अप्रिय चाटूकार एंकर्स और एडिटर्स ,
अगर रीढ़ में हड्डी का सुई बराबर टुकड़ा भी कहीं बचा हो तो एक बार मोदी जी से पूछो कि #ElectoralBond के नाम पर ये खेल क्यों चल रहा था ?
सुप्रीम कोर्ट के पाँच जजों की पीठ को क्यों कहना पड़ा कि ये असंवैधानिक है. बंद करो इस #ElectoralBonds को .
क्यों कहना पड़ा कि हिसाब दो कि किसने कितने पैसे दिए और दुनिया के सामने सार्वजनिक करो .
क्यों सरकार इस गोरखधंधे को जारी रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दलीलें दे रही थी .
अगर नहीं पूछ सकते तो मत कहो कि पत्रकार हो .
अरे अगर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद भी इतनी हिम्मत नहीं कि अपने आका या काका ( मोदी जी और शाह ) से सवाल पूछ सको तो फिर काहे
पत्रकारिता के लबादे में बैठे हो .
चुल्लू भर पानी में .........
रिक्त स्थानों की पूर्ति ख़ुद कर लो .
#SupremeCourtofIndia
#CJIChandrachud
#चुनावीबॉण्डस्कीम
शंभू बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी गुरदासपुर के सरदार ज्ञान सिंह की मौत बेहद दुखद समाचार है। श्रद्धांजलि!
सुप्रीम कोर्ट भाजपा से इलेक्टोरल बॉन्ड के साथ-साथ किसान आंदोलनों में हुई किसानों की मौत का हिसाब भी माँगे।
जीवन देनेवाले का जीवन लेनेवाले लोगों का अब अंत समय आ गया है।
#नहीं_चाहिए_भाजपा
प्रिय किसान-मज़दूर भाइयों
‘इलेक्टोरल बॉन्ड’ को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा असंवैधानिक घोषित किये जाने से किसान आंदोलन के अंदर एक नई ऊर्जा आई है क्योंकि इन तथाकथित राजनीतिक चंदों के नाम पर जो लोग पिछले दरवाज़े से भाजपा की हथेली गरम करके खेती-किसानी से जुड़े कारोबारों पर क़ब्ज़ा करके अपना व्यापारिक स्वार्थ साधना चाहते थे, अब वो भाजपा को चंदा नहीं देंगे। भाजपा पैसे के लालच में गाँव, ग़रीब, किसान, मज़दूर का जो हक़ मार रही थी, वो सब अब धीरे-धीरे ख़त्म होगा।
अब ये बात किसानों-मज़दूरों व भाजपा विरोधी लोगों द्वारा देश के हर गाँव, गली, मोहल्ले तक पहुँचनी चाहिए कि ‘भ्रष्ट भाजपा’ कैसे अमीरों से पैसे लेकर आम जनता के ख़िलाफ़ साज़िश रचती है और भावनात्मक रूप से भोली-भाली आम जनता का शोषण करके अपना उल्लू सीधा करती है। पैसे लेकर सवाल पूछने के झूठे आरोपों पर जब किसी सांसद की सदस्यता जा सकती है, तो पैसे लेकर किसान-मज़दूर विरोधी नीतियाँ बनाने पर तो भाजपा के सभी सांसदों की सामूहिक सदस्यता चली जानी चाहिए।
‘दाने बाँटकर खेत लूटनेवाली भाजपा’ का मुखौटा अब उतर गया है।
जनता जीतेगी, भाजपा हारेगी!
हम सब साथ हैं!
आपका
अखिलेश यादव
ड्रोन गिराने का ये जुगाड़ देखकर दुनिया भर के तकनीक विशेषज्ञ भरत के किसानों को सैल्यूट कर रहे होंगे...ड्रोन पर भारी पतंग..पुलिस के असंविधानिक ड्रोन हमले का जवाब किसान.. ड्रोन मारक पतंग से दे रहे हैँ.. #FarmerProtest2024#FarmersProtest
ऐन वक्त पर दगाबाजी करने वालों के लिए तेजस्वी यादव चाहते तो बहुत अप्रिय और कटु शब्दों का प्रयोग कर सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया .
तेजस्वी यादव का ये अंदाज़ उन्हें आज औरों से अलग कर गया .
तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को भी आज एक तरह से छीलकर रख दिया लेकिन मर्यादा लांघे बगैर.
एक परिपक्व नेता की तरह तेजस्वी ने बहुत प्यार से नीतीश कुमार एक्सपोज कर दिया . नीतीश के जवाब में कोई दम नहीं था .
#BiharFloorTest
#BiharPolitics
#Biharpoltics
#BiharNews
भारत रत्न तो वोट लेने के लिए दिया है..बाकी किसानों के स्वागत के लिए कीलें..कटीले तार..रास्तों में खाई बनाकर तैयार कर दी गई हैं..किसान प्रेमी होना..और वोट प्रेमी होना दोनों में अंतर है..
ब्रेकिंग न्यूज़
सूत्रों के हवाले से पता चला है कि भाजपा उप्र में अपने सभी वर्तमान सांसदों का टिकट काटने जा रही है सिवाय एक को छोड़कर, लेकिन सुनने में आया है वो भी अपनी सीट बदल रहे हैं या फिर किसी सुदूर प्रदेश में एक अतिरिक्त सुरक्षित सीट ढूँढ रहे हैं।
इसीलिए भाजपा उप्र में, लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा करने की स्थिति में नहीं है क्योंकि उनके वर्तमान सांसदों ने अपनी जेबें भरने के अलावा कोई भी काम नहीं किया है। इसी वजह से जनता में भाजपा और भाजपाई सांसदों के ख़िलाफ़ बहुत गुस्सा है।। इन विपरीत हालातों को देखते हुए भाजपा में नये प्रत्याशियों की खोज जारी है लेकिन कोई भी हारने के लिए नहीं लड़ना चाहता है, इसी कारण भाजपा की तरफ़ से एक भी प्रत्याशी का नाम सामने नहीं आ पा रहा है।
भाजपा के सांसदों ने कभी अपने क्षेत्र की ओर मुड़ के नहीं देखा… उन्होंने परीक्षा दी नहीं तो रिपोर्ट कार्ड कहाँ से बनेगा… भाजपा के टिकट काटने से पहले जनता ने ही उनका नाम काट दिया है। इस बार उनके संसदीय क्षेत्र में भाजपाइयों को दाख़िला नहीं मिलेगा।
उप्र की जनता इस बार जुमलेबाजों को नहीं, सच्चा और अच्छा काम करनेवालों को चुनेगी।
अब PDA की एकता जागी
छोड़ के यूपी बीजेपी भागी!