज का क्या मामला है
वीरेन्द्र सिंह- बात सन 2003 की है तब हनुमान गढी के महन्त ज्ञान दास जी थे
और उन्होने सामाजिक सौहार्द बढाने के लिए रमजान महीने मे हनुमान गढी मे रोजा इफ्तार कराया था
तो ये महन्त ज्ञान दास का आयोजन था सपा का इससे कोई लेना देना नही था
हिन्दू-मुश्लिम एकता को बढाने के लिए ये आयोजन किया गया था
CM योगी इस मामले को राम मंदिर चोरी की काट में मंच से मुद्दा बनाने की पूरी कोशिश कर रहे है पर सफल नही हो पा रहे
तो ये मुद्दा है 23 साल पहले का, अब 23 साल बाद जिन्न फिर जिन्दा हुआ है 🤪🤣
इस सरकार में हिन्दू-मुस्लिम तो आपने खूब सुना होगा, अली-बजरंगबली भी आपने सुना, शमशान-कब्रिस्तान भी आपने सुना अब नमाज-पूजा की बात भी आई है !!
अम्बेडकरनगर : SP महिला सभा प्रदेश अध्यक्ष ने मारा तंज
➡सीमा राजभर का ओपी राजभर पर तंज
➡‘ओपी राजभर हल्के नेता, माहौल खराब कर रहे’
➡भाजपा के इशारे पर काम कर रहे OP
➡राजभर समाज के युवाओं को गुमराह कर रहे
➡सपा सरकार आने पर किसानों का कर्ज माफ- राजभर
➡90 दिनों के अंदर माफ किया जाएगा कर्ज- सीमा
#AmbedkarNagar #SeemaRajbhar
श्री सोनम वांगचुक जी से हमारा अति विनम्र आग्रह और सविनय अपील है कि वो अपना अनशन तोड़ दें। उनका जीवन समस्त विश्व के लिए अनमोल है क्योंकि उसमें मानवता और पर्यावरण के लिए उतनी ही प्रतिबद्धता है जितनी की लोकतंत्र के लिए।
जिस भाजपा सरकार को जगाने के लिए वो आमरण अनशन पर हैं वो तो एक सिद्धांतहीन, भ्रष्ट तंत्र है, उसकी असंवेदनशीलता और हृदयहीनता में किसी के भी त्याग का कोई महत्व नहीं है अत: भाजपाइयों से सदाचार और हृदय-परिवर्तन की कोई भी अपेक्षा निरर्थक है। भाजपाइयों के लिए किसी के जीवन का कोई भी मोल नहीं है। उनके लिए धन ही प्रधान है। वो भ्रष्टाचार से कमाए पैसों के घमंड में चूर हैं। उनमें बदलाव की आशा करना ही व्यर्थ है। जिनमें अहंकार होता है उनमें परिष्कार नहीं होता। ‘सत्याग्रह’ का महत्व वो क्या जानें जो ‘सत्ताग्रह’ के लालच में मंदिर तक लूट ले रहे हैं। उन्हें न युवाओं के भविष्य से कुछ लेना-देना है, न उनके माता-पिता और अन्य परिजनों के सपनों से, वो तो ख़ुदगर्ज़ लोग हैं।
लोकतंत्र का गला घोंटनेवाली महापापी-अधर्मी भाजपा और उसके भूमिगत अपंजीकृत संगी-साथियों के गिरोह को हराने और सदैव के लिए हटाने के लिए आपके मनोबल और नैतिकता की महाशक्ति हर सच्चे भारतीय की प्रेरणा बनती रहे और आप देशवासियों, युवाओं, लोकतंत्र और पर्यावरण के संघर्ष के लिए नकारात्मक ताक़तों के ख़िलाफ़ सदैव प्रकाश स्तंभ बने रहें, यही हम सबकी चाह है और प्रार्थना भी।
@Wangchuk66
मेरठ के सेन्ट्रल मार्केट के व्यापारियों के आंसू अभी सूखे भी नहीं थे कि अब माधवपुरम के निवासियों को भी नोटिस मिल गया है!
मेरठ के हजारों परिवार बुल्डोजर के भय में जी रहे हैं!
@yadavakhilesh जी, कृपया मेरठ को बचा लीजिये!
ब्रेकिंग न्यूज़। वाराणसी।
"बूढ़ा-बूढ़ी ब्राह्मण बहुत परेशान हैं भईया..." बीमार शिक्षक की पत्नी का दर्द भरा बयान, बीजेपी नेता पर 50 करोड़ की जमीन हड़पने का आरोप
"मैं बहुत बीमार हूं। चल-फिर नहीं पाते। ऊंचा भी सुनाई देता है। मुझे कहा गया आयुष्मान कार्ड बनवा देते हैं, उसका साइन कराने रजिस्ट्री दफ्तर के गए। कहे कि यहीं अंतिम साइन होना है, उसके बाद पांच लाख का इलाज का कार्ड बनेगा। कुछ हफ्तों बाद पता चला मेरा घर लिखवा लिए। हम बूढ़ा-बूढ़ी ब्राह्मण बहुत परेशान हैं भईया।"
यह दर्द भरा बयान है वाराणसी के मोहनसराय निवासी प्रमिला मिश्रा का, जिनके सेवानिवृत्त शिक्षक और किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे पति ओमप्रकाश मिश्रा की करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की पुश्तैनी जमीन बीजेपी उपाध्यक्ष वाराणसी सुरेश सिंह ने धोखे से हड़प ली गई। यह बयान अब सामने आने के बाद पूरे मामले ने और तूल पकड़ लिया है। पूरा मामला: बीजेपी जिला उपाध्यक्ष समेत 10 पर FIR दर्ज। इस मामले में भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुरेश कुमार सिंह समेत 10 लोगों के खिलाफ रोहनिया थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
कैसे रची गई साजिश:7 अप्रैल 2026 को डायलिसिस के बाद अर्धचेतन अवस्था में ओमप्रकाश मिश्रा को गंगापुर उपनिबंधन कार्यालय ले जाया गया। वहां चंद मिनटों के भीतर पहले 660 वर्गमीटर जमीन का बैनामा, फिर दो दानपत्रों के जरिए करीब 65 बिस्वा भूमि और एक व्यावसायिक गोदाम आरोपियों के नाम दर्ज करा लिए गए और उसी रात संपत्ति आगे बेच भी दी गई। आरोप है कि पीड़ित का मोबाइल नंबर और पेंशन खाते से जुड़ा नंबर भी बिना जानकारी बदल दिया गया था।
न्याय की गुहार: ओमप्रकाश मिश्र और प्रमिला मिश्रा का कहना है कि उन्होंने पहले थाने, पुलिस कमिश्नर और स्पीड पोस्ट तक शिकायत भेजी, पर कार्रवाई न होने पर CJM कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके आदेश पर अब FIR दर्ज हुई है।
आरोपी का पक्ष: भाजपा नेता सुरेश सिंह ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि यह मामला चाचा-भतीजे के आपसी विवाद का है। भतीजे को दान में मिली जमीन उन्होंने वैध तरीके से खरीदी है।
#Varanasi #CrimeNews
आज के जो भी नेता हैं या नेता बनना चाहते हैं उन्हें राजनीति करना शिवपाल सिंह यादव चाचा जी से सीखना चाहिए।
लोगों से मिलना कैसे है, कैसे बात करनी है, कितना सम्मान देना है चाचा जी के व्यवहार में ये सारी चीजें दिख जाएंगी।
आज के नेता राजनीति कम करते हैं उनकी कूटनीति ज्यादा चलती है इसलिए लोगों को उतना सम्मान नहीं मिल पाता।
लेकिन पुराने जितने भी नेता हैं उनमें एक अच्छे और सच्चे नेता की छवि थी जो आज भी दिख रही है
और यही सारे गुण राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी में भी हैं, जो उन्होंने अपने अभिभावकों से सीखे हैं।
सपा प्रमुख श्री अखिलेश यादव जी के चाहने वाले और समर्थकों के इस प्यार, विश्वास और कामना को अवश्य पूरा करेंगे भगवान
समाजवादी सरकार बनाकर हम समाजवादी जनहित के कार्य करेंगे
‘चढ़ावा-चंदा-दान’ चोरी खुलने के बाद भाजपा बदहवास हो गई है। वो जनता का ध्यान भटकाने के लिए बचकानी हरकतें कर रही है। इससे जनता में भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों के ख़िलाफ़ गुस्सा और बढ़ता जा रहा है। भाजपाइयों की नकारात्मक सोच का छोटापन दिन-पर-दिन बढ़ता जा रहा है। एक दल के रूप में भाजपा में अब कोई आत्मा नहीं बची है। शरीर पर ‘धर्म-धन चोरी’ के अनगिनत असाध्य ज़ख़्म उभर आए हैं। भाजपा राजनीतिक रूप से विक्षिप्तावस्था में चली गई है। सब अपने को बचाने में लगे हैं।
भाजपा ख़त्म!
#CC_to_CC
बेहद शर्मनाक और निंदनीय बयान
आदरणीय श्री @Satishmahanaup जी को ऐसे बयानों से बचना चाहिए
विधानसभा अध्यक्ष पद की गरिमा अनुरूप उन्हें बयान देना चाहिए, जनभावना के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ बिष्ट तो अयोग्य हैं, अज्ञानी हैं, अहंकारी हैं, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष महोदय तो अनुभवी हैं, उन्हें तो ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था, या ये भाजपाई संस्कार हैं जो मुंह से निकल पड़े?