@CMMadhyaPradesh this is Sidhi Singrauli marg to Waidhan such horrible situation of raod and life stuck in jam waste of fuel also @PMOIndia what you are doing
@CMMadhyaPradesh this is Sidhi Singrauli marg to Waidhan such horrible situation of raod and life stuck in jam waste of fuel also @PMOIndia what you are doing
The work and environmental initiatives of each winner were individually showcased during the ceremony, receiving widespread appreciation from the dignitaries present at the event.
The programme was coordinated by Shri Anuj Chaubey, Chief Law Officer, UPPCB.
"रूलिंग पार्टी के किसी भी व्यक्ति ने एक बार भी, एक बार भी महंगाई पर बोला क्या? किसी इंटरव्यू वाले ने पूछा क्या? मैं हैरान हूं कि मेरे देश के मीडिया को भी क्या हो गया है?"
- नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नेहरू और वित्त मंत्री राहुल गांधी को जवाब देना चाहिए।
@khurpenchh@CJP_2029@Cockroachisback@BBCHindi income tax refund ka paisa BJP ne election me kharcha kar diya hai aur ab de nahi paa rahe, BJP is only looting the middle class but still people thik that they will survive in this loot culture as no opposition hence BJP in India
हाँ जी बन गए विश्व गुरु? करवा ली बेइज़्ज़ती?
एक तरफ ग्लोबल लीडर बनने के बड़े-बड़े दावे और दूसरी तरफ सच यह है कि इंटरनेशनल मार्केट में भारत के खाने-��ीने के सामान पर धड़ाधड़ बैन लग रहा है!
चाइना ने GMO बताकर हमारे नॉन-बासमती चावल की 3 बड़ी शिपमेंट्स रिजेक्ट कर दीं।
जापान ने क्वालिटी स्टैंडर्ड्स फेल होने की वजह से भारतीय आमों का इम्पोर्ट पूरी तरह बंद कर दिया।
मलेशिया, सिंगापुर और नेपाल जैसे देश पहले ही हमारे नामी मसाला ब्रांड्स पर बैन लगा चुके हैं।
FSSAI की एक स्टैम्प लगाकर देश की जनता को तो कुछ भी थमा दिया जाता है लेकिन जब बाहर बेइज़्ज़ती होती है तो इसका हर्ज़ाना हमारे किसान और एक्सपोर्टर्स क्यों भुगतें?
सबसे हैरान करने वाली बात तो ये है कि इस ब्लंडर पर सिस्टम पूरी तरह आंखें मूंदे बैठा है, और अगर कोई सच बोलकर सवाल उठा दे तो उसे ��ुरंत एंटी-नेशनल का टैग दे दिया जाता है!
आखिर कब तक हम खोखली तारीफों के पीछे अपनी कमियों को छुपाते रहेंगे और हमारी इस गिरती साख की जिम्मेदारी आखिर लेगा कौन?
कच्चा तेल $108 से गिरकर $87 प्रति बैरल पर आ गया।
लेकिन पेट्रोल सस्ता होने की उम्मीद मत कीजिए।
क्योंकि यहाँ दाम बाज़ार नहीं,
सरकार की मर्ज़ी तय करती है।
तेल महँगा हो तो जनता लुटे।
क्योंकि असली खेल तेल का नहीं,
वसूली का है।
दाम बढ़ाने के सौ कारण मिल जाते हैं,
घटाने का एक भी नहीं।
जनता सिर्फ़ ATM है,
जिससे निकासी कभी बंद नहीं होती।
भाजपा रोज़ अपने ही नए आंकड़े बनाती है। नाक फुफकारते इनके मंत्री पूरे घमंड से टीवी पर हर रोज़ झूठ बोलते हैं।
जब तेल महँगा था तब कहा गया -
👉 “अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियाँ हैं”
👉 “ईरान युद्ध है”
👉 “हॉर्मुज़ संकट है”
👉 “तेल कंपनियाँ घाटे में हैं”
अब वही कच्चा तेल वापस नीचे आ रहा है।
दाम लगातार नरम पड़ रहे हैं।
तो फिर सवाल है -
जब कच्चा तेल बढ़ता है तो पेट्रोल अगले दिन महँगा कैसे हो जाता है,
लेकिन जब कच्चा तेल घटता है तो पेट्रोल सस्ता होने के रास्ते में कौन सा ट्रैफिक जाम लग जाता है?
और अगर तेल कंपनियाँ सच में घाटे में हैं,
तो इनके शेयर बढ़ क्यों रहे हैं?
घाटा सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस में होता है क्या?
जनता से कहा जाता है -
“कंपनियाँ ₹1000 करोड़ रोज़ खो रही हैं”।
फिर वही जनता पूछती है —
जब तेल $120 पर गया तब पूरा बोझ जनता पर,
अब जब नीचे आ रहा है तो राहत कहाँ है?
लगता है इस देश में पेट्रोल का नया फॉर्मूला है:
🛢️ तेल महँगा → जनता देगी।
🛢️ तेल सस्ता → पुराना घाटा वसूला जाएगा।
🛢️ तेल स्थिर → टैक्स बढ़ जाएगा।
और फिर टीवी पर बताया जाएगा —
“देखिए, सरकार ने जनता को बड़ी राहत दी है।”
इतना गणित तो ना���ा वाले भी नहीं करते होंगे,
जितना भाजपा द्वारा हर दिन नया हिसाब बनाया जाता है। 😌
वैसे एक बात और:
जब कच्चा तेल बढ़ता है तो कहा जाता है कि भारत 85% तेल आयात करता है।
लेकिन जब तेल सस्ता होता है,
तब अचानक याद आ जाता है कि
“दाम सिर्फ कच्चे तेल से तय नहीं होते।”
वाह!
नफ़ा निजी,
घाटा राष्ट्रीय,
और बिल हमेशा जनता के नाम।
दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमत में भारी गिरावट आई है,
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 88 डॉलर / बैरल हो गया है,
��े भारत के लोगों तेल की बढ़ती अंतर्राष्ट्रीय क़ीमतों का हवाला देकर जो बीते दिनों सात रूपये से ज्यादा पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ाए गए हैँ,
क्या अब तुम लोग मोदी जी से मांग करोगे कि
जब कच्चे तेल की कीमत कम हुई है,
तो भारत में भी पेट्रोल, डीजल के दाम में कम से कम दस रूपये की कमी होनी चाहिए,
What to say now what the bjp is doing
Govt removes anti-monopoly clause, Adani wins another battlefield. This time, Rs 9,700 cr FCI contracts https://t.co/k2R2JlEB3V
@BJP4UP Kewal kisano ki zamin leke defence corridor ke name pe industry ko de rahi hai show development but industry to lifetime paisa kamayegi aur kisan ko kuch rupaya de ke unka pure generation ke pet pe laat maar rahi hai, chunavi chanda ya kisaan @yadavakhilesh@khurpenchh
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@BJP4UP Kewal kisano ki zamin leke defence corridor ke name pe industry ko de rahi hai show development but industry to lifetime paisa kamayegi aur kisan ko kuch rupaya de ke unka pure generation ke pet pe laat maar rahi hai, chunavi chanda ya kisaan @yadavakhilesh@khurpenchh
एक परफार्मिंग और रिजल्ट देने वाले व्यक्ति को एक चाटुकार के लिए हटा दिया गया था, अब जनता भुगत रही है।
श्रीकांत शर्मा जी के कार्यकाल में UP का पावर सेक्टर पह��ी बार घाटे से उबरकर मुनाफे में आया था। बिजली चोरी पर लगाम लगी, गांव-गांव 18-20 घंटे बिजली पहुंची, किसानों को समय पर कनेक्शन मिले। ट्रांसफार्मर बदलने की रफ्तार और बिलिंग सिस्टम में पारदर्शिता - हर मोर्चे पर रिजल्ट दिखा।
जब श्रीकांत शर्मा जी ऊर्जा मंत्री थे तो ट्रांसफार्मर बदलने में हफ्ते नहीं, घंटे लगते थे। किसानों के ट्यूबवेल चले, बच्चों ने लालटेन छोड़ LED में पढ़ाई की। 24 घंटे बिजली का सपना हकीक��� बना था।
आज हालात सबके सामने हैं। कटौती बढ़ी है, बिलों में गड़बड़ी आम है, और अधिकारी-कर्मचारी की मनमानी सिर चढ़कर बोल रही है। जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। सुनवाई नहीं, और अधिकारी जवाब नहीं देते। सिर्फ बयानबाजी बची है।
अंधेरा छटेगा, रोशनी फिर लौटेगी-----✍���
UP को फिर उसी रिजल्ट देने वाले नेतृत्व की जरूरत है। श्रीकांत शर्मा जी, जनता पुकार रही है -
समय की मांग है कि श्रीकांत शर्मा जी को यूपी का वापस ऊर्जा मंत्री बनाया जाए, वरना बिजली व्यवस्था संभालना बड़ी मुश्किल होगा
@ptshrikant
#ShrikantSharmaWapasAao #UPPowerCrisis #UrjaMantri
@PMOIndia@CMOfficeUP@myogiadityanath UPNRLM is regularly calling the meetings & employees have to attend although bus facility is not available to reach district headquarter. Are UPNRLM running his own government in this petrol crisis no respect for @narendramodi ji @BJP4India