कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा जी @Pawankhera कहते हैं कि राममन्दिर के सभी चंदा चोरों के साथ साथ नृपेंद्र मिश्रा और उनके दिल्ली में बैठे आकाओं को भी हटा देना चाहिए।
यह बिल्कुल सच है कि चंदा चोरी की जड़ें दिल्ली तक जुड़ी हैं। सभी इस्तीफा दें तभी चंदाचोरी की सही जांच संभव है।मेरे दिमाग में यह आ रहा है कि क्या बीजेपी चंदा चोरी से चुनाव लड़ती है?
मैंने कुछ साल पहले एक सरकारी बैंक से लोन लिया था 4 लाख 69000 का.
तीन साल तक EMI समय पर दिया..कोविड आया तो 2 EMI बाउंस हुईं..मुझे बैंक द्वारा 3 हज़ार की पेनल्टी लगी..लोन पूरा भरवाया गया. कोई छुट् नहीं
लेकि इन साहब के केस में तो जबरदस्त बात हुईं
अनिल अम्बानी की RCOM पर 53 बैंको के 49000 करोड़ बकाया थे.
सबसे ज्यादा SBI का 13000 करोड़ रूपये थे
इन्होने तीन साल तक एक पैसा नहीं भरा.
NCLT ने कंपनी को दिवालिया घोषित कर दिया.
IBC यानि बैंक इंसोल्वेसी और BANKRUPTCY नियम बताकर 49000 करोड़ का लोन मात्र 455 करोड़ में सेटल कर दिया गया.
अकॉउंट को फ़्रॉड घोषित करने के बाद आम आदमी को तो पुलिस पकड़ लेतीं है.
पर बड़े लोगों को कौन पकड़े? कहने को तो Ed सीबीआई जाँच हुईं है, हो रही होगी.
आम आदमी का 490 रूपये रह जाये तो लोन क्लोज नहीं होता, यहाँ इनके 49 हज़ार करोड़ रह गए तब भी लोन क्लोज??
किसकी मेहरबानी से, नाम नहीं लिखूंगा 😊
BJP कहती है कि प्रियंक खरगे अपना मंत्रालय देखें।
सवाल यह है कि जब RSS सड़कों पर मार्च निकालता है तो उसकी सुरक्षा कौन करता है?
गृह विभाग।
और गृह विभाग अगर सुरक्षा दे रहा है तो उसे यह जानने का पूरा अधिकार है कि वह किस संगठन को सुरक्षा दे रहा है, उसकी संरचना क्या है और उसकी जवाबदेही किसके प्रति है।
देश का कानून सबके लिए समान है।
अगर राजनीतिक दल, NGO, ट्रस्ट और अन्य संस्थाएँ दस्तावेज़ दे सकती हैं, तो RSS कोई संविधान से ऊपर की संस्था नहीं है।
दरअसल BJP और RSS को दस्तावेज़ों से नहीं, पारदर्शिता से डर लगता है।
#PriyankKharge #RSS #BJP
Dear Jairam जी,
मप्र के शिवपुरी जिले में सन 1981 में Great Indian Bustard के संरक्षण के लिए 'सोन चिरैया अभयारण्य' बना था।
सन 1990 के दशक से यहां सोन चिड़िया की साइटिंग नहीं हुई। शायद 1993,94 में आख़िरी बार इस दुर्लभ पक्षी Great Indian Bustard को देखा गया था।
मप्र सरकार ने सन 2022 में इस अभयारण्य के क्षेत्र को डी नोटिफाई कर दिया।
अब देश में बहुत कम संख्या में ये दुर्लभ पक्षी होगा।
इसे बचाया जाना चाहिए।
@Jairam_Ramesh
लगावेलू तू लिपिस्टिक
हिलेले आरा डिस्टिक ..
महक सिंह तरार किस्सा बता रहे है कि दूर गांव में कुछ युवा मनोरंजन के लिए शहर से नाचने वालियों की मंडली ले आये। रोज़ देर रात से महफ़िल सजती।
नाच गाना शुरू होता। और शराब- चिलम पिये युवा सस्ते भोंडे, मादक, अश्लील, उत्तेजक नाच पर मदमस्त रहते।
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उधर गांव के कुछ आम खेतिहर लोग सारा दिन खेत में काम करने के बाद रात को चैन से सोना चाहते।
लेकिन इन इस नाच प्रेमियों, उनके ढोल ताशे लाउडस्पीकर के कोलाहल से सो ना पाते। समस्या विकट थी।
पर युवाओं से कौन उलझे।
उन्होंने सरपंच से शिकायत की।
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अगले दिन निपट आधी रात में सरपंच मोटा लट्ठ कंधे पर रख कर मज़मे में पहुँचा। साथ मे दर्जन भर बंदूकधारी। यह देखकर देखकर शोहदे सहमे, साइड में खिसकते गए। पतली गली से गायब होते गए।।
इस बीच सरपंच साहब भीड़ चीरते हुए स्टेज के नज़दीक पहुँचे। नचनियां की भी सरपंच पर नज़र पड़ी।
भय से पैर थमे, घुंघरू रुक गये।
पिन ड्राप साइलेन्स।
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सरपंच साहब ने उसकी तरफ देखा।
मुस्कुराकर बोले- तू मत रुक। तेरा काम है ये, तेरा तो किरदार है। तेरे से क्या उम्मीद
और क्या शिकायत..
तू नाच
मैं तो उन ग्रॉसरी वालो को ढूँढ रहा हूँ
जो तुझे यहां लेकर आये हैं।
★★
बुजदिल नेता के फर्जी आंकड़ो, झूठे दावों, दादागिरी, बेईमानी लूटपाट, अकर्मण्यता, मन्दिरो में चोरी, जनता से सीनाजोरी, लेकिन बड़ी ताकतों के सामने, हिहिखिखि करके लेट जाने से हमे शिकायत नही।
वो तो वही कर रहा, जो उनका काम है, चरित्र है, किरदार है। 100 साल से इनका झुंड यही तो करता आया है। इसलिए आजकल मैं
उन अंधभक्तो को खोजकर रगेदता हूँ..
जो इनको लाये हैं।
• साल 1986 में Voice of America श्रीलंका में अपना ट्रांसमीटर इंडियन कोस्ट के बगल में लगाना चाहता था, लेकिन राजीव गांधी जी ने ऐसा नहीं होने दिया
• अमेरिका ने हमारे मेहमान रहे IRIS Dena को टॉरपीडो कर डुबो दिया था, लेकिन दुर्भाग्य देखिए नरेंद्र मोदी ने ये सवाल भी ट्रंप से नहीं पूछा
• ट्रंप कह रहे थे- मोदी के PM रहते कोई भारत पर हमला करेगा तो अमेरिका मदद करेगा- ये बयान ऐसा था, जैसे हम अमेरिका की कॉलोनी हों... क्योंकि भारत ने अपने दम पर कई युद्ध जीते हैं
ये जरूरी मुद्दे थे, जो नरेंद्र मोदी को ट्रंप के सामने उठाने थे।
• मगर मोदी Melody वाली Insta Reel पर खिलखिला रहे थे और दमकती त्वचा की तारीफ सुन शर्म से लाल हो रहे थे
: AICC मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन @Pawankhera जी
📍 दिल्ली
कांग्रेस के अल्प संख्यक विभाग की बैठक मे @RahulGandhi से एक कार्यकर्ता ने कहा कि कांग्रेस छोड़ कर जो भी नेता बीजेपी जाते है और जब वो वापस आते है तो उन्हें फिर वही पद सम्मान मिलता है इससे मजबूत और वफ़ादार कार्यकर्ताओं मे निराशा होती है। इस पे राहुल गांधी ने कहा “ जो कांग्रेस में आता है उसका स्वागत है लेकिन अब उनको हम आउटसाइडर कि ही भूमिका मे रखेंगे चाहे कोई भी बड़े से बड़ा ही नेता क्यों ना हो और ये बात हरियाणा राजस्थान पंजाब सभी प्रदेशों के लिए है ।”
2 दिन पहले संसद की गृह मंत्रालय की बैठक में हरियाणा के एक सांसद ने @priyankagandhi को भी यही बात कही थी।और उनका भी जवाब कुछ ऐसा ही था!
तो अब जो नेता कांग्रेस को छोड़ कर गए फिर वापिस आ गए वो अब इशारा समझ ले।
🔸डॉ शशि थरूर की उल्टी गिनती शुरू
लगता है कि डॉ शशि थरूर की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। अब कांग्रेस पार्टी उनकी मोदी भक्ति को सहन करने को तैयार नहीं है।
मोदी का गुणगान करने वाले डॉ थरूर को कांग्रेस ने खरी खोटी सुनाई हैं।
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि -
"मेरे वरिष्ठ सहयोगी डॉ. शशि थरूर की प्रधानमंत्री मोदी के प्रति प्रशंसा अब भौतिक दुनिया की सीमाओं को पार कर चुकी लगती है।
१) अब वे मोदी द्वारा न कहे गए शब्दों को भी सुनने में सक्षम हो गए हैं।
G7 के sidelines पर मोदी-ट्रंप बैठक की आधिकारिक MEA readout के अनुसार संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा ओमान की खाड़ी में तीन भारतीय नाविकों की ठंडे खून की हत्या का कहीं कोई जिक्र नहीं है।
२)Operation Sindoor के बाद यह मोदी-ट्रंप की पहली बैठक थी, फिर भी इसमें कोई संकेत नहीं है कि मोदी ने ट्रंप के बार-बार (अब 120 बार से ज्यादा) किए गए उस दावे को चुनौती दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने व्यापारिक परिणामों की धमकी देकर भारत को ceasefire के लिए मजबूर किया था।
३)MILAN-2026 के दौरान भारत के अतिथि रहे ईरानी फ्रिगेट IRIS Dena पर हमले का भी कोई उल्लेख नहीं है, जो प्रभावी रूप से भारत के सामरिक पिछवाड़े में हुआ था।
४)
फिर भी थरूर जी ने किसी तरह ज़ोरदार दावे, मजबूत प्रतिरोध और अटल कूटनीति सुन ली, जो आधिकारिक रिकॉर्ड में कहीं दर्ज ही नहीं हुई।
शायद हम बाकी लोग साधारण मानवीय इंद्रियों तक सीमित हैं, लेकिन ‘महा-मानव मोदी’ भक्त, जितना कम वह कहते हैं, उतना ज्यादा वे सुन लेते हैं।
@Pawankhera@ShashiTharoor
शिवसेना तोड़ दी, एनसीपी तोड़ दी, AAP तोड़ दी, तृणमूल तोड़ दी, शिवसेना फिर से तोड़ दी, JDU को लगभग खत्म दिया, कांग्रेस तोड़कर दो राज्यों में सरकार गिराई, पीडीपी खत्म, अकाली खत्म, लोजपा खत्म, जेजेपी खत्म...
भाजपा पूर्ण बहुमत के बावजूद पार्टियों को क्यों तोड़ रही है?
असल में भाजपा 240 सीटों से डर गई है। वह समझ चुकी है कि जनाधार खिसक गया है। अब वे 2029 का इंतजाम कर रहे हैं कि विपक्ष में कोई मजबूत पार्टी ही न बचे। जनता के सामने कोई विकल्प न रह जाए। इसलिए बहुमत की सरकार बनने के बाजूद देश से विपक्ष को खत्म करने के अभियान पर काम चल रहा है।
देश आर्थिक संकट से जूझ रहा है, बेरोजगारी और पेपर लीक जैसी समस्या भविष्य बर्बाद कर रही है, लेकिन भाजपा सिर्फ अपनी कुर्सी के लिए काम कर रही है।
नागपुर का एक बच्चा एक महीने से NEET re-exam की तैयारी कर रहा था।
कल परीक्षा से ठीक एक दिन पहले उसने admit card डाउनलोड किया। उसका सेंटर निकला - अबू धाबी।
न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे, न अब कोई वक़्त बचा है। वो रातभर रोता रहा, और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है - क्या इस तनाव की कल्पना भी की जा सकती है?
आखिर ऐसा हुआ भी कैसे? कल किसी भी छात्र को सेंटर तक न पहुँच पाने की शिकायत नहीं होनी चाहिए। NTA असल में देश के बच्चों और उनके माता-पिता का सिर्फ़ धीरज test कर रही है।
जो system एक बच्चे को अपने ही शहर में एक centre नहीं दे सकती, उल्टा विदेश भेज सकती है - उसे परीक्षा करवाने का कोई हक़ नहीं।
कोटा में मैंने यही कहा था - यह अब शिक्षा व्यवस्था नहीं रही। यह एक पूरी पीढ़ी के पैसे, समय और मानसिक शांति की वसूली है।
हमारे बच्चों के भविष्य के साथ जुआ खेलना बंद कीजिए। वो एक संवेदनशील, ज़िम्मेदार और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा के अधिकारी हैं - और हम ये उन्हें दिलवा कर रहेंगे।
#ChhatronKiGoonj
#ChhatraJodo